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Banda News: पीईटी अभ्यर्थियों को नहीं पसंद आईं रोडवेज बसें, प्राइवेट बसों की चांदी
Wed, 10 Sep 2025 01:57 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:57 AM IST
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फोटो- 08 बस स्टैंड में खड़ी रोडवेज बसें। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। पीईटी में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को समय से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए परिवहन निगम ने चित्रकूटधाम मंडल के चार डिपो की 410 बसें लगाई थीं।
हेल्प डेस्क भी बनाई थी, लेकिन परिवहन निगम अधिकारियों की मेहनत लोड फैक्टर बढ़ा पाने में नाकाम रही। जबकि प्राइवेट बसों ने जमकर चांदी लूटी। शहर के कोचिंग सेंटरों ने प्राइवेट बस से अपने-अपने अभ्यर्थी ले गए। हालांकि इसके लिए उन्हें अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ा।
पीईटी का आयोजन छह और सात अगस्त को किया गया था। इनके सेंटर प्रयागराज, आगरा आदि शहरों में बनाए गए थे।
परिवहन निगम ने अभ्यर्थियों की आवाजाही से लोड फैक्टर बढ़ाने के साथ ही आमदनी की उम्मीद की थी। इसके लिए 410 रोडवेज बसों का बेड़ा लगाते हुए हेल्प डेस्क भी लगाई गई थी, ताकि अभ्यर्थियों को आवागमन के दौरान संबंधित रूट की बस पकड़ने में परेशानी न हो। पहले दिन छह सितंबर को रोडवेज बस स्टैंड में दोपहर बाद तक सन्नाटा पसरा रहा।
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शाम को कुछ परीक्षार्थी पहुंचे और आगरा व प्रयागराज की तरफ सफर किया। दूसरे दिन सात सितंबर को भी बस स्टैंड में अभ्यर्थियों की संख्या कम ही रही। वापसी के दौरान भी अभ्यर्थियों ने रोडवेज बसों का कम ही सहारा लिया।
हालांकि आम यात्रियों की संख्या में कमी नहीं आई। अभ्यर्थियों से लोड फैक्टर में पांच या 10 प्रतिशत ही इजाफा हुआ। कुल मिलाकर परिवहन निगम की बसों में सफर करने से अभ्यर्थियों ने काफी हद तक किनारा किया।
परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश बाबू गुप्ता ने बताया कि बसों का बेड़ा लगाया गया था, लेकिन अभ्यर्थियों की संख्या नाम मात्र रही। लोड फैक्टर में इजाफा नहीं हुआ।
इधर, प्राइवेट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष सरफराज अली ने बताया कि छह और सात सितंबर को दो-दो और आठ सितंबर को एक-एक प्राइवेट बस को प्रयागराज और आगरा भेजा गया।
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बांदा। पीईटी में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को समय से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए परिवहन निगम ने चित्रकूटधाम मंडल के चार डिपो की 410 बसें लगाई थीं।
हेल्प डेस्क भी बनाई थी, लेकिन परिवहन निगम अधिकारियों की मेहनत लोड फैक्टर बढ़ा पाने में नाकाम रही। जबकि प्राइवेट बसों ने जमकर चांदी लूटी। शहर के कोचिंग सेंटरों ने प्राइवेट बस से अपने-अपने अभ्यर्थी ले गए। हालांकि इसके लिए उन्हें अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ा।
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पीईटी का आयोजन छह और सात अगस्त को किया गया था। इनके सेंटर प्रयागराज, आगरा आदि शहरों में बनाए गए थे।
परिवहन निगम ने अभ्यर्थियों की आवाजाही से लोड फैक्टर बढ़ाने के साथ ही आमदनी की उम्मीद की थी। इसके लिए 410 रोडवेज बसों का बेड़ा लगाते हुए हेल्प डेस्क भी लगाई गई थी, ताकि अभ्यर्थियों को आवागमन के दौरान संबंधित रूट की बस पकड़ने में परेशानी न हो। पहले दिन छह सितंबर को रोडवेज बस स्टैंड में दोपहर बाद तक सन्नाटा पसरा रहा।
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शाम को कुछ परीक्षार्थी पहुंचे और आगरा व प्रयागराज की तरफ सफर किया। दूसरे दिन सात सितंबर को भी बस स्टैंड में अभ्यर्थियों की संख्या कम ही रही। वापसी के दौरान भी अभ्यर्थियों ने रोडवेज बसों का कम ही सहारा लिया।
हालांकि आम यात्रियों की संख्या में कमी नहीं आई। अभ्यर्थियों से लोड फैक्टर में पांच या 10 प्रतिशत ही इजाफा हुआ। कुल मिलाकर परिवहन निगम की बसों में सफर करने से अभ्यर्थियों ने काफी हद तक किनारा किया।
परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश बाबू गुप्ता ने बताया कि बसों का बेड़ा लगाया गया था, लेकिन अभ्यर्थियों की संख्या नाम मात्र रही। लोड फैक्टर में इजाफा नहीं हुआ।
इधर, प्राइवेट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष सरफराज अली ने बताया कि छह और सात सितंबर को दो-दो और आठ सितंबर को एक-एक प्राइवेट बस को प्रयागराज और आगरा भेजा गया।