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Banda News: ठंड में धोखा दे रहा दिल, मंडल में नहीं है हृदय रोग विशेषज्ञ

Sun, 08 Jan 2023 11:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2023 11:52 PM IST
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Banda: Heart is deceiving in cold, there is no cardiologist in the circle
ट्रामा सेंटर में ठंड की चपेट में आकर बीमार हुए लोगों का इलाज करते डा.विनीत सचान। - फोटो : BANDA
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने दिल के मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पारा गिरने से हृदय रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। हैरत की बात यह है कि रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज समेत मंडल के चारों जिलों में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। सिर्फ ईसीजी की ही सुविधा है। इस कारण मरीजों को कानपुर, लखनऊ, झांसी और प्रयागराज रेफर कर दिया जाता है। कई बार तो मरीज की जान मुश्किल में पड़ जाती है।
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ठंड में ब्लड प्रेशर के साथ ब्लड शुगर पर नियंत्रण जरूरी है। जरा सी चूक से लोग बीमार हो रहे हैं। ठंड के कारण हृदय रोगियों की संख्या बढ़ी है। मंडल के चारों जिलों में रोजाना 50-60 मरीज हृदय रोग के आ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में ईसीजी की सुविधा तो मिल रही है, लेकिन इलाज ‘राम’ भरोसे हैं। फिजीशियन के सहारे हृदय रोगियों का इलाज किया जा रहा है। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर तुरंत मरीज को हायर सेंटर रेफर कर देते हैं।
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रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि ठंड में रोजाना लगभग 10-12 हृदय रोग व सीने में दर्द की शिकायत के मरीज आ रहे हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए निदेशालय को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र ने बताया कि हृदय रोग से ग्रसित लगभग 10-15 मरीज रोजाना आ रहे हैं। शासन से विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए मांग की गई है। लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
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बांदा। अरबों रुपये लागत से बने रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की शुरुआत वर्ष 2016 से हुई थी। मौजूदा में यहां 500 एमबीबीएस छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। हैरत की बात यह है कि अब तक मेडिकल कालेज में हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हुई।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. शैलेंद्र कुमार यादव हृदय रोग के मरीजों का इलाज कर रहे हैं। गंभीर हालत होने पर बाहर के लिए रेफर कर दिया जाता है। इसी तरह जिला अस्पताल में करीब दो साल से हृदय रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है।

वर्ष 2021 में डॉ. केएल पांडेय के सेवानिवृत्त होने के बाद यहां दूसरा हृदय रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं हो सका। फिजीशियन डॉ. शिशिर चतुर्वेदी हृदय रोगी का इलाज कर रहे हैं। उक्त डाक्टरों का कहना है कि ईसीजी के आधार पर दवाएं दे देते हैं, लेकिन कोई गंभीर समस्या होने पर रेफर कर देते हैं।
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