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Banda News: मंडलीय चिकित्सालय में धमाका, लगी आग, भागे डॉक्टर और मरीज
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बांदा। बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे अचानक जिला अस्पताल परिसर स्थित मंडलीय चिकित्सालय की बिल्डिंग के बरामदे में तेज धमाका होता है। धमाके की आवाज सुनकर मंडलीय चिकित्सालय में चल रही ओपीडी से डॉक्टर और मरीज बाहर की ओर भागे। देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग में आग लग गई और परिसर धुएं से भर गया। करीब 10 मिनट बाद अग्निशमन विभाग के अधिकारी जवानों के साथ पहुंचे। तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। वहां लोग सहम गए। कुछ देर बाद पता चला कि यह मॉकडि्रल है, जो किसी भी हमले से निपटने की तैयारी परखने के लिए की गई। इस पर लोगों ने राहत की सांस ली।
युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बुधवार को मॉकडि्रल की गई। जिला अस्पताल परिसर में स्थित मंडलीय चिकित्सालय भवन और रेलवे स्टेशन में संयुक्त रूप से लोगों को सुरक्षित रहने और अगर कोई घटना होती है तो उससे कैसे राहत व बचाव कार्य किए जाएंगे, इसका रिहर्सल किया गया।
एडीएम राजेश वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, सीओ अंबुजा त्रिवेदी व आसपास का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। बताया गया कि दो हमलावरों ने बिल्डिंग में बम से विस्फोट किया है। दोनों हमलावर भी बिल्डिंग में मौजूद है। तुरंत एंटी टेररिस्ट स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता, आर्टिलरी टीम, आकस्मिक चिकित्सा सुविधा से लैश एंबुलेंसों के सायरनों से पूरा अस्पताल परिसर गूंज उठा। मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए आग बुझाई। देखते ही देखते 108 व 102 की सात एंबुलेंस भी पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड के जवानों ने बिल्डिंग में फंसे नौ लोगों को अपने कंधे पर लादकर निकालना शुरू किया।
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इसी बीच पुलिस लाइन से सुरक्षा टुकड़ी भी हथियारों से लैश होकर पहुंच गई। पूरा अस्पताल परिसर पुलिस छावनी बन गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारी राहत कार्य कर रहे थे। अपर जिलाधिकारी राजेश वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, सीओ अंबुजा त्रिवेदी, देहात कोतवाली इंस्पेक्टर अनूप दुबे दलबल के साथ माैके पर रहे। एक-एक स्थिति का जायजा लेते रहे। प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल डॉ. एसडी त्रिपाठी अपनी टीम के साथ घायलों का इलाज कराने में तत्पर रहे। करीब एक घंटे तक चले माॅकडि्रल में अग्निशमन विभाग के चीफ अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार, एफएसओ कुलदीप कुमार जवानों के साथ लगे रहे। डीएम जे.रीभा व पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से पूरे हालात का जायजा लिया। अस्पताल परिसर का भ्रमण किया। सर्च ऑपरेशन के दौरान दो हमलावरों को ढेर कर दिया गया है।
यात्रियों से कहा विस्फोट हो तो जमीन पर लेट जाएं
बांदा। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से कहा कि यदि कोई विस्फोट होता है वह जमीन पर लेट जाएं। कोई भी खड़ा नहीं रहे। बच्चों और महिलाओं को अपने साथ ही रखें।
जीआरपी थाना इंस्पेक्टर नवेंदु शेखर अग्निहोत्री ने पुलिस बल के साथ सुरक्षा उपकरणों से लैश होकर मॉकडि्रल की गई। इसका उद्देश्य नागरिकों और यात्रियों को युद्ध जैसी आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार करना है। रेलवे स्टेशन बांदा के सर्कुलेटिंग एरिया, दोनों आउटर साइड, प्लेटफार्म आदि स्थानों पर संदिग्ध व्यक्ति व वस्तुओं का चेकिंग अभियान चलाया गया। यात्रियों को बचाव के लिए जागरूक किया गया। बम विस्फोट होने पर जमीन पर लेटने जैसी जागरूकता की बातें बताईं गईं।
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युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बुधवार को मॉकडि्रल की गई। जिला अस्पताल परिसर में स्थित मंडलीय चिकित्सालय भवन और रेलवे स्टेशन में संयुक्त रूप से लोगों को सुरक्षित रहने और अगर कोई घटना होती है तो उससे कैसे राहत व बचाव कार्य किए जाएंगे, इसका रिहर्सल किया गया।
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एडीएम राजेश वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, सीओ अंबुजा त्रिवेदी व आसपास का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। बताया गया कि दो हमलावरों ने बिल्डिंग में बम से विस्फोट किया है। दोनों हमलावर भी बिल्डिंग में मौजूद है। तुरंत एंटी टेररिस्ट स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता, आर्टिलरी टीम, आकस्मिक चिकित्सा सुविधा से लैश एंबुलेंसों के सायरनों से पूरा अस्पताल परिसर गूंज उठा। मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए आग बुझाई। देखते ही देखते 108 व 102 की सात एंबुलेंस भी पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड के जवानों ने बिल्डिंग में फंसे नौ लोगों को अपने कंधे पर लादकर निकालना शुरू किया।
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इसी बीच पुलिस लाइन से सुरक्षा टुकड़ी भी हथियारों से लैश होकर पहुंच गई। पूरा अस्पताल परिसर पुलिस छावनी बन गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारी राहत कार्य कर रहे थे। अपर जिलाधिकारी राजेश वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, सीओ अंबुजा त्रिवेदी, देहात कोतवाली इंस्पेक्टर अनूप दुबे दलबल के साथ माैके पर रहे। एक-एक स्थिति का जायजा लेते रहे। प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल डॉ. एसडी त्रिपाठी अपनी टीम के साथ घायलों का इलाज कराने में तत्पर रहे। करीब एक घंटे तक चले माॅकडि्रल में अग्निशमन विभाग के चीफ अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार, एफएसओ कुलदीप कुमार जवानों के साथ लगे रहे। डीएम जे.रीभा व पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से पूरे हालात का जायजा लिया। अस्पताल परिसर का भ्रमण किया। सर्च ऑपरेशन के दौरान दो हमलावरों को ढेर कर दिया गया है।
यात्रियों से कहा विस्फोट हो तो जमीन पर लेट जाएं
बांदा। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से कहा कि यदि कोई विस्फोट होता है वह जमीन पर लेट जाएं। कोई भी खड़ा नहीं रहे। बच्चों और महिलाओं को अपने साथ ही रखें।
जीआरपी थाना इंस्पेक्टर नवेंदु शेखर अग्निहोत्री ने पुलिस बल के साथ सुरक्षा उपकरणों से लैश होकर मॉकडि्रल की गई। इसका उद्देश्य नागरिकों और यात्रियों को युद्ध जैसी आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार करना है। रेलवे स्टेशन बांदा के सर्कुलेटिंग एरिया, दोनों आउटर साइड, प्लेटफार्म आदि स्थानों पर संदिग्ध व्यक्ति व वस्तुओं का चेकिंग अभियान चलाया गया। यात्रियों को बचाव के लिए जागरूक किया गया। बम विस्फोट होने पर जमीन पर लेटने जैसी जागरूकता की बातें बताईं गईं।