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‘प्रभु प्राप्ति के लिए शरणागत होना जरूरी’
Banda
Updated Wed, 19 Sep 2012 12:00 PM IST
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बांदा। बिना शरणागत हुए जीव को कभी प्रभु की कृपा नहीं प्राप्त होती है। ईश्वर को पाने के लिए भक्ति भाव से शरणागत होना जरूरी है। ये बातें जगद्गुरु कृपालुजी महाराज की शिष्या कुंजेश्वरी देवी ने प्रवचन करते हुए कहीं।
महेश्वरी देवी मंदिर में चल रहे मानस प्रवचन के चौथे दिन कुंजेश्वरी देवी ने कहा कि हमे अपने परम चरम लक्ष्य आनंद की प्राप्ति के लिए ईश्वर को जानना जरूरी है। यह बिना ईश्वर की कृपा के संभव नहीं है। भगवत्कृपा हम पर अब तक इसलिए नहीं हुई, क्योंकि हम इसके लिए भगवान के शरणागत नहीं हुए। वेद से लेकर रामायण तक सब ग्रंथ यही कह रहे हैं कि भगवान के शरणागत होना होगा। तभी उनकी कृपा प्राप्त होगी। प्रचारिका कुंजेश्वरी देवी ने कहा कि हम भगवान के शरणागत ठीक-ठीक हों। इस तरह हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। अंत में संगीतमय भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया। व्यास पीठ की आरती के साथ प्रवचन का समापन हुआ। दयाराम गुप्ता, राधा गुप्ता, प्यारेलाल लखेरा आदि मौजूद रहे।
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महेश्वरी देवी मंदिर में चल रहे मानस प्रवचन के चौथे दिन कुंजेश्वरी देवी ने कहा कि हमे अपने परम चरम लक्ष्य आनंद की प्राप्ति के लिए ईश्वर को जानना जरूरी है। यह बिना ईश्वर की कृपा के संभव नहीं है। भगवत्कृपा हम पर अब तक इसलिए नहीं हुई, क्योंकि हम इसके लिए भगवान के शरणागत नहीं हुए। वेद से लेकर रामायण तक सब ग्रंथ यही कह रहे हैं कि भगवान के शरणागत होना होगा। तभी उनकी कृपा प्राप्त होगी। प्रचारिका कुंजेश्वरी देवी ने कहा कि हम भगवान के शरणागत ठीक-ठीक हों। इस तरह हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। अंत में संगीतमय भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया। व्यास पीठ की आरती के साथ प्रवचन का समापन हुआ। दयाराम गुप्ता, राधा गुप्ता, प्यारेलाल लखेरा आदि मौजूद रहे।
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