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Banda News: बांदा-टांडा हाईवे पर हादसों के सात हॉट स्पॉट

Sat, 17 Oct 2026 01:10 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2026 01:10 AM IST
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Seven accident hotspots on the Banda-Tanda highway
फोटो 10- पहलवान बाबा आश्रम मोड़। संवाद
तिंदवारी (बांदा) । बांदा-टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। वहीं, तिंदवारी कस्बे के बीच से गुजरने वाले इस राजमार्ग पर कुरसेजा चौकी से बेंदाघाट तक कई ऐसे स्थान हैं, जहां हादसे हो रहे हैं।
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सितंबर और अक्तूबर में अब तक छह लोग जान गंवा चुके हैं और 20 लोग गंभीर घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद दुर्घटना बहुल स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
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कुरसेजा चौकी, मुंगुस गांव, जसईपुर, पहलवान बाबा आश्रम, खौंडा मोड़, भुजरख मोड़ और जौहरपुर मोड़ दुर्घटना के लिहाज से संवेदनशील हैं। इन स्थानों पर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने और रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की जरूरत है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर गिट्टी और मौरंग लदे भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। तेज रफ्तार से निकलने और आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने के दौरान अक्सर संतुलन बिगड़ने या सामने से आने वाले वाहन से टकराने का खतरा रहता है। अक्तूबर में कानपुर नगर के घाटमपुर निवासी शिवम (24), तेरही माफी निवासी धर्मेंद्र उर्फ अंशु (11) और छह अक्तूबर को फतेहपुर के गाजीपुर निवासी अमित सेंगर (25) की मौत हो गई। इससे पहले 22 सितंबर को कस्बा तिंदवारी निवासी राशिद सिद्दीकी (40) और जसईपुर निवासी महेश पटेल भी सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं।


हादसे के बाद घंटों लग रहता है जाम
राजमार्ग पर दुर्घटना होने के बाद अक्सर वाहनों की कतारें लग जाती हैं। हादसे के बाद जुटने वाली भीड़ और जाम से राहगीरों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार हादसे के बाद आक्रोशित भीड़ की वजह से स्थिति तनावपूर्ण हो चुकी है। ऐसे में दुर्घटनाएं केवल जान-माल के नुकसान तक सीमित नहीं हैं बल्कि पुलिस, यातायात और कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन रही हैं।


स्पीड ब्रेकर, संकेतक और रोशनी की कमी
स्थानीय लोगों ने दुर्घटना बहुल स्थलों को चिह्नित कर वहां सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। इन स्थानों पर गति नियंत्रित करने के उपाय, रिफ्लेक्टर वाले संकेतक और हाईमास्ट लाइट लगाई जाएं। स्कूल खुलने और छुट्टी होने के समय डायवर्जन की व्यवस्था की जाए। इससे हादसों का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। अभी इनकी कमी है। बेहतर होगा कि मोड़ पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं। वहीं, मोड़ पर स्पीड कम करने व दुर्घटना बहुल क्षेत्र के संकेतक लगाए जाएं। रंबल पट्टी बनाई जाएं।


बोले लोग-हादसे रोकने के इंतजाम हों
बांदा-टांडा मार्ग पर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर, संकेतक लगाएं जाएं। हादसे रोकने के इंतजाम किए जाएं। -विवेक सिंह, बेंदा घाट।


प्रशासन से कई बार हादसों को रोकने के लिए ठोस उपाय की मांग की गई है। इसमें दुर्घटना होने वाले स्थानों पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं।

-अभय सिंह, तिंदवारी।


बांदा-टांडा हाईवे पर होने वाली घटनाओं में कमी लाने के लिए सख्ती की जरूरत है। प्रशासन बाईपास निर्माण कराए।

-बृजेश सिंह पटेल, तिंदवारी।

वर्जन
जसईपुर, खौड़ा मोड़ और जौहरपुर मोड़ के पास हालही में एनएचएआई की ओर से काम कराया गया है। यहां पर संकेतक लगाने के साथ ही रंबल पट्टी आदि अन्य उपाय भी कर दिए गए हैं। नए स्थान अभी तक चिह्नित नहीं हो सके हैं। अगर ऐसा है तो तुरंत इसकी जांच कराकर सुरक्षा के उपाय किए जाएंगे।

-विमल कुमार, रेजीडेंट इंजीनियर, एनएचएआई।

फोटो 10- पहलवान बाबा आश्रम मोड़। संवाद

फोटो 10- पहलवान बाबा आश्रम मोड़। संवाद

फोटो 10- पहलवान बाबा आश्रम मोड़। संवाद

फोटो 10- पहलवान बाबा आश्रम मोड़। संवाद

फोटो 10- पहलवान बाबा आश्रम मोड़। संवाद

फोटो 10- पहलवान बाबा आश्रम मोड़। संवाद

फोटो 10- पहलवान बाबा आश्रम मोड़। संवाद

फोटो 10- पहलवान बाबा आश्रम मोड़। संवाद

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