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नई तकनीक से बनेंगी 71.65 किमी. सड़कें, 20 करोड़ होंगे खर्च

Tue, 14 Sep 2021 12:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 14 Sep 2021 12:15 AM IST
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development
बाराबंकी। जिले की सात सड़कों का निर्माण अब एफडीआर (फुल डेप्थ रिक्लिेमेशन) तकनीक से होगा। लगभग 20 करोड़ की लागत से 71.65 किमी. लंबी इन सड़कों के निर्माण के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनकर तैयार कर ली गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर अगले माह से निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इस नई तकनीक से बनने वाली सड़कें साढ़े पांच मीटर चौड़ी होंगी। जो सामान्य सड़कों से अलग दिखेंगी। सड़क निर्माण का काम ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को मिला है।
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प्रदेश सरकार की ओर से कुछ सड़कों का निर्माण एफडीआर तकनीक से कराने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए जिलों से प्रस्ताव मांगे गए थे। इसी के तहत जिले की सात सड़कों का प्रस्ताव इस तकनीक से सड़क निर्माण के लिए भेजा गया था। जिस पर शासन से स्वीकृति मिल गई है।
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करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से 71.65 किलोमीटर लंबी इन सड़कों का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया जाएगा। निर्माण कार्य में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की तरह की बड़ी-बड़ी मशीनों का प्रयोग किया जाएगा। हाईटेक मशीनें पुरानी सड़कों को खोदेगी। फिर नई तरीके से सड़कों का निर्माण कार्य शुरू करेंगी। पहली बार इस तकनीक की सड़कें साढ़े पांच मीटर चौड़ी बनेंगी।
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एफडीआर में इन सड़कों को किया गया शामिल
आधुनिक एफडीआर तकनीक से जिन सड़कों का निर्माण किया जाना हैं। उनमें निंदूरा ब्लॉक की रीवां-सीवां से सरसवां मार्ग 7.200 मीटर, धौरहरा पिच रोड से हाजीपुरर रसूलपुर वाया ककरिहा मार्ग 5.300 मीटर और लखनऊ-महमूदाबाद रोड से निगोहा अटहरा बजगहनी मार्ग 15.700 मीटर शामिल है।
इसके अलावा हरख ब्लॉक की भानमऊ से सलेमपुर घाट वाया बकसार 10.400 मीटर व जैदपुर से सतरिख चिनहट रोड 17 किलोमीटर, सिद्धौर ब्लॉक क्षेत्र के बाराबंकी हैदरगढ़ रोड से मल्लाहनपुरवा वाया अचकामऊ मार्ग 6.300 मीटर व कोठी से जैदपुर रोड 9.850 मीटर शामिल हैं।

10 साल तक नहीं टूटेंगी सड़कें
इस तकनीक से सड़क निर्माण में बाहर का कोई सामान नहीं लगाया जाएगा बल्कि केमिकल और सीमेंट को मिलाकर मजबूती से सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इस तकनीक से बनने वाली सड़कें कम से कम 10 साल तक नहीं टूटेंगी।
-इं. केेपी सिंह, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
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