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Banda News: कृषि अनुसंधान में बीएआरसी और कृषि विवि करेंगे सहयोग
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फोटो-19- बांदा कृषि विश्वविद्यालय में बैठक करते बीएआरसी के वैज्ञानिक व कुलपति। स्रोत : विश्वविद
बांदा। उन्नत कृषि तकनीक उपलब्ध कराने और जलवायु अनुकूल फसलों के विकास के लिए बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी), मुंबई के बीच चर्चा हुई। इसमें वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत हुई।
रविवार को विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में हुई बैठक में समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से कृषि अनुसंधान, शिक्षा और तकनीक के प्रसार को बढ़ावा देने पर सहमति की दिशा में विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसवीएस राजू ने की। बीएआरसी के न्यूक्लियर एग्रीकल्चर एंड बायोटेक्नोलॉजी डिवीजन के अध्यक्ष डॉ. आनंद बल्लाल सहित चार वैज्ञानिकों ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
कुलपति ने कहा कि एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद विश्वविद्यालय बीएआरसी के विभिन्न वैज्ञानिक कार्यक्रमों में सहयोग करेगा। बैठक में दलहन, तिलहन, अनाज, फल, सब्जियों, पुष्प उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण में परमाणु प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रस्तावित सहयोग से स्नातकोत्तर और पीएचडी विद्यार्थियों को शोध के नए अवसर मिल सकते हैं। साथ ही जलवायु अनुकूल किस्मों और तकनीकों के विकास तथा किसानों तक उन्नत कृषि तकनीक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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इस दौरान बीएआरसी के वैज्ञानिक डॉ. सोफ्रामेनियन, डॉ. श्रद्धा सिंह और डॉ. अर्चना राय मौजूद रहे। विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. सीएम सिंह सहित कृषि एवं उद्यान महाविद्यालय के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
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रविवार को विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में हुई बैठक में समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से कृषि अनुसंधान, शिक्षा और तकनीक के प्रसार को बढ़ावा देने पर सहमति की दिशा में विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसवीएस राजू ने की। बीएआरसी के न्यूक्लियर एग्रीकल्चर एंड बायोटेक्नोलॉजी डिवीजन के अध्यक्ष डॉ. आनंद बल्लाल सहित चार वैज्ञानिकों ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
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कुलपति ने कहा कि एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद विश्वविद्यालय बीएआरसी के विभिन्न वैज्ञानिक कार्यक्रमों में सहयोग करेगा। बैठक में दलहन, तिलहन, अनाज, फल, सब्जियों, पुष्प उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण में परमाणु प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रस्तावित सहयोग से स्नातकोत्तर और पीएचडी विद्यार्थियों को शोध के नए अवसर मिल सकते हैं। साथ ही जलवायु अनुकूल किस्मों और तकनीकों के विकास तथा किसानों तक उन्नत कृषि तकनीक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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इस दौरान बीएआरसी के वैज्ञानिक डॉ. सोफ्रामेनियन, डॉ. श्रद्धा सिंह और डॉ. अर्चना राय मौजूद रहे। विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. सीएम सिंह सहित कृषि एवं उद्यान महाविद्यालय के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य उपस्थित रहे।