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Banda News: जख्म देखकर पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर की भी कांप गई थी रूह
Tue, 09 Sep 2025 12:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। चिल्ला थाना क्षेत्र के एक गांव में तीन साल की मासूम के साथ दरिंदे सुनील निषाद ने इस तरह दरिंदगी की थी कि उन जख्मों को डॉक्टर भी नहीं टांके लगाकर सिल सके।
यह बात न्यायालय में बयान के दौरान कानपुर हैलट की पोस्टमार्टम डॉक्टर अनीता कुमारी ने न्यायालय को अपने बयान कही थी। उन्होंने न्यायालय को बताया था कि बच्ची का पोस्टमार्टम करते समय उसके शरीर के जख्मों को देखकर उनकी रूह कांप गई थी।
बच्ची के शरीर के जख्म उसके साथ हुई हैवानियत की कहानी बयां कर रहे थे। इसके अलावा फॉरेंसिक साक्ष्य जिसमें दोषी के खून से सनी शर्ट व पैंट, बर्फ रखने वाली पेटी, साइकिल और डीएनए जांच में भी दोषी के वारदात में शामिल होने की पुष्टि की थी।
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पोस्टमार्टम और मेडिकोलीगल रिपोर्ट के आधार पर ही विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा ने इस अपराध को विरल से विरतम श्रेणी में रखते हुए दोषी को जघन्य अपराध का दोषी माना है।
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बांदा। चिल्ला थाना क्षेत्र के एक गांव में तीन साल की मासूम के साथ दरिंदे सुनील निषाद ने इस तरह दरिंदगी की थी कि उन जख्मों को डॉक्टर भी नहीं टांके लगाकर सिल सके।
यह बात न्यायालय में बयान के दौरान कानपुर हैलट की पोस्टमार्टम डॉक्टर अनीता कुमारी ने न्यायालय को अपने बयान कही थी। उन्होंने न्यायालय को बताया था कि बच्ची का पोस्टमार्टम करते समय उसके शरीर के जख्मों को देखकर उनकी रूह कांप गई थी।
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बच्ची के शरीर के जख्म उसके साथ हुई हैवानियत की कहानी बयां कर रहे थे। इसके अलावा फॉरेंसिक साक्ष्य जिसमें दोषी के खून से सनी शर्ट व पैंट, बर्फ रखने वाली पेटी, साइकिल और डीएनए जांच में भी दोषी के वारदात में शामिल होने की पुष्टि की थी।
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पोस्टमार्टम और मेडिकोलीगल रिपोर्ट के आधार पर ही विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा ने इस अपराध को विरल से विरतम श्रेणी में रखते हुए दोषी को जघन्य अपराध का दोषी माना है।