{"_id":"6acbd4c3d7ea31c98703366c","slug":"lekhpals-return-to-work-faced-with-a-mountain-of-15000-applications-and-1000-complaints-banda-news-c-212-1-bnd1020-153277-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: काम पर लौटे लेखपाल, 15 हजार आवेदन और एक हजार शिकायतों का अंबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: काम पर लौटे लेखपाल, 15 हजार आवेदन और एक हजार शिकायतों का अंबार
विज्ञापन
बांदा। लेखपालों की हड़ताल खत्म होने के बाद राजस्व कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जगी है। हड़ताल के चलते जिले में 15 हजार से अधिक ऑनलाइन आवेदन लंबित हो गए थे।
इनमें करीब 10 हजार आवेदन केवल आय प्रमाणपत्रों के थे। वहीं, संपूर्ण समाधान दिवस और तहसील समाधान दिवस के अलावा जनता दर्शन में आईं करीब एक हजार शिकायतों पर भी कार्रवाई अटकी हुई थी।
शनिवार रात को लेखपालों की मांगें स्वीकार होने पर हड़ताल खत्म हो गई। रविवार को अवकाश के बावजूद लेखपाल तहसीलों में पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल हुए। सबसे पहले आपदा राहत से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। इसके तहत बारिश से गिरे मकानों और फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शुरू कराया गया।
विज्ञापन
अब लंबित प्रमाणपत्रों, भूमि विवादों और शिकायतों के निस्तारण की चुनौती है। हालांकि सर्वे में देरी होने से नुकसान का आकलन और मुआवजे की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती थी। अब काम शुरू होने से प्रभावित किसानों और परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
मांगों को लेकर लेखपाल हड़ताल पर चले गए थे। अब लेखपालों के काम पर लौटने से इन आवेदनों पर रिपोर्ट लगने और आगे की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। प्रशासन के सामने अब आपदा राहत सर्वे, प्रमाणपत्रों के आवेदनों और भूमि विवादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।
-- -
आय प्रमाणपत्रों के आवेदकों को मिलेगी राहत
जिले में 15 हजार से अधिक ऑनलाइन आवेदन लंबित होने से बड़ी संख्या में आवेदक प्रभावित हुए हैं। इनमें करीब 10 हजार आय प्रमाणपत्रों के आवेदन हैं। आय प्रमाणपत्र का इस्तेमाल विभिन्न सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति और अन्य जरूरी कार्यों में किया जाता है। लेखपाल की रिपोर्ट के बिना ऐसे कई आवेदनों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाती। सोमवार से लंबित आवेदनों पर रिपोर्ट लगाने का काम तेज होने की उम्मीद है। इससे आवेदकों को राहत मिल सकती है। इसके साथ ही भूमि संबंधी विवादों, सीमांकन और अन्य राजस्व मामलों के निस्तारण में भी तेजी लानी होगी।
-- -
वर्जन
लेखपालों की हड़ताल समाप्त हो गई है। रविवार को भी सभी लेखपालों ने तहसील पहुंचकर कार्य किया। प्राथमिकता पर आपदा राहत के कार्य किए जा रहे हैं। लंबित ऑनलाइन आवेदकों को भी तेजी से कराया जाएगा।
-दीपक त्रिपाठी, अध्यक्ष उप्र लेखपाल संघ बांदा
विज्ञापन
इनमें करीब 10 हजार आवेदन केवल आय प्रमाणपत्रों के थे। वहीं, संपूर्ण समाधान दिवस और तहसील समाधान दिवस के अलावा जनता दर्शन में आईं करीब एक हजार शिकायतों पर भी कार्रवाई अटकी हुई थी।
विज्ञापन
शनिवार रात को लेखपालों की मांगें स्वीकार होने पर हड़ताल खत्म हो गई। रविवार को अवकाश के बावजूद लेखपाल तहसीलों में पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल हुए। सबसे पहले आपदा राहत से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। इसके तहत बारिश से गिरे मकानों और फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शुरू कराया गया।
विज्ञापन
अब लंबित प्रमाणपत्रों, भूमि विवादों और शिकायतों के निस्तारण की चुनौती है। हालांकि सर्वे में देरी होने से नुकसान का आकलन और मुआवजे की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती थी। अब काम शुरू होने से प्रभावित किसानों और परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
मांगों को लेकर लेखपाल हड़ताल पर चले गए थे। अब लेखपालों के काम पर लौटने से इन आवेदनों पर रिपोर्ट लगने और आगे की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। प्रशासन के सामने अब आपदा राहत सर्वे, प्रमाणपत्रों के आवेदनों और भूमि विवादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।
आय प्रमाणपत्रों के आवेदकों को मिलेगी राहत
जिले में 15 हजार से अधिक ऑनलाइन आवेदन लंबित होने से बड़ी संख्या में आवेदक प्रभावित हुए हैं। इनमें करीब 10 हजार आय प्रमाणपत्रों के आवेदन हैं। आय प्रमाणपत्र का इस्तेमाल विभिन्न सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति और अन्य जरूरी कार्यों में किया जाता है। लेखपाल की रिपोर्ट के बिना ऐसे कई आवेदनों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाती। सोमवार से लंबित आवेदनों पर रिपोर्ट लगाने का काम तेज होने की उम्मीद है। इससे आवेदकों को राहत मिल सकती है। इसके साथ ही भूमि संबंधी विवादों, सीमांकन और अन्य राजस्व मामलों के निस्तारण में भी तेजी लानी होगी।
वर्जन
लेखपालों की हड़ताल समाप्त हो गई है। रविवार को भी सभी लेखपालों ने तहसील पहुंचकर कार्य किया। प्राथमिकता पर आपदा राहत के कार्य किए जा रहे हैं। लंबित ऑनलाइन आवेदकों को भी तेजी से कराया जाएगा।
-दीपक त्रिपाठी, अध्यक्ष उप्र लेखपाल संघ बांदा