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Banda News: फर्जी निर्माण दिखा ठेकेदार को कराया 12 करोड़ का भुगतान
Mon, 14 Apr 2025 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 14 Apr 2025 12:17 AM IST
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बांदा। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष के समापन पर फर्जी तरीके के काम दिखाकर ठेकेदार को 12 करोड़ का भुगतान कर दिया। जबकि मौके पर काम अधूरा पड़ा है। सुदामापुरी मोहल्ला निवासी पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सुशील त्रिवेदी ने शासन को भेजे पत्र में कहा है कि कालूकुआं चौराहे से पल्हरी बाईपास तक सड़क के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण के लिए शासन ने 22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
शासन ने पहली किस्त में यह धनराशि प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी को फरवरी माह में जारी की। इसके बाद लोक निर्माण ने टेंडर कराकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया।
इस बीच मार्च माह में वित्तीय वर्ष का समापन आ गया। धनराशि पूरी खर्च नहीं हो पाई। करीब एक करोड़ रुपये से कार्य कराया गया। शेष धनराशि शासन को लौटने से बचाने के लिए अधिकारियों ने फर्जी मापी दिखाकर करीब 12 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया।
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जबकि मौके पर आज भी काम उसी तरह अधूरा पड़ा है। करीब 10 प्रतिशत ही कार्य हुआ है। जबकि नियम यह है कि कार्य पूर्ण होने के पहले ठेकेदार को एक रुपये भी भुगतान नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने बिना कार्य कराए फर्जी मापी दिखाकर नियम विरुद्ध किए गए 12 करोड़ भुगतान की शासन स्तर से जांच कमेटी गठित कर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। (संवाद)
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शासन ने पहली किस्त में यह धनराशि प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी को फरवरी माह में जारी की। इसके बाद लोक निर्माण ने टेंडर कराकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया।
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इस बीच मार्च माह में वित्तीय वर्ष का समापन आ गया। धनराशि पूरी खर्च नहीं हो पाई। करीब एक करोड़ रुपये से कार्य कराया गया। शेष धनराशि शासन को लौटने से बचाने के लिए अधिकारियों ने फर्जी मापी दिखाकर करीब 12 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया।
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जबकि मौके पर आज भी काम उसी तरह अधूरा पड़ा है। करीब 10 प्रतिशत ही कार्य हुआ है। जबकि नियम यह है कि कार्य पूर्ण होने के पहले ठेकेदार को एक रुपये भी भुगतान नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने बिना कार्य कराए फर्जी मापी दिखाकर नियम विरुद्ध किए गए 12 करोड़ भुगतान की शासन स्तर से जांच कमेटी गठित कर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। (संवाद)