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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Detection of intelligence system in Deva, exposed call details

देवा में खुफिया तंत्र का पहरा, खंगाली जा रही कॉल डिटेल

Thu, 09 Mar 2017 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Thu, 09 Mar 2017 11:45 PM IST
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कौमी एकता की धरती देवा एक बार फिर संदिग्धों की शरणस्थली के रूप में देखी जाने लगी है। लखनऊ में आतंकी एनकाउंटर के बाद बुधवार को सघन चेकिंग व पुराने तथ्यों के आधार पर खुफिया विभाग ने हर गतिविधि पर अपना पहरा लगा दिया है।
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स्थानीय पुलिस ने भी सुरक्षा को लेकर तैयारियां की हैं। एसपी वैभव कृष्ण ने होटलों, गेस्ट हाउस व यहां ठहरने वाले लोगों के सत्यापन के निर्देश दिए है।            
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आतंकियों के निशाने पर आने के बाद कौमी एकता का प्रतीक हाजी वारिस अली शाह की नगरी देवा में एक बार फिर पुलिस व खुफिया विभाग की सक्रियता बढ़ गई है। देवा में होटल, धर्मशला आदि में रहने वाले विदेशी नागरिकों पर भी पुलिस की पैनी नजर है।
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देवा मजार शरीफ के आसपास लगने वाली दुकानों के दुकानदारों का पुलिस वेरीफिकेशन कराया जा रहा है जिससे यहां रहने वाले लोगों के बारे में सारी जानकारी पुलिस के पास मौजूद रहे। इसके अलावा मजार गेट पर सशस्त्र पुलिस की तैनाती की गई है।            

देवा में आतंकी गतिविधि की बात उजागर होने के बाद एटीएस, एएनआई व पुलिस की सर्विलांस की टीम भी सक्रिय हो गई है। सूत्रों की मानें तो  लगे विभिन्न कंपनियों के मोबाइल टॉवर से तीन माह के अंतराल में हुए फोन काल के बारे में पता लगाया जा रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारी इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस का प्रयास है कि यदि देवा में रहकर किसी संदिग्ध ने कोई साजिश रची है, तो उसे जल्द से जल्द पता लगाया जाए।              
                
किराएदारों का सत्यापन कराने के निर्देश                              
एसपी वैभव कृष्ण ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिले में किसी भी कस्बा व शहर में रहने वाला व्यक्ति यदि अपना घर किसी को किराये पर देते हैं तो उनका यह दायित्व है कि किरायेदार का पुलिस वेरीफिकेशन कराए जाने हेतु निकटतम थाना को आवेदन देें ताकि कोई शरारती तत्व आकर घर में न रुके।

इस संबंध में सभी थाना प्रभारियों को पुलिस कार्यालय द्वारा निर्धारित फार्म उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिसको निकटतम थाना से प्राप्त किया जा सकता है।

ट्रस्ट परिसर की सुरक्षा होगी हाईटेक          
देवा (बाराबंकी)। खुफिया विभाग से मिले इनपुट के बाद सूफी संत की मजार का भीतरी निजाम का जिम्मा संभालने वाली हाजी वारिस अली शाह मसोलीयम ट्रस्ट परिसर की सुरक्षा को लेकर गंभीर दिख रही है ।

दो दिन पूर्व लखनऊ में एनकाउंटर में मारे गए आतंकी के नापाक मंसूबों के मीडिया में आने के बाद ट्रस्ट ने परिसर में आनेवाले जायरीनों व उनके सामानों की जांच के लिए स्कैनर, मेटल डिटेल खरीदने का निर्णय लिया है। साथ ही ट्रस्ट जांच व सुरक्षा के लिए एक्सपर्ट टीम को हायर करने पर विचार कर रहा है।


ट्रस्ट के मैनेजर शाद महमूद ने बताया कि परिसर की भीतरी सुरक्षा को सुनिश्चित कराने के क्रम में श्रद्धालुओं वह उनके सामान की जांच के लिए एक स्कैनर व चार मेंटल डिटेक्टर उपकरण खरीदे जाएंगे। इन उपकरणों की खरीद के लिए पुलिस व खुफिया विभाग के अधिकारियों से मदद मांगी गई है। परिसर की जांच में सुरक्षा के लिए आर्मी, पुलिस व खुफिया एजेंसी के रिटायर्ड कर्मियों को हायर किया जाएगा।
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