{"_id":"6adba07d3ad35cf33701de85","slug":"accusation-of-mistreating-customers-banda-news-c-212-1-bnd1007-153766-2026-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: ग्राहकों से दुर्व्यवहार करने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: ग्राहकों से दुर्व्यवहार करने का आरोप
Fri, 23 Oct 2026 11:29 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 23 Oct 2026 11:29 PM IST
विज्ञापन
करतल। नरैनी तहसील के करतल स्थित इंडियन बैंक के प्रबंधक और कर्मचारियों पर ग्राहकों से दुर्व्यवहार करने और सरकारी योजनाओं की धनराशि निकालने में परेशान करने का आरोप लगा है।
ग्रामीणों की शिकायत पर क्षेत्रीय विधायक ओममणि वर्मा ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खातों से जुड़े ग्राहकों को वृद्धावस्था, दिव्यांग और विधवा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, मुख्यमंत्री आवास व किसान सम्मान निधि की रकम निकालने में परेशानी होती है। जरूरत के समय भी खातों से रुपये नहीं निकालने दिए जाते और खाते होल्ड कर दिए जाते हैं।
विधायक ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान लोगों ने उनसे शिकायत की थी। बैंक प्रबंधक से बातचीत करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद डीएम को पत्र लिखा गया।
विज्ञापन
शाखा प्रबंधक प्रमेश कुमार शुक्ला ने बताया कि बैंक में करीब 15 करोड़ रुपये का एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) है। केसीसी के कई खाते करीब दस वर्ष पुराने हैं और उनमें बकाया जमा नहीं किया जा रहा है।
बैंकिंग व्यवस्था के तहत केसीसी खातों में सरकारी योजनाओं की धनराशि आने पर बकाया रकम समायोजित हो सकती है। एनपीए खाताधारकों को नोटिस जारी कर वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ग्रामीणों की शिकायत पर क्षेत्रीय विधायक ओममणि वर्मा ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खातों से जुड़े ग्राहकों को वृद्धावस्था, दिव्यांग और विधवा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, मुख्यमंत्री आवास व किसान सम्मान निधि की रकम निकालने में परेशानी होती है। जरूरत के समय भी खातों से रुपये नहीं निकालने दिए जाते और खाते होल्ड कर दिए जाते हैं।
विज्ञापन
विधायक ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान लोगों ने उनसे शिकायत की थी। बैंक प्रबंधक से बातचीत करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद डीएम को पत्र लिखा गया।
विज्ञापन
शाखा प्रबंधक प्रमेश कुमार शुक्ला ने बताया कि बैंक में करीब 15 करोड़ रुपये का एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) है। केसीसी के कई खाते करीब दस वर्ष पुराने हैं और उनमें बकाया जमा नहीं किया जा रहा है।
बैंकिंग व्यवस्था के तहत केसीसी खातों में सरकारी योजनाओं की धनराशि आने पर बकाया रकम समायोजित हो सकती है। एनपीए खाताधारकों को नोटिस जारी कर वसूली की कार्रवाई की जाएगी।