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248 ग्राम पंचायतों में रखे जाएंगे प्लास्टिक बैंक
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल की ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त किए जाने की कवायद शुरू हो गई। पहले चरण में मंडल की 248 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है।
इन्हें मॉडल के रूप में पेश किया जाएगा। इन ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक बैंक (मिनी कूड़ाघर) रखे जाएंगे।
स्वच्छ भारत मिशन का यह तीसरा चरण है। सरकार ने स्वच्छ शौचालयों के बाद अब ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन पर काम शुरू कर दिया है।
इसी के तहत ग्रामीणों को प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
वहीं, प्लास्टिक से संबंधित वस्तु को जगह-जगह न फेंकने और नाली में न डालने को भी प्रेरित किया जाएगा।
शासन के निर्देश पर मंडल के चारों जिलों की 1403 ग्राम पंचायतों में गलियों और चौराहों पर रखने के लिए प्लास्टिक बैंक बनेंगे।
इसमें सिर्फ प्लास्टिक से संबंधित वस्तुएं फेंकी जाएगी। इनकी बिक्री कर ग्राम पंचायतें इससे होने वाली आय स्वच्छता पर खर्च करेंगी।
ग्राम पंचायतों में रखे जाने वाले प्लास्टिक बैंक एक तरह से मिनी कूड़ाघर होंगे। जालीदार प्लास्टिक बैंक छह फुट लंबा व दो मीटर चौड़ा होगा। इसकी वास्तविक कीमत करीब 10 से 12 हजार रुपये बताई गई है।
मंडल की चयनित मॉडल ग्राम पंचायतें
जिला ग्राम पंचायत मॉडल
बांदा 469 72
चित्रकूट 331 62
हमीरपुर 330 62
महोबा 272 52
योग 1402 248
प्लास्टिक बैंक में एकत्र होने वाले प्लास्टिक को रोजाना सफाई कर्मचारी एकत्र करेगा। बड़ी संख्या में प्लास्टिक के एकत्र होने पर ग्राम पंचायत उसे बेचकर आय अर्जित करेंगी। गांव में किसी को भी खुले में कूड़ा नहीं डालने दिया जाएगा। नियमित सफाई होंगी।
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प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्लास्टिक बैंक रखने की योजना है, लेकिन पहले चयनित मॉडल ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक बैंक रखे जाएंगे। इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।-अजय आनंद, जिला पंचायत राज अधिकारी, बांदा।
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इन्हें मॉडल के रूप में पेश किया जाएगा। इन ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक बैंक (मिनी कूड़ाघर) रखे जाएंगे।
स्वच्छ भारत मिशन का यह तीसरा चरण है। सरकार ने स्वच्छ शौचालयों के बाद अब ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन पर काम शुरू कर दिया है।
इसी के तहत ग्रामीणों को प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
वहीं, प्लास्टिक से संबंधित वस्तु को जगह-जगह न फेंकने और नाली में न डालने को भी प्रेरित किया जाएगा।
शासन के निर्देश पर मंडल के चारों जिलों की 1403 ग्राम पंचायतों में गलियों और चौराहों पर रखने के लिए प्लास्टिक बैंक बनेंगे।
इसमें सिर्फ प्लास्टिक से संबंधित वस्तुएं फेंकी जाएगी। इनकी बिक्री कर ग्राम पंचायतें इससे होने वाली आय स्वच्छता पर खर्च करेंगी।
ग्राम पंचायतों में रखे जाने वाले प्लास्टिक बैंक एक तरह से मिनी कूड़ाघर होंगे। जालीदार प्लास्टिक बैंक छह फुट लंबा व दो मीटर चौड़ा होगा। इसकी वास्तविक कीमत करीब 10 से 12 हजार रुपये बताई गई है।
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मंडल की चयनित मॉडल ग्राम पंचायतें
जिला ग्राम पंचायत मॉडल
बांदा 469 72
चित्रकूट 331 62
हमीरपुर 330 62
महोबा 272 52
योग 1402 248
प्लास्टिक बैंक में एकत्र होने वाले प्लास्टिक को रोजाना सफाई कर्मचारी एकत्र करेगा। बड़ी संख्या में प्लास्टिक के एकत्र होने पर ग्राम पंचायत उसे बेचकर आय अर्जित करेंगी। गांव में किसी को भी खुले में कूड़ा नहीं डालने दिया जाएगा। नियमित सफाई होंगी।
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प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्लास्टिक बैंक रखने की योजना है, लेकिन पहले चयनित मॉडल ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक बैंक रखे जाएंगे। इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।-अजय आनंद, जिला पंचायत राज अधिकारी, बांदा।