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Banda News: पहले एफआईआर, फिर करेंगे अंतिम संस्कार
Mon, 05 Oct 2026 11:00 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 05 Oct 2026 11:00 PM IST
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फोटो-25-नंदवारा में पूर्व मंत्री के आवास पर रखा कुसुमा देवी का शव व मौजूद महिलाएं। संवाद
नरैनी (बांदा)। नंदवारा गांव में दो सगे भाइयों की हत्या के मामले में सोमवार को नटकीय मोड़ आ गया और पीडि़त परिवार की गुहार पीछे रह गई।
अब पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल की पत्नी की मौत के बाद परिजन सपा सांसद समेत अन्य पर मारपीट व धमकी देने का आरोप लगा रहे हैं। सोमवार को परिजन ने एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया।
परिजन पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाते हुए दोपहर दो बजे के करीब शव मुख्यमंत्री कार्यालय लखनऊ ले जाने की तैयारी में जुट गए। वहीं, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अंतिम संस्कार के बाद ही कार्रवाई होगी।
पूर्व मंत्री का पुत्र महेंद्र पाल वर्मा सगे भाइयों की हत्या में नामजद है। सोमवार को परिजन मुख्यमंत्री कार्यालय शव ले जाने की मांग पर अड़े रहे। इस बीच पुलिस से भी कई बार बहस हुई। परिजन तहरीर देने का दावा कर रहे हैं, लेकिन पुलिस इन्कार कर रही है। महेंद्र पाल वर्मा के पुत्र और नंदवारा के ग्राम प्रधान देवेंद्र पाल वर्मा का दावा है कि जौनपुर से सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा समेत 13 लोगों ने तीन अक्तूबर को उसकी दादी कुसुमा देवी के साथ मारपीट व अभद्रता की थी। इसके बाद सदमे के चलते उनकी दादी की रविवार को मौत हो गई।
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परिजन ने एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। शव घर के दरवाजे के बाहर रखा रहा। परिजन का कहना था कि पहले आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए, इसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान लोधी समाज के बड़ी संख्या में लोग देवेंद्र पाल वर्मा के घर के बाहर पहुंच गए।
दोपहर करीब साढ़े तीन बजे शव ले जाने के लिए एक एंबुलेंस गांव पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस को गांव से बाहर कर दिया। मौके पर मौजूद देवेंद्र पाल वर्मा के समर्थकों और पुलिस के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। सीओ नरैनी प्रवीण यादव और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी बनी रही।
नंदवारा बना छावनी, 10 थानों का फोर्स तैनात
नंदवारा गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 10 थानों का पुलिस फोर्स गांव में तैनात किया गया। पुलिसकर्मियों को गांव की अलग-अलग गलियों, प्रमुख रास्तों और संवेदनशील स्थानों पर लगाया गया।
नरैनी, कालिंजर, गिरवां, करतल, जसपुरा, मरका, अतर्रा, मटौंध, बिसंडा और बदौसा थानों का फोर्स सुबह से ही गांव में मुस्तैद रहा। पुलिसकर्मी लगातार गांव में गश्त करते रहे और लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी। मुख्य मार्गों के साथ ही मृतका के घर के आसपास भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
पुलिस का कहना, पहले पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार फिर कार्रवाई
मामले में पुलिस का रुख अलग है। पुलिस कहा कहना है कि पहले शव का पोस्टमार्टम कराया जाए। इससे यह साफ हो जाएगा कि आखिर कुसुमा देवी की मौत का कारण क्या है। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार करें। अगर पोस्टमार्टम में किसी चोट के कारण मौत की बात सामने आती है तो एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
अंडरग्राउंड है हत्या में नामजद आरोपी महेंद्र पाल वर्मा
इस पूरे प्रकरण में सगे भाइयों की हत्या में नामजद पूर्व मंत्री का पुत्र महेंद्र पाल वर्मा अंडरग्राउंड है। उसके द्वारा लगातार वीडियो जारी किए जा रहे हैं। सबसे पहले हत्या के मामले में फंसाने के लिए जौनपुर से सांसद बाबूसिंह कुशवाहा व उनके भाई पर आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। वहीं दूसरा वीडियो रविवार को मां कुसुमा देवी की मौत के बाद जारी किया था। इसमें जौनपुर सांसद समेत अन्य पर घर में घुसकर मां के साथ मारपीट व धक्का-मुक्की करने के आरोप लगाए थे।
वर्जन
परिजन वृद्धा की मौत के मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं। परिजन से पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई होगी। अब तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस गांव में तैनात है, मौके पर सीओ नरैनी भी मौजूद हैं।-पलाश बंसल, एसपी
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अब पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल की पत्नी की मौत के बाद परिजन सपा सांसद समेत अन्य पर मारपीट व धमकी देने का आरोप लगा रहे हैं। सोमवार को परिजन ने एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया।
परिजन पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाते हुए दोपहर दो बजे के करीब शव मुख्यमंत्री कार्यालय लखनऊ ले जाने की तैयारी में जुट गए। वहीं, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अंतिम संस्कार के बाद ही कार्रवाई होगी।
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पूर्व मंत्री का पुत्र महेंद्र पाल वर्मा सगे भाइयों की हत्या में नामजद है। सोमवार को परिजन मुख्यमंत्री कार्यालय शव ले जाने की मांग पर अड़े रहे। इस बीच पुलिस से भी कई बार बहस हुई। परिजन तहरीर देने का दावा कर रहे हैं, लेकिन पुलिस इन्कार कर रही है। महेंद्र पाल वर्मा के पुत्र और नंदवारा के ग्राम प्रधान देवेंद्र पाल वर्मा का दावा है कि जौनपुर से सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा समेत 13 लोगों ने तीन अक्तूबर को उसकी दादी कुसुमा देवी के साथ मारपीट व अभद्रता की थी। इसके बाद सदमे के चलते उनकी दादी की रविवार को मौत हो गई।
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परिजन ने एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। शव घर के दरवाजे के बाहर रखा रहा। परिजन का कहना था कि पहले आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए, इसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान लोधी समाज के बड़ी संख्या में लोग देवेंद्र पाल वर्मा के घर के बाहर पहुंच गए।
दोपहर करीब साढ़े तीन बजे शव ले जाने के लिए एक एंबुलेंस गांव पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस को गांव से बाहर कर दिया। मौके पर मौजूद देवेंद्र पाल वर्मा के समर्थकों और पुलिस के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। सीओ नरैनी प्रवीण यादव और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी बनी रही।
नंदवारा बना छावनी, 10 थानों का फोर्स तैनात
नंदवारा गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 10 थानों का पुलिस फोर्स गांव में तैनात किया गया। पुलिसकर्मियों को गांव की अलग-अलग गलियों, प्रमुख रास्तों और संवेदनशील स्थानों पर लगाया गया।
नरैनी, कालिंजर, गिरवां, करतल, जसपुरा, मरका, अतर्रा, मटौंध, बिसंडा और बदौसा थानों का फोर्स सुबह से ही गांव में मुस्तैद रहा। पुलिसकर्मी लगातार गांव में गश्त करते रहे और लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी। मुख्य मार्गों के साथ ही मृतका के घर के आसपास भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
पुलिस का कहना, पहले पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार फिर कार्रवाई
मामले में पुलिस का रुख अलग है। पुलिस कहा कहना है कि पहले शव का पोस्टमार्टम कराया जाए। इससे यह साफ हो जाएगा कि आखिर कुसुमा देवी की मौत का कारण क्या है। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार करें। अगर पोस्टमार्टम में किसी चोट के कारण मौत की बात सामने आती है तो एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
अंडरग्राउंड है हत्या में नामजद आरोपी महेंद्र पाल वर्मा
इस पूरे प्रकरण में सगे भाइयों की हत्या में नामजद पूर्व मंत्री का पुत्र महेंद्र पाल वर्मा अंडरग्राउंड है। उसके द्वारा लगातार वीडियो जारी किए जा रहे हैं। सबसे पहले हत्या के मामले में फंसाने के लिए जौनपुर से सांसद बाबूसिंह कुशवाहा व उनके भाई पर आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। वहीं दूसरा वीडियो रविवार को मां कुसुमा देवी की मौत के बाद जारी किया था। इसमें जौनपुर सांसद समेत अन्य पर घर में घुसकर मां के साथ मारपीट व धक्का-मुक्की करने के आरोप लगाए थे।
वर्जन
परिजन वृद्धा की मौत के मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं। परिजन से पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई होगी। अब तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस गांव में तैनात है, मौके पर सीओ नरैनी भी मौजूद हैं।-पलाश बंसल, एसपी

फोटो-25-नंदवारा में पूर्व मंत्री के आवास पर रखा कुसुमा देवी का शव व मौजूद महिलाएं। संवाद

फोटो-25-नंदवारा में पूर्व मंत्री के आवास पर रखा कुसुमा देवी का शव व मौजूद महिलाएं। संवाद

फोटो-25-नंदवारा में पूर्व मंत्री के आवास पर रखा कुसुमा देवी का शव व मौजूद महिलाएं। संवाद