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Banda News: आंधी से उड़ीं खेतों में रखीं फसलें, बूंदाबांदी से गेहूं की मड़ाई ठप
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गेहूं कटवाता किसान।
- फोटो : संवाद
बांदा। तपिश के बाद गुरुवार को सुबह अचानक मौसम बदल गया। धूल भरी आंधी चली। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल उड़ गई। बूंदाबांदी से फसलों की मड़ाई बाधित हो गई। इस कारण किसान परेशान नजर आए।
आंधी से ग्रामीण इलाकों में पेड़ की डाल टूटकर गिरने से कई जगह तार टूट गए तो कहीं जंपर उड़ गए। इससे करीब छह घंटे बिजली बाधित रही। उधर, सुबह 10 बजे के बाद फिर तेज धूप निकली और दोपहर में लू के थपेड़े चले।
सप्ताह भर से पड़ रही भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं। शुक्रवार को सुबह छह बजे काले घने बादल छा गए। इस बीच आंधी चली। इससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। तिंदवारी और बबेरू क्षेत्र में बूंदाबांदी भी हुई। इस समय किसान गेहूं की फसल की कटाई और मड़ाई में जुटे हैं। जिले में करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर में गेहूं बोया गया है।
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कृषि उप निदेशक विजय कुमार के मुताबिक गेहूं की कटाई मड़ाई का कार्य करीब 50 प्रतिशत तक हो चुका है। अब पछेती गेहूं की कटाई और मड़ाई का कार्य चल रहा है। किसानों को अलर्ट किया कि जल्द से जल्द फसलों की कटाई मड़ाई कर दाना घर सुरक्षित पहुंचाएं। बताया कि मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी की है कि अगले दो-दिन तक तेज हवाओं के साथ ओले भी गिर सकते हैं। इससे फसलों का ज्यादा नुकसान हो सकता है। किसानों की दलहनी व तिलहनी फसलें मड़ाई के बाद उपज सुरक्षित घर पहुंच चुकी है।
गुरुवार को किसान गेहूं की मड़ाई की तैयारी में थे कि अचानक मौसम बदलने और तेज हवा से फसलें खेतों में दूर-दूर तक जा उड़ीं। कुछ इलाकों में गरज से साथ बूंदाबादी भी हुई है। इससे मड़ाई का कार्य बाधित हो गया है। किसानों का कहना है पूरे दिन तेज हवा चलने से मड़ाई का कार्य नहीं हो सका है। वह इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं तेज बरसा हो गई या ओले गिरे तो गेहूं की फसल तबाह हो जाएगी।
दो डिग्री गिरा पारा, पर गर्मी से राहत नहीं
सूर्य की तल्खी के कारण बुधवार को दिन का तापमान 40.5 और रात का 24 डिग्री दर्ज किया गया था। गुरुवार को मौसम बदला तो तापमान दो डिग्री सेल्सियस कम हो गया। हालांकि रात का तापमान वही रहा। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गुरुवार को अधिकतम तापमान 38 व न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सुबह 80 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलीं। पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक शुक्रवार को भी बदली व बूंदाबांदी की संभावना है। गरज के साथ ओले भी गिरने का पूर्वानुमान है। उधर, सुबह मौसम बदलने से लोगों ने गर्मी को लेकर राहत की सांस ली, पर यह राहत ज्यादा देर बरकरार नहीं रह सकी। दस बजे के बाद सूर्य ने फिर आंखे तरेरी और धूप असहनीय हो गई। दोपहर करीब एक बजे से पूर्व की तरह लू चली।
मौसम ने उड़ा दी नीं
किसान बृजेंद्र सिंह ने बताया कि अभी खेतों में दस बीघे में गेहूं की फसल खड़ी है। कटाई का कार्य चल रहा है। गुरुवार को बदले मौसम ने नींद उड़ा दी है। दो-चार दिन का और मौका मिल जाए तो दाना घर पहुंच जाए।
किसान अजय यादव ने बताया कि पहले की गेहूं की फसल तो कट गई है। अभी करीब छह बीघे में गेहूं की फसल खड़ी है। यह भी पककर तैयार हो गई है। ओले और बारिश हुई तो नुकसान होगा।
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आंधी से ग्रामीण इलाकों में पेड़ की डाल टूटकर गिरने से कई जगह तार टूट गए तो कहीं जंपर उड़ गए। इससे करीब छह घंटे बिजली बाधित रही। उधर, सुबह 10 बजे के बाद फिर तेज धूप निकली और दोपहर में लू के थपेड़े चले।
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सप्ताह भर से पड़ रही भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं। शुक्रवार को सुबह छह बजे काले घने बादल छा गए। इस बीच आंधी चली। इससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। तिंदवारी और बबेरू क्षेत्र में बूंदाबांदी भी हुई। इस समय किसान गेहूं की फसल की कटाई और मड़ाई में जुटे हैं। जिले में करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर में गेहूं बोया गया है।
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कृषि उप निदेशक विजय कुमार के मुताबिक गेहूं की कटाई मड़ाई का कार्य करीब 50 प्रतिशत तक हो चुका है। अब पछेती गेहूं की कटाई और मड़ाई का कार्य चल रहा है। किसानों को अलर्ट किया कि जल्द से जल्द फसलों की कटाई मड़ाई कर दाना घर सुरक्षित पहुंचाएं। बताया कि मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी की है कि अगले दो-दिन तक तेज हवाओं के साथ ओले भी गिर सकते हैं। इससे फसलों का ज्यादा नुकसान हो सकता है। किसानों की दलहनी व तिलहनी फसलें मड़ाई के बाद उपज सुरक्षित घर पहुंच चुकी है।
गुरुवार को किसान गेहूं की मड़ाई की तैयारी में थे कि अचानक मौसम बदलने और तेज हवा से फसलें खेतों में दूर-दूर तक जा उड़ीं। कुछ इलाकों में गरज से साथ बूंदाबादी भी हुई है। इससे मड़ाई का कार्य बाधित हो गया है। किसानों का कहना है पूरे दिन तेज हवा चलने से मड़ाई का कार्य नहीं हो सका है। वह इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं तेज बरसा हो गई या ओले गिरे तो गेहूं की फसल तबाह हो जाएगी।
दो डिग्री गिरा पारा, पर गर्मी से राहत नहीं
सूर्य की तल्खी के कारण बुधवार को दिन का तापमान 40.5 और रात का 24 डिग्री दर्ज किया गया था। गुरुवार को मौसम बदला तो तापमान दो डिग्री सेल्सियस कम हो गया। हालांकि रात का तापमान वही रहा। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गुरुवार को अधिकतम तापमान 38 व न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सुबह 80 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलीं। पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक शुक्रवार को भी बदली व बूंदाबांदी की संभावना है। गरज के साथ ओले भी गिरने का पूर्वानुमान है। उधर, सुबह मौसम बदलने से लोगों ने गर्मी को लेकर राहत की सांस ली, पर यह राहत ज्यादा देर बरकरार नहीं रह सकी। दस बजे के बाद सूर्य ने फिर आंखे तरेरी और धूप असहनीय हो गई। दोपहर करीब एक बजे से पूर्व की तरह लू चली।
मौसम ने उड़ा दी नीं
किसान बृजेंद्र सिंह ने बताया कि अभी खेतों में दस बीघे में गेहूं की फसल खड़ी है। कटाई का कार्य चल रहा है। गुरुवार को बदले मौसम ने नींद उड़ा दी है। दो-चार दिन का और मौका मिल जाए तो दाना घर पहुंच जाए।
किसान अजय यादव ने बताया कि पहले की गेहूं की फसल तो कट गई है। अभी करीब छह बीघे में गेहूं की फसल खड़ी है। यह भी पककर तैयार हो गई है। ओले और बारिश हुई तो नुकसान होगा।