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करंट की चपेट में आने से मजदूर की मौत, मुआवजे के लिए प्रदर्शन
Updated Mon, 06 Nov 2017 12:18 AM IST
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करंट से मजदूर की मौत, प्रदर्शन
माती (बाराबंकी)। देवा कोतवाली क्षेत्र के जबरीकला गांव के पास हो रहे फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान करंट की चपेट आने से एक मजदूर झुलस गया। ठेकेदार व चौकीदार उसे लेकर निजी चिकित्सक के यहां पहुंचे जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। कार्य के दौरान ठेकेदार की लापरवाही से दुघर्टना होने आरोप लगाते हुए परिवारीजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद शव रखकर मुआवजा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। दो लाख रुपये की मदद के आश्वासन के बाद परिवारीजन शांत हुए और पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
माती चौकी के जबरीकला गांव के पास फोर लेन निर्माण में चल रहा है। यहीं पर हरिकेश (37) बिजली आपरेटर के पद पर कार्यरत था। शनिवार रात करीब ग्यारह बजे जनरेटर का केबिल खराब होने के कारण हरिकेश लाइन दुरुस्त कर रहा था कि करंट की चपेट में आने से झुलस गया। ठेकेदार धर्मवीर व चौकीदार उपेंद्र आनन-फानन मेें उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भतीजे बबलू रावत ने बताया कि हरिकेश दो महीने से बिजली आपरेटर का कार्य कर रहा था। हरिकेश के परिवार में दो लड़की दीपिका (18), सोनम (12) और एक लड़का रवि (21) व पत्नी मिथलेश (35) हैं। दीपिका की आज रविवार को गोद भराई का कार्यक्रम था। मौत की सूचना पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। शव घर पहुंचने पर ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया। रविवार को ग्रामीणों व परिवारीजनों ने चिनहट शारदा नहर मार्ग पर शव रखकर हंगामा किया। परिवारीजनों ने कहा कि जनरेटर का केबिल कई दिनों से खराब था जिसको बदलवाने के लिए ठेकेदार से कई बार हरिकेश ने कई बार कहा था। करीब दो घंटे हंगामा के बाद पुलिस ने मध्यस्थता कर आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया। एसओ धनंजय सिंह ने बताया कि ठेकेदार धर्मवीर ने दो लाख रुपये देने का आश्वासन दिया है। मुआवजा की राशि से परिवारीजन संतुष्ट नहीं हुए। ठेकेदार धर्मवीर का कहना है कि सरकारी कार्य है, मुआवजा प्रशासन से दिलाया जाएगा। पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
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माती (बाराबंकी)। देवा कोतवाली क्षेत्र के जबरीकला गांव के पास हो रहे फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान करंट की चपेट आने से एक मजदूर झुलस गया। ठेकेदार व चौकीदार उसे लेकर निजी चिकित्सक के यहां पहुंचे जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। कार्य के दौरान ठेकेदार की लापरवाही से दुघर्टना होने आरोप लगाते हुए परिवारीजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद शव रखकर मुआवजा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। दो लाख रुपये की मदद के आश्वासन के बाद परिवारीजन शांत हुए और पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
माती चौकी के जबरीकला गांव के पास फोर लेन निर्माण में चल रहा है। यहीं पर हरिकेश (37) बिजली आपरेटर के पद पर कार्यरत था। शनिवार रात करीब ग्यारह बजे जनरेटर का केबिल खराब होने के कारण हरिकेश लाइन दुरुस्त कर रहा था कि करंट की चपेट में आने से झुलस गया। ठेकेदार धर्मवीर व चौकीदार उपेंद्र आनन-फानन मेें उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भतीजे बबलू रावत ने बताया कि हरिकेश दो महीने से बिजली आपरेटर का कार्य कर रहा था। हरिकेश के परिवार में दो लड़की दीपिका (18), सोनम (12) और एक लड़का रवि (21) व पत्नी मिथलेश (35) हैं। दीपिका की आज रविवार को गोद भराई का कार्यक्रम था। मौत की सूचना पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। शव घर पहुंचने पर ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया। रविवार को ग्रामीणों व परिवारीजनों ने चिनहट शारदा नहर मार्ग पर शव रखकर हंगामा किया। परिवारीजनों ने कहा कि जनरेटर का केबिल कई दिनों से खराब था जिसको बदलवाने के लिए ठेकेदार से कई बार हरिकेश ने कई बार कहा था। करीब दो घंटे हंगामा के बाद पुलिस ने मध्यस्थता कर आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया। एसओ धनंजय सिंह ने बताया कि ठेकेदार धर्मवीर ने दो लाख रुपये देने का आश्वासन दिया है। मुआवजा की राशि से परिवारीजन संतुष्ट नहीं हुए। ठेकेदार धर्मवीर का कहना है कि सरकारी कार्य है, मुआवजा प्रशासन से दिलाया जाएगा। पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
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