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बजट बढ़ाकर बदलेंगे बुंदेलखंड
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बांदा : मंच पर गठबंधन का प्रदर्शन : अखिलेश यादव के दाएं महान दल अध्यक्ष केशव मौर्य, बाएं अपना दल अध्?
- फोटो : BANDA
बांदा/महोबा। पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सपा की सरकार बनी तो चाहे बजट से ज्यादा खर्च करना पड़े, बुंदेलखंड की हालत बदलेंगे। गरीब महिलाओं की पेंशन 500 रुपये से बढ़ाकर तीन गुना की जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नाम बदलने में विश्व रिकार्ड बना रही है। खुद को दमदार बताने वाली यह सरकार दमदार झूठ बोलती है। कहा कि साढ़े चार साल के कार्यकाल में बुंदेलखंड के युवाओं और बेरोजगारों के सपनों को इस सरकार ने मारा है। डबल इंजन वाली सरकार का इंजन बुंदेलखंड आते-आते फेल हो गया।
बुधवार को विजय रथ यात्रा में आए पूर्व मुख्यमंत्री ने दोपहर को बांदा और तीसरे पहर महोबा जीआईसी ग्राउंड में भीड़ भरी जनसभाओं को संबोधित किया। लोगों से पूछा कि- योगी सरकार चाहिए या योग्य सरकार? कहा कि भाजपा सरकार का समय पूरा हो गया तो उसे टैबलेट याद आया। मुख्यमंत्री का नाम लिए बगैर कहा कि जो खुद लैपटॉप नहीं चला सकते वो लैपटॉप दे भी नहीं सकते।
यह भी कहा कि वो (योगी) तो स्मार्टफोन भी नहीं चला पाते। किसानों की आय दोगुना करने का वादा भी जुमला बनकर रह गया। कहा कि लॉकडाउन में बुंदेलखंड के लाखों भूखे-प्यासे मजदूर महानगरों से पैदल आए। कई की जान गई। जान गंवाने वाले परिवारों को सपा ने एक-एक लाख रुपये की मदद दी।
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मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री का नाम लिए बगैर अखिलेश ने तंज कसा कि हम परिवार वाले हैं तो परिवार वालों का दुख भी समझते हैं। जिनके पास परिवार नहीं तो वह क्या परवाह करेंगे? महोबा की जनसभा में कहा कि आल्हा-ऊदल की धरती से बदलाव की आवाज आ रही है। सरकार बनी तो यहां सरसों के तेल का उत्पादन इतना ज्यादा कराएंगे कि निर्यात होने लगे। अखिलेश यादव ने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा कि बुंदेलखंड में 32 लाख लोग गरीब हैं।
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बुधवार को विजय रथ यात्रा में आए पूर्व मुख्यमंत्री ने दोपहर को बांदा और तीसरे पहर महोबा जीआईसी ग्राउंड में भीड़ भरी जनसभाओं को संबोधित किया। लोगों से पूछा कि- योगी सरकार चाहिए या योग्य सरकार? कहा कि भाजपा सरकार का समय पूरा हो गया तो उसे टैबलेट याद आया। मुख्यमंत्री का नाम लिए बगैर कहा कि जो खुद लैपटॉप नहीं चला सकते वो लैपटॉप दे भी नहीं सकते।
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यह भी कहा कि वो (योगी) तो स्मार्टफोन भी नहीं चला पाते। किसानों की आय दोगुना करने का वादा भी जुमला बनकर रह गया। कहा कि लॉकडाउन में बुंदेलखंड के लाखों भूखे-प्यासे मजदूर महानगरों से पैदल आए। कई की जान गई। जान गंवाने वाले परिवारों को सपा ने एक-एक लाख रुपये की मदद दी।
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मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री का नाम लिए बगैर अखिलेश ने तंज कसा कि हम परिवार वाले हैं तो परिवार वालों का दुख भी समझते हैं। जिनके पास परिवार नहीं तो वह क्या परवाह करेंगे? महोबा की जनसभा में कहा कि आल्हा-ऊदल की धरती से बदलाव की आवाज आ रही है। सरकार बनी तो यहां सरसों के तेल का उत्पादन इतना ज्यादा कराएंगे कि निर्यात होने लगे। अखिलेश यादव ने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा कि बुंदेलखंड में 32 लाख लोग गरीब हैं।