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अधूरे पुलों के लिए बजट को केंद्र सरकार ने दिया दखल

Tue, 03 Sep 2019 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 03 Sep 2019 11:42 PM IST
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Central government interrupts the budget for incomplete bridges
औगासी यमुना घाट में अधूरा पड़ा पुल। - फोटो : BANDA
बांदा। मंडल मुख्यालय बांदा शहर के विभिन्न मार्गों पर उत्तर प्रदेश राज सेतु निर्माण निगम द्वारा निर्माण कराए जा रहे 6 ओवरब्रिजों का काम बजट के अभाव में बंद हो जाने का मुद्दा केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसका संज्ञान लिया है। सपा नेता और राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने पिछले माह राज्यसभा में विशेष उल्लेख के तहत सभापति का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया था।
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निर्माणाधीन सभी पुल बसपा सरकार में तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के प्रयासों से मंजूर हुए थे और निर्माण भी शुरू हो गया था, तब इन्हें भरपूर बजट भी दिया गया था। चिल्ला और केन नदी (भूरागढ़) पुल तभी चालू हो गए थे, लेकिन यमुना नदी पर मरका घाट, बागै नदी में ममसी घाट और बांदा शहर में रिंगरोड बाईपास व रिंगरोड रेलवे लाइन क्रासिंग, केन राजघाट और यमुना में औगासी घाट के पुल अभी पूरे नहीं हुए।
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इनका निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निर्माण निगम करा रहा है। तीन वर्ष पूर्व शुरुआती समय में इन पुलों की लागत सेतु निगम ने 16,517 लाख रुपये बताई थी। सभी पुल अधूरे पड़े हैं। इनका बजट खत्म हो चुका है। सेतु निगम ने अब इन पुलों की संशोधित लागत 26,010 लाख रुपये बताते हुए यह एस्टीमेट बनाकर प्रदेश सरकार से बजट मांगा है। अभी तक यह बजट नहीं दिया गया।
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अधिकांश पुलों को अगले वर्ष जून माह में पूरा होना है। आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ला द्वारा मांगी सूचना में पिछले माह सेतु निगम की बांदा इकाई के डीपीएम मुकेश कुमार ने यह जानकारी दी थी।
पुलों का निर्माण बजट के अभाव में बंद होने की खबर ‘अमर उजाला’ ने 28 जुलाई को प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने 5 अगस्त को राज्यसभा में सभापति को लिखित रूप से विशेष उल्लेख के तहत प्रेषित पत्र में उपरोक्त अधूरे पुलों को हवाला देकर कहा था कि धनाभाव में कई पुलों का काम बंद हो गया है। इन्हें पूरा करने के लिए बजट दिया जाना चाहिए। इस पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में सांसद निषाद को भेजे पत्र में कहा है कि 6 पुलों का निर्माण पूरा कराने के लिए बजट उपलब्ध कराने की अग्रिम कार्रवाई को महानिदेशक (सड़क विकास) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और सदस्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र भेजा गया है।

लागत बढ़ने और लेटलतीफी पर डीएम भी खफा
पुलों की लागत बढ़ने और निर्माण में लेटलतीफी पर डीएम हीरालाल भी खफा हैं। उन्होंने सेतु निर्माण निगम बांदा यूनिट के उप परियोजना प्रबंधक को पिछले माह पत्र भेजकर इस बारे में उनसे जवाब तलब भी किया था। डीएम ने कहा था कि औगासी व मरका घाट तथा बागै नदी में ममसी मार्ग पुल और बांदा में झांसी-मानिकपुर रेल लाइन के ऊपर बन रहे बाईपास पुल के लिए सेतु निगम ने जो लागत शुरू में बताई थी वो शासन से मिल चुकी है। उसके बाद भी निर्माण में भौतिक प्रगति बहुत कम है। ये पुल पिछले वर्ष दिसंबर में बनकर तैयार हो जाना थे।
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