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Balrampur News: ई काॅमिक्स से विज्ञान और गणित में दक्ष बनेंगे विद्यार्थी
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बलरामपुर के प्राथमिक विद्यालय कटिया में विद्यार्थियों को गणित के बारे में जानकारी देती शिक्ष
बलरामपुर। परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को गणित और विज्ञान विषय को सरल भाषा में समझाने की पूरी तैयारी है। करीब तीन हजार शिक्षकों को पांच-पांच दिनों का प्रशिक्षण दिया गया है। अब विद्यालयों में नए ढंग से पढ़ाई शुरू की गई है। इसके लिए ई कॉमिक्स व गतिविधियों से विद्यार्थियों की पढ़ाने की पहल हो रही है।
ई कॉमिक्स के जरिए 601 परिषदीय विद्यालयों के 60 हजार विद्यार्थियों को पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। विज्ञान के गुरुत्वाकर्षण बल, आर्किमिडीज का सिद्धांत, पदार्थ की विभिन्न अवस्थाएं जैसी जटिल अवधारणाओं को आसान और रोचक कहानियों के माध्यम से समझाया जाएगा। यह नवाचार बच्चों में स्टेम लर्निंग (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित) को बढ़ावा देगा। बीएसए शुभम शुक्ल ने बताया कि शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के बाद विद्यालयों में जाने पर नए ढंग से पढ़ाई करा रहे हैं। इसकी निगरानी की जिम्मेदारी एकेडमी रिसोर्स पर्सन को दी गई है।
हमेशा अंकित रहेंगी वैज्ञानिक शब्दावली
शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र नाथ मिश्र का मानना है कि इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसमें वैज्ञानिक शब्दावली सरल और मनोरंजक तरीके से बताई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को परिभाषाओं को याद करने में कठिनाई नहीं होगी और विषय की गहराई को सहज ढंग से समझ पाएंगे। इसके साथ ही विद्यार्थी विज्ञान को केवल किताबों तक सीमित न मानकर दैनिक जीवन का हिस्सा समझेंगे। कहा कि विज्ञान और गणित को बच्चों के लिए बोझ नहीं बनेंगे बल्कि जिज्ञासा और मनोरंजन का माध्यम बनेंगे।
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ई कॉमिक्स के जरिए 601 परिषदीय विद्यालयों के 60 हजार विद्यार्थियों को पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। विज्ञान के गुरुत्वाकर्षण बल, आर्किमिडीज का सिद्धांत, पदार्थ की विभिन्न अवस्थाएं जैसी जटिल अवधारणाओं को आसान और रोचक कहानियों के माध्यम से समझाया जाएगा। यह नवाचार बच्चों में स्टेम लर्निंग (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित) को बढ़ावा देगा। बीएसए शुभम शुक्ल ने बताया कि शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के बाद विद्यालयों में जाने पर नए ढंग से पढ़ाई करा रहे हैं। इसकी निगरानी की जिम्मेदारी एकेडमी रिसोर्स पर्सन को दी गई है।
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हमेशा अंकित रहेंगी वैज्ञानिक शब्दावली
शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र नाथ मिश्र का मानना है कि इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसमें वैज्ञानिक शब्दावली सरल और मनोरंजक तरीके से बताई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को परिभाषाओं को याद करने में कठिनाई नहीं होगी और विषय की गहराई को सहज ढंग से समझ पाएंगे। इसके साथ ही विद्यार्थी विज्ञान को केवल किताबों तक सीमित न मानकर दैनिक जीवन का हिस्सा समझेंगे। कहा कि विज्ञान और गणित को बच्चों के लिए बोझ नहीं बनेंगे बल्कि जिज्ञासा और मनोरंजन का माध्यम बनेंगे।
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