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थाने में फंदे से लटकता मिला दरोगा का शव, मचा हड़कंप
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फतेहपुर (बाराबंकी)। फतेहपुर कोतवाली में तैनात एक दरोगा का शव शनिवार सुबह थाना परिसर में बने आवास के बरामदे में फंदे से लटकता मिला। शव मिलने की जानकारी से थाना परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी व मृतक दरोगा के परिवार के लोग भी मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
फतेहपुर कोतवाली के हल्का नंबर 4 में तैनात सब इंस्पेक्टर वेद प्रकाश यादव आजमगढ़ जिले के थाना कंधरा के पुलभूलपर का मूल निवासी हैं। उनकी पत्नी व दो बच्चे लखनऊ में रहते हैं । 2012 बैच के दरोगा वेद प्रकाश जिले के असंद्रा थाना क्षेत्र में दिलावरपुर चौकी के इंचार्ज थे। सितंबर माह में उनका तबादला फतेहपुर कोतवाली में हुआ था।
शनिवार को भोर में पड़ोस में रहने वाले दरोगा रामनिरंजन उठे तो उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद मिला। इस पर उन्होंने दरोगा वेद प्रकाश को फोन किया। कई बार फोन करने के बाद उनका फोन नहीं उठा तो दरोगा ने थाने के दीवान को फोन कर मामले के बारे में बताया। दीवान ने दो चौकीदारों को मौके पर भेजा।
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उन्होंने पहले दरवाजा खोल कर दरोगा रामनिरंजन को बाहर निकाला। उसके बाद दरोगा वेद प्रकाश का दरवाजा खटखटाया गया। दरवाजा अंदर से बंद मिला। इस पर एक चौकीदार को पीछे की दीवार के रास्ते अंदर भेजा गया तो दरोगा का शव बरामदे में रस्सी से लटकता मिला। इसकी जानकारी से पूरे परिसर में सनसनी फैल गयी।
पूरे मामले की जानकारी प्रभारी निरीक्षक ने पुलिस के अधिकारियों व मृतक के परिजनों को दी। जिस पर लखनऊ में रहने वाली दरोगा की पत्नी, बच्चे व परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे तो कोहराम मच गया। पत्नी चंदा , बेटी ओजस्वी, अनुज्ञा व बेटे अभिज्ञ का रो रोकर बुरा हाल था। एएसपी पूर्णेंदु सिंह ने बताया दरोगा मानसिक रूप से परेशान था। मनोरोगी होने के कारण उसका इलाज लखनऊ के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर से चल रहा था। शव का पंचनामा करने के बाद पुलिस इस मामले की जांच में जुट गयी है।
दूसरों को समझाने वाले खुद मुसीबत में डाल गए
पति की मौत की सूचना पर बदहवास पहुंची पत्नी चंदा यादव पति के शव से लिपटकर चीखने चिल्लाने लगी। रो-रो कर वो यही कह रही थी दूसरों को मुसीबत में समझा-बुझाकर भरोसा दिलाने वाले न जाने क्यों मुसीबत में डाल गए। ऐसा क्या हुआ जो उन्होंने यह सख्त कदम उठा लिया। वह रोते हुए पुलिस कर्मियों से यही कह रही थी कि अभी बदन गर्म है इन्हें अस्पताल ले चलो।
लखनऊ में परिवार के साथ रहने वाली दरोगा की पत्नी चंदा ग्रहणी है। बड़ी बेटी ओजस्वी 12वीं कक्षा व इससे छोटी अनुज्ञा कक्षा 5 व सबसे छोटा पुत्र अभिज्ञ कक्षा 3 का छात्र है। फिलहाल परिजनों ने दरोगा की मौत को लेकर कोई आरोप प्रत्यारोप नहीं लगाया है। इतना जरूर कहा कि वह बीमार रहते थे और उनका इलाज चल रहा था।
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फतेहपुर कोतवाली के हल्का नंबर 4 में तैनात सब इंस्पेक्टर वेद प्रकाश यादव आजमगढ़ जिले के थाना कंधरा के पुलभूलपर का मूल निवासी हैं। उनकी पत्नी व दो बच्चे लखनऊ में रहते हैं । 2012 बैच के दरोगा वेद प्रकाश जिले के असंद्रा थाना क्षेत्र में दिलावरपुर चौकी के इंचार्ज थे। सितंबर माह में उनका तबादला फतेहपुर कोतवाली में हुआ था।
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शनिवार को भोर में पड़ोस में रहने वाले दरोगा रामनिरंजन उठे तो उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद मिला। इस पर उन्होंने दरोगा वेद प्रकाश को फोन किया। कई बार फोन करने के बाद उनका फोन नहीं उठा तो दरोगा ने थाने के दीवान को फोन कर मामले के बारे में बताया। दीवान ने दो चौकीदारों को मौके पर भेजा।
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उन्होंने पहले दरवाजा खोल कर दरोगा रामनिरंजन को बाहर निकाला। उसके बाद दरोगा वेद प्रकाश का दरवाजा खटखटाया गया। दरवाजा अंदर से बंद मिला। इस पर एक चौकीदार को पीछे की दीवार के रास्ते अंदर भेजा गया तो दरोगा का शव बरामदे में रस्सी से लटकता मिला। इसकी जानकारी से पूरे परिसर में सनसनी फैल गयी।
पूरे मामले की जानकारी प्रभारी निरीक्षक ने पुलिस के अधिकारियों व मृतक के परिजनों को दी। जिस पर लखनऊ में रहने वाली दरोगा की पत्नी, बच्चे व परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे तो कोहराम मच गया। पत्नी चंदा , बेटी ओजस्वी, अनुज्ञा व बेटे अभिज्ञ का रो रोकर बुरा हाल था। एएसपी पूर्णेंदु सिंह ने बताया दरोगा मानसिक रूप से परेशान था। मनोरोगी होने के कारण उसका इलाज लखनऊ के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर से चल रहा था। शव का पंचनामा करने के बाद पुलिस इस मामले की जांच में जुट गयी है।
दूसरों को समझाने वाले खुद मुसीबत में डाल गए
पति की मौत की सूचना पर बदहवास पहुंची पत्नी चंदा यादव पति के शव से लिपटकर चीखने चिल्लाने लगी। रो-रो कर वो यही कह रही थी दूसरों को मुसीबत में समझा-बुझाकर भरोसा दिलाने वाले न जाने क्यों मुसीबत में डाल गए। ऐसा क्या हुआ जो उन्होंने यह सख्त कदम उठा लिया। वह रोते हुए पुलिस कर्मियों से यही कह रही थी कि अभी बदन गर्म है इन्हें अस्पताल ले चलो।
लखनऊ में परिवार के साथ रहने वाली दरोगा की पत्नी चंदा ग्रहणी है। बड़ी बेटी ओजस्वी 12वीं कक्षा व इससे छोटी अनुज्ञा कक्षा 5 व सबसे छोटा पुत्र अभिज्ञ कक्षा 3 का छात्र है। फिलहाल परिजनों ने दरोगा की मौत को लेकर कोई आरोप प्रत्यारोप नहीं लगाया है। इतना जरूर कहा कि वह बीमार रहते थे और उनका इलाज चल रहा था।