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Balrampur News: सीमित संसाधनों के सहारे मलेरिया से जंग लड़ रहा विभाग
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बलरामपुर के इटईरामपुर गांव में संचारी रोग के बारे में जानकारी लेते एसीएमओ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग भले ही दम भर रहा हो, लेकिन कर्मचारियों की कमी से मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। मलेरिया विभाग सीमित कर्मचारियों के सहारे अभियान चलाकर कागजी कोरम पूरा कर रहा है।
25 अप्रैल को विश्व भर में मलेरिया दिवस मनाया जाता है। इस दिन मलेरिया बीमारी से रोकथाम व बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। मच्छरजनित बीमारी मलेरिया का खतरा हर समय बना रहता है। इसकी रोकथाम के लिए अलग से मलेरिया विभाग बना हुआ है, लेकिन यह महकमा कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है।
इन कर्मचारियों की है कमी
जिला स्तर पर सहायक मलेरिया अधिकारी व जिला समन्वयक मलेरिया विभाग के पद रिक्त हैं। डीसी का पद खाली होने से तमाम तरह के डाटा एकत्र करने का काम प्रभावित हो रहा है। जिले के नौ विकासखंडों में हेल्थ इंस्पेक्टर के पद रिक्त हैं। इसी तरह नौ हेल्थ सुपरवाईजर होने चाहिए, सिर्फ तीन ही हैं। नौ बेसिक हेल्थ वर्कर के स्थान पर छह की ही तैनाती है। सहायक मलेरिया अधिकारी व जिला समन्वयक का पद रिक्त होने से डाटा कलेक्शन से लेकर प्रचार-प्रसार व अन्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार पांडेय के जिम्मे है।
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पिछले वर्ष मिला था एक मरीज
विभागीय आंकड़ा के अनुसार पिछले वर्ष मलेरिया से संक्रमित एक मरीज पाया गया था। 48000 मलेरिया संभावित बुखार वाले मरीजों की जांच कराई गई। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मलेरिया जांच के लिए आरटीडी किट उपलब्ध है।
विभाग के पास सिर्फ चार फाॅगिंग मशीन
ग्राम पंचायतों में मच्छरजनित बीमारियों पर नियंत्रण के लिए मशीन से फाॅगिंग कराई जाती है। 793 ग्राम पंचायतों के लिए विभाग के पास सिर्फ चार फाॅगिंग मशीन ही उपलब्ध है।
निजी पैथाेलॉजी रिपोर्ट का नहीं रखते डाटा
निजी पैथाेलॉजी सेंटरों से मलेरिया पॉजिटिव आने वाले मरीजों का डाटा विभाग के पास नहीं रहता है। जिला मलेरिया अधिकारी राजेश पांडेय ने बताया कि यदि किसी निजी पैथालॉजी में कोई व्यक्ति मलेरिया पाॅजिटिव आता है तो संबंधित पैथाेलाॅजी संचालक को मरीज का विवरण यूडीएसटी पोर्टल पर अपलोड करना होता है। मरीज का विवरण ऑनलाइन अपलोड न होने पर हम लोगों को कुछ जानकारी नहीं मिल पाती है।
उच्चाधिकारियों को लिखा गया है पत्र
मलेरिया विभाग में कर्मचारियों की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। वैसे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की मदद से सभी कार्य कराए जाते हैं।
- डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ बलरामपुर
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25 अप्रैल को विश्व भर में मलेरिया दिवस मनाया जाता है। इस दिन मलेरिया बीमारी से रोकथाम व बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। मच्छरजनित बीमारी मलेरिया का खतरा हर समय बना रहता है। इसकी रोकथाम के लिए अलग से मलेरिया विभाग बना हुआ है, लेकिन यह महकमा कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है।
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इन कर्मचारियों की है कमी
जिला स्तर पर सहायक मलेरिया अधिकारी व जिला समन्वयक मलेरिया विभाग के पद रिक्त हैं। डीसी का पद खाली होने से तमाम तरह के डाटा एकत्र करने का काम प्रभावित हो रहा है। जिले के नौ विकासखंडों में हेल्थ इंस्पेक्टर के पद रिक्त हैं। इसी तरह नौ हेल्थ सुपरवाईजर होने चाहिए, सिर्फ तीन ही हैं। नौ बेसिक हेल्थ वर्कर के स्थान पर छह की ही तैनाती है। सहायक मलेरिया अधिकारी व जिला समन्वयक का पद रिक्त होने से डाटा कलेक्शन से लेकर प्रचार-प्रसार व अन्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार पांडेय के जिम्मे है।
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पिछले वर्ष मिला था एक मरीज
विभागीय आंकड़ा के अनुसार पिछले वर्ष मलेरिया से संक्रमित एक मरीज पाया गया था। 48000 मलेरिया संभावित बुखार वाले मरीजों की जांच कराई गई। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मलेरिया जांच के लिए आरटीडी किट उपलब्ध है।
विभाग के पास सिर्फ चार फाॅगिंग मशीन
ग्राम पंचायतों में मच्छरजनित बीमारियों पर नियंत्रण के लिए मशीन से फाॅगिंग कराई जाती है। 793 ग्राम पंचायतों के लिए विभाग के पास सिर्फ चार फाॅगिंग मशीन ही उपलब्ध है।
निजी पैथाेलॉजी रिपोर्ट का नहीं रखते डाटा
निजी पैथाेलॉजी सेंटरों से मलेरिया पॉजिटिव आने वाले मरीजों का डाटा विभाग के पास नहीं रहता है। जिला मलेरिया अधिकारी राजेश पांडेय ने बताया कि यदि किसी निजी पैथालॉजी में कोई व्यक्ति मलेरिया पाॅजिटिव आता है तो संबंधित पैथाेलाॅजी संचालक को मरीज का विवरण यूडीएसटी पोर्टल पर अपलोड करना होता है। मरीज का विवरण ऑनलाइन अपलोड न होने पर हम लोगों को कुछ जानकारी नहीं मिल पाती है।
उच्चाधिकारियों को लिखा गया है पत्र
मलेरिया विभाग में कर्मचारियों की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। वैसे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की मदद से सभी कार्य कराए जाते हैं।
- डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ बलरामपुर