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Banda News: तीन गैंगस्टरों को चार-चार साल की सजा
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-वर्ष 2014 का मामला, 12 साल बाद आया फैसला
बांदा। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीपाल सिंह ने गैंगस्टर के तीन दोषियों को चार-चार साल के कठोर कारावास व छह-छह हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। तीनों दोषसिद्ध अपराधियों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेजा गया है।
वर्ष 2014 में शहर कोतवाली में गांव कनवारा निवासी रामबहादुर सिंह उर्फ दाऊ सिंह, झील का पुरवा निवासी कल्लू सिंह व कनवारा निवासी बलराम उर्फ बल्लू के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार अभियुक्तगण संगठित रूप से गिरोह बनाकर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त थे तथा अपने और गैंग के सदस्यों के आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए अपराध करते थे। अभियोजन के अनुसार उनकी गतिविधियों से क्षेत्र में आम जनता के बीच भय एवं आतंक का वातावरण उत्पन्न हुआ। अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास और आधारभूत मुकदमों के आधार पर गैंगचार्ट तैयार किया गया तथा सक्षम प्राधिकारी से उसका अनुमोदन कराया गया। इसके वादी मुकदमा विवेकानंद तिवारी रहे। विवेचना कमलेश सिंह यादव ने की थी। इनके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, वसूली, मारपीट, गंभीर चोट, बलवा, धमकी, शस्त्र अधिनियम, गुंडा एक्ट व गैंगस्टर समेत कई धाराओं में मुकदमा किया गया था। अभियोजन के अनुसार हत्या के मामले में तीनों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है तथा संबंधित मामले में जमानत पर बाहर होने की स्थिति बताई गई।
शुरुआती मुकदमें में चार अभियुक्तों का उल्लेख था। इसमें से आवास विकास काॅलोनी निवासी सुशील सिंह की दौरान मुकदमा विचारण मौत हो चुकी है। वर्तमान मुकदमे में रामबहादुर सिंह उर्फ दाऊ सिंह, कल्लू सिंह एवं बलराम उर्फ बल्लू के विरुद्ध विचारण जारी रहा। अदालत ने बृहस्पतिवार को तीनों दोषियों को गैंगस्टर का दोषी पाया और सजा सुनाई है। संवाद
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बांदा। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीपाल सिंह ने गैंगस्टर के तीन दोषियों को चार-चार साल के कठोर कारावास व छह-छह हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। तीनों दोषसिद्ध अपराधियों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेजा गया है।
वर्ष 2014 में शहर कोतवाली में गांव कनवारा निवासी रामबहादुर सिंह उर्फ दाऊ सिंह, झील का पुरवा निवासी कल्लू सिंह व कनवारा निवासी बलराम उर्फ बल्लू के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार अभियुक्तगण संगठित रूप से गिरोह बनाकर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त थे तथा अपने और गैंग के सदस्यों के आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए अपराध करते थे। अभियोजन के अनुसार उनकी गतिविधियों से क्षेत्र में आम जनता के बीच भय एवं आतंक का वातावरण उत्पन्न हुआ। अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास और आधारभूत मुकदमों के आधार पर गैंगचार्ट तैयार किया गया तथा सक्षम प्राधिकारी से उसका अनुमोदन कराया गया। इसके वादी मुकदमा विवेकानंद तिवारी रहे। विवेचना कमलेश सिंह यादव ने की थी। इनके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, वसूली, मारपीट, गंभीर चोट, बलवा, धमकी, शस्त्र अधिनियम, गुंडा एक्ट व गैंगस्टर समेत कई धाराओं में मुकदमा किया गया था। अभियोजन के अनुसार हत्या के मामले में तीनों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है तथा संबंधित मामले में जमानत पर बाहर होने की स्थिति बताई गई।
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शुरुआती मुकदमें में चार अभियुक्तों का उल्लेख था। इसमें से आवास विकास काॅलोनी निवासी सुशील सिंह की दौरान मुकदमा विचारण मौत हो चुकी है। वर्तमान मुकदमे में रामबहादुर सिंह उर्फ दाऊ सिंह, कल्लू सिंह एवं बलराम उर्फ बल्लू के विरुद्ध विचारण जारी रहा। अदालत ने बृहस्पतिवार को तीनों दोषियों को गैंगस्टर का दोषी पाया और सजा सुनाई है। संवाद
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