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जान से खिलवाड़ , बिना फिटनेस दौड़ रहे 315 स्कूली वाहन
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बाराबंकी। अगर आपका बच्चा बस या किसी अन्य वाहन से स्कूल जाता है तो यह खबर आपको चौंका सकती है। जिले में एक तिाहाई से अधिक यानि कि 315 स्कूली वाहन बिना फिटनेस के बेलगाम दौड़ रहे हैं। इनमें दर्जनों ऐसे हैं, जिन्होंने कई सालों ने फिटनेस परीक्षण तक नहीं कराया है। गाजियाबाद हादसे में बच्चे की मौत के बाद जब एआरटीओ ने रिकार्ड खंगाले तो यह चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। अब सभी को नोटिस भेजी जा रही है। जिले में वर्तमान में 906 स्कूल वाहन संचालित हैं।
गाजियाबाद में स्कूली बस हादसे में स्कूली बच्चे की मौत होने के बाद सरकार एक्शन में है। परिवहन आयुक्त ने जिन 33 जिलों के एआरटीओ को तीन दिन में स्पष्टीकरण देने की बात कही है, उसमें बाराबंकी के एआरटीओ भी हैं। इसे लेकर एआरटीओ दफ्तर में शनिवार को स्कूली बस की फिटनेस को लेकर रिकार्ड खंगाले गए। इस दौरान जिले में स्कूलों में संचालित होने वाले 906 स्कूली वाहनों के रिकार्ड देखे गए तो 315 वाहन अनफिट मिले, इनका फिटनेस ही नहीं कराया गया।
इन 315 में से 161 बसें व 154 वैन शामिल हैं। इन वाहनों में तमाम तो ऐसे हैं, जिन्होंने सालों से एआरटीओ दफ्तर में आना मुनासिब ही नहीं समझा। कोरोना के दौरान स्कूल बंद रहे तो इन वाहनों का फिटनेस भी अधर में ही लटका रहा। एआरटीओ प्रशासन पंकज कुमार सिंह ने इसे लेकर अनफिट वाहन वाले स्कूल संचालकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। अगर नोटिस के बाद भी इन वाहनों का फिटनेस नहीं कराया गया और वाहन संचालित पाया गया तो एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
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एआरटीओ प्रशासन ने सभी स्कूल के वाहनों का फिटनेस 26 अप्रैल तक कराने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर एआरटीओ कार्यालय में 25 अप्रैल को स्कूली वाहनों के फिटनेस के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया है। 26 अप्रैल के बाद भी यदि किसी स्कूल के वाहन का फिटनेस न हुआ तो कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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गाजियाबाद में स्कूली बस हादसे में स्कूली बच्चे की मौत होने के बाद सरकार एक्शन में है। परिवहन आयुक्त ने जिन 33 जिलों के एआरटीओ को तीन दिन में स्पष्टीकरण देने की बात कही है, उसमें बाराबंकी के एआरटीओ भी हैं। इसे लेकर एआरटीओ दफ्तर में शनिवार को स्कूली बस की फिटनेस को लेकर रिकार्ड खंगाले गए। इस दौरान जिले में स्कूलों में संचालित होने वाले 906 स्कूली वाहनों के रिकार्ड देखे गए तो 315 वाहन अनफिट मिले, इनका फिटनेस ही नहीं कराया गया।
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इन 315 में से 161 बसें व 154 वैन शामिल हैं। इन वाहनों में तमाम तो ऐसे हैं, जिन्होंने सालों से एआरटीओ दफ्तर में आना मुनासिब ही नहीं समझा। कोरोना के दौरान स्कूल बंद रहे तो इन वाहनों का फिटनेस भी अधर में ही लटका रहा। एआरटीओ प्रशासन पंकज कुमार सिंह ने इसे लेकर अनफिट वाहन वाले स्कूल संचालकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। अगर नोटिस के बाद भी इन वाहनों का फिटनेस नहीं कराया गया और वाहन संचालित पाया गया तो एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
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एआरटीओ प्रशासन ने सभी स्कूल के वाहनों का फिटनेस 26 अप्रैल तक कराने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर एआरटीओ कार्यालय में 25 अप्रैल को स्कूली वाहनों के फिटनेस के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया है। 26 अप्रैल के बाद भी यदि किसी स्कूल के वाहन का फिटनेस न हुआ तो कार्रवाई शुरू की जाएगी।