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Banda News: लिपिक का चार्ज चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को दिलाया
Sun, 26 Oct 2025 11:32 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 26 Oct 2025 11:32 PM IST
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बांदा। जिला कार्यक्रम विभाग एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर कुछ ज्यादा मेहरबान है। ब्लाक से उसे जिला मुख्यालय में संबद्ध किया और बाद में नियम विरुद्ध तरीके से स्थानांतरित कनिष्ठ लिपिक का चार्ज भी दिला दिया गया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वरिष्ठ लिपिक का कार्य कर रहा है। जिससे अन्य लिपिकों में आक्रोश है।
जिला कार्यक्रम विभाग में कार्यरत कनिष्ठ लिपिक उमेंद्र कुमार पाल का शासन से फतेहपुर के लिए स्थानांतरण कर दिया गया। कार्यालय में दो लिपिकों के होते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बिसंडा ब्लाक में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पत्रवाहक को जिला मुख्यालय में संबद्ध किया और बाद में कनिष्ठ लिपिक का चार्ज चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को दिला दिया। जबकि लिपिक का चार्ज चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को नहीं दिलाया जा सकता है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यालय में लिपिक का काम कर रहा है। ऐसे में अन्य लिपिकों में आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जानबूझ कर आंगनबाड़ी कार्यकताओं से वसूली के उद्देश्य से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को नियम विरुद्ध तरीके से बाबू बनाया गया है। यहीं नहीं इसके पूर्व आंगनबाड़ी भर्ती में नियमों को ताक पर रखकर चयन किया गया। कालिंजर में आंगनबाड़ी के चयन का मामला अभी तक नहीं सुलझा है। यहां तक कि मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया।
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कार्यालय में कोई लिपिक नहीं था। लिहाजा लिपिक का चार्ज पत्र वाहक को दिला दिया लेकिन वह लिपिक का काम नहीं करता है।
दिलीप कुमार पांडेय
जिला कार्यक्रम अधिकारी
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जिला कार्यक्रम विभाग में कार्यरत कनिष्ठ लिपिक उमेंद्र कुमार पाल का शासन से फतेहपुर के लिए स्थानांतरण कर दिया गया। कार्यालय में दो लिपिकों के होते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बिसंडा ब्लाक में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पत्रवाहक को जिला मुख्यालय में संबद्ध किया और बाद में कनिष्ठ लिपिक का चार्ज चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को दिला दिया। जबकि लिपिक का चार्ज चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को नहीं दिलाया जा सकता है।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यालय में लिपिक का काम कर रहा है। ऐसे में अन्य लिपिकों में आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जानबूझ कर आंगनबाड़ी कार्यकताओं से वसूली के उद्देश्य से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को नियम विरुद्ध तरीके से बाबू बनाया गया है। यहीं नहीं इसके पूर्व आंगनबाड़ी भर्ती में नियमों को ताक पर रखकर चयन किया गया। कालिंजर में आंगनबाड़ी के चयन का मामला अभी तक नहीं सुलझा है। यहां तक कि मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया।
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कार्यालय में कोई लिपिक नहीं था। लिहाजा लिपिक का चार्ज पत्र वाहक को दिला दिया लेकिन वह लिपिक का काम नहीं करता है।
दिलीप कुमार पांडेय
जिला कार्यक्रम अधिकारी