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केंद्रीय विद्यालय के लिए टीम ने दोबारा देखी जमीन
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बांदा। केंद्रीय विद्यालय के लिए कृषि विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित आठ एकड़ जमीन का बृहस्पतिवार को केंद्रीय विद्यालय संगठन की दो सदस्यीय टीम ने दोबारा निरीक्षण किया। यहां आड़े आ रहे बरसाती नाले को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया।
अलबत्ता प्रशासन ने नाले का रुख मोड़ने (डायवर्जन) का भरोसा दिलाया है। केंद्रीय विद्यालय, प्रयागराज की टीम इसके पहले 22 दिसंबर 2020 को भी जमीन का निरीक्षण कर गई थी। प्रस्तावित जमीन के बीच से बरसाती नाला होने से जमीन चयन का अंतिम रूप से निर्णय नहीं हो सका। अब बृहस्पतिवार को फिर प्रयागराज केंद्रीय विद्यालय प्रधानाचार्य गोविंद दास दुबे व केंद्रीय लोक निर्माण विभाग इंजीनियर सुरेश बहादुर श्रीवास्तव ने प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया।
टीम के साथ जिला प्रशासन की ओर से नामित सदस्य अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार सिंह भी रहे। वर्ष 2017 में केंद्रीय विद्यालय के लिए कृषि विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में स्थित 8 एकड़ जमीन की स्वीकृति दी थी। तब से यह प्रक्रिया चल रही है। डीआईओएस ने बताया कि जिला प्रशासन से मिलकर फाइनल आख्या बनाई जाएगी। फिलहाल कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
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अलबत्ता प्रशासन ने नाले का रुख मोड़ने (डायवर्जन) का भरोसा दिलाया है। केंद्रीय विद्यालय, प्रयागराज की टीम इसके पहले 22 दिसंबर 2020 को भी जमीन का निरीक्षण कर गई थी। प्रस्तावित जमीन के बीच से बरसाती नाला होने से जमीन चयन का अंतिम रूप से निर्णय नहीं हो सका। अब बृहस्पतिवार को फिर प्रयागराज केंद्रीय विद्यालय प्रधानाचार्य गोविंद दास दुबे व केंद्रीय लोक निर्माण विभाग इंजीनियर सुरेश बहादुर श्रीवास्तव ने प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया।
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टीम के साथ जिला प्रशासन की ओर से नामित सदस्य अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार सिंह भी रहे। वर्ष 2017 में केंद्रीय विद्यालय के लिए कृषि विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में स्थित 8 एकड़ जमीन की स्वीकृति दी थी। तब से यह प्रक्रिया चल रही है। डीआईओएस ने बताया कि जिला प्रशासन से मिलकर फाइनल आख्या बनाई जाएगी। फिलहाल कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
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