{"_id":"6455494d4cdd7d3dd20c2d36","slug":"four-years-in-jail-and-five-thousand-fine-for-extortion-banda-news-c-12-1-217625-2023-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: रंगदारी मांगने पर चार साल की जेल और पांच हजार जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: रंगदारी मांगने पर चार साल की जेल और पांच हजार जुर्माना
विज्ञापन
बांदा। विशेष न्यायाधीश डकैती निरंजन कुमार की अदालत ने गुरुवार को रंगदारी मांगने के दोषी को चार वर्ष की जेल और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोषी ने रंगदारी नहीं देने पर पीड़ित पर फायर झोंककर जान से मारने की कोशिश की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जज ने फैसला सुनाया।
रगौली गांव निवासी जगरूप प्रसाद की तहरीर पर 16 जनवरी 2009 को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इसमें बताया था कि गांव निवासी गट्टी उर्फ मट्टी शुक्ला पुत्र शंभू शुक्ला तीन नवंबर 2008 की रात करीब 10 बजे शराब के नशे में मेरे घर के दरवाजे पर पहुंचा। गालीगलौज करते हुए आवाज लगाई। दरवाजा खोलते ही तमंचा लगाकर जान से मारने की धमकी देते हुए 20 हजार रुपये रंगदारी मांगी।
रुपये देने से इन्कार किया तो जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर झोंक दिया। गनीमत रही कि गोली से बाल-बाल बच गया। इसके बाद दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। उसने इसके बाद दरवाजे पर कई फायर झोंके। धमकी दी कि गांव में रहने नहीं दूंगा। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश डकैती निरंजन कुमार की अदालत में चली। विशेष लोक अभियोजक बसंत शिवहरे और शशिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि सुनवाई के दौरान छह गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद गुरुवार को न्यायाधीश ने मामले में फैसला सुनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
रगौली गांव निवासी जगरूप प्रसाद की तहरीर पर 16 जनवरी 2009 को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इसमें बताया था कि गांव निवासी गट्टी उर्फ मट्टी शुक्ला पुत्र शंभू शुक्ला तीन नवंबर 2008 की रात करीब 10 बजे शराब के नशे में मेरे घर के दरवाजे पर पहुंचा। गालीगलौज करते हुए आवाज लगाई। दरवाजा खोलते ही तमंचा लगाकर जान से मारने की धमकी देते हुए 20 हजार रुपये रंगदारी मांगी।
विज्ञापन
रुपये देने से इन्कार किया तो जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर झोंक दिया। गनीमत रही कि गोली से बाल-बाल बच गया। इसके बाद दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। उसने इसके बाद दरवाजे पर कई फायर झोंके। धमकी दी कि गांव में रहने नहीं दूंगा। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश डकैती निरंजन कुमार की अदालत में चली। विशेष लोक अभियोजक बसंत शिवहरे और शशिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि सुनवाई के दौरान छह गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद गुरुवार को न्यायाधीश ने मामले में फैसला सुनाया।
विज्ञापन