{"_id":"5dac9d508ebc3e017e52d8ab","slug":"order-for-technical-investigation-of-kanha-gaushala-banda-news-knp5210011190","type":"story","status":"publish","title_hn":"कान्हा गोशाला की टेक्निकल जांच के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कान्हा गोशाला की टेक्निकल जांच के आदेश
विज्ञापन
मटौंध में कान्हा गोशाला का निरीक्षण करते डीएम हीरा लाल।
- फोटो : BANDA
बांदा/मटौंध। लगभग पौने 4 करोड़ की लागत से बने कान्हा गोशाला में अव्यवस्था और गोबर गैस प्लांट चालू न होने पर डीएम हीरा लाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर और तत्कालीन ईओ नरेंद्र मिश्रा के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने मौके पर मौजूद ठेकेदार चंद्रशेखर गुुप्ता को गिरफ्तार कर धारा 151 में चालान कर दिया। पुलिस का कहना है कि ठेकेदार नगर पंचायत कर्मियों से झगड़ा कर रहा था। डीएम ने गोशाला की अव्यवस्थाओं पर एसडीएम सदर को जांच के आदेश दिए हैं। डीएम ने चेतावनी दी है कि जिले में कहीं भी गोशालाओं में पशु भूखे-प्यासे न रहें। न ही कोई अव्यवस्था हो।
रविवार को दोपहर बाद डीएम ने कान्हा गोशाला का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्हें बताया गया कि कान्हा गोशाला में 750 पशु खुले भाग में और 450 पशु टीन शेड में रह 2सकते हैं। हालांकि गोशाला में मात्र 303 पशु ही मिले। नगर पंचायत लिपिक ने बताया कि कुछ पशु किसानों को दे दिए गए हैं। गोशाला में बने गोबर प्लांट चालू न होने पर डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिए कि टेक्निकल कमेटी से जांच कराएं।
उधर, गोशाला का गोबर गैस प्लांट चालू न होने पर डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिए कि ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर और कार्रवाई करें। नगर पंचायत अध्यक्ष चौधरी सुधीर सिंह ने कहा कि यह गोशाला उनके कार्यकाल की नहीं है। प्लांट चालू करने के लिए सामान नहीं मिल पाया।
विज्ञापन
नगर पंचायत ईओ मौके पर उपस्थित नहीं थे। बताया गया कि वह ट्रेनिंग में लखनऊ गए हैं। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सुरजीत सिंह, टाउन एरिया चेयरमैन सुधीर सिंह, थाना उप निरीक्षक उदयवीर सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी आईएन सिंह, पशु चिकित्सक लघुचंद्र अहिरवार, पंचायत लिपिक तारिक बाबू, स्वर्ण सिंह आदि उपस्थित रहे। उधर, थाने के उपनिरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि नगर पंचायत कर्मियों से झगड़ा करने पर ठेकेदार को गिरफ्तार कर धारा 151 में चालान कर दिया गया है।
विज्ञापन
रविवार को दोपहर बाद डीएम ने कान्हा गोशाला का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्हें बताया गया कि कान्हा गोशाला में 750 पशु खुले भाग में और 450 पशु टीन शेड में रह 2सकते हैं। हालांकि गोशाला में मात्र 303 पशु ही मिले। नगर पंचायत लिपिक ने बताया कि कुछ पशु किसानों को दे दिए गए हैं। गोशाला में बने गोबर प्लांट चालू न होने पर डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिए कि टेक्निकल कमेटी से जांच कराएं।
विज्ञापन
उधर, गोशाला का गोबर गैस प्लांट चालू न होने पर डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिए कि ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर और कार्रवाई करें। नगर पंचायत अध्यक्ष चौधरी सुधीर सिंह ने कहा कि यह गोशाला उनके कार्यकाल की नहीं है। प्लांट चालू करने के लिए सामान नहीं मिल पाया।
विज्ञापन
नगर पंचायत ईओ मौके पर उपस्थित नहीं थे। बताया गया कि वह ट्रेनिंग में लखनऊ गए हैं। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सुरजीत सिंह, टाउन एरिया चेयरमैन सुधीर सिंह, थाना उप निरीक्षक उदयवीर सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी आईएन सिंह, पशु चिकित्सक लघुचंद्र अहिरवार, पंचायत लिपिक तारिक बाबू, स्वर्ण सिंह आदि उपस्थित रहे। उधर, थाने के उपनिरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि नगर पंचायत कर्मियों से झगड़ा करने पर ठेकेदार को गिरफ्तार कर धारा 151 में चालान कर दिया गया है।