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नौटंकी देखकर लौटे मजदूर ने फांसी लगाई
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बांदा। गांव में नौटंकी देखकर घर मजदूर ने पशुबाड़े में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजन घटना की वजह पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद होना बता रहे हैं। दशहरे के बाद उसे सपरिवार मजदूरी के लिए हरियाणा जाना था।
गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ोखर बुजुर्ग गांव निवासी रामनरेश (40) ने शुक्रवार को तड़के घर में स्थित पशुबाड़े में दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। करीब पांच सुबह पिता लल्लू बकरियां बांधने गए तो पुत्र को फंदे से लटका देखा। हंसिया से फंदा काटकर नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
भाई संजय ने बताया कि वह और रामनरेश गुरुवार की रात गांव में हो रही नौटंकी देखने गए थे। रामनरेश पैसा देकर अपनी फरमाइश के गाने बजवाता रहा। तड़के चुपचाप नौटंकी से चला आया और फांसी लगा ली। घटना के वक्त शराब भी पिये था।
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बताया कि रात को किसी बात को लेकर उसका पत्नी से विवाद हो गया था। झगड़े के बाद पत्नी आरती बगल में स्थित चाचा कमलेश के घर चली गई थी। उसकी चार पुत्रियां हैं। वह हरियाणा में मजदूरी करता था। जून में लॉकडाउन में घर लौट आया था। दशहरे के बाद उसे सपरिवार वापस हरियाणा जाना था।
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गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ोखर बुजुर्ग गांव निवासी रामनरेश (40) ने शुक्रवार को तड़के घर में स्थित पशुबाड़े में दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। करीब पांच सुबह पिता लल्लू बकरियां बांधने गए तो पुत्र को फंदे से लटका देखा। हंसिया से फंदा काटकर नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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भाई संजय ने बताया कि वह और रामनरेश गुरुवार की रात गांव में हो रही नौटंकी देखने गए थे। रामनरेश पैसा देकर अपनी फरमाइश के गाने बजवाता रहा। तड़के चुपचाप नौटंकी से चला आया और फांसी लगा ली। घटना के वक्त शराब भी पिये था।
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बताया कि रात को किसी बात को लेकर उसका पत्नी से विवाद हो गया था। झगड़े के बाद पत्नी आरती बगल में स्थित चाचा कमलेश के घर चली गई थी। उसकी चार पुत्रियां हैं। वह हरियाणा में मजदूरी करता था। जून में लॉकडाउन में घर लौट आया था। दशहरे के बाद उसे सपरिवार वापस हरियाणा जाना था।