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Balrampur News: बेटी के जन्म पर पौधे लगाएं, प्रकृति और भविष्य सजाएं
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बलरामपुर। बेटों के जन्म पर घरों में सोहर और बधाई गीत की धूम रहती है। अब बेटियों के जन्म पर भी बधाई गीत के साथ उत्सव मनाया जाएगा। इसकी पहल मनरेगा के श्रमिकों के घर से होगी और लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही बिटिया के नाम पर पांच पौधे भी रोपे जाएंगे। नवरात्र के समापन अवसर पर अभियान का शुभारंभ हो गया। इस अभियान का उद्देश्य बेटियों को सम्मान देने के साथ-साथ पर्यावरण का हरा-भरा बनाए रखना है।
जिले में दो लाख 18 हजार 703 मनरेगा जाॅब कार्डधारक हैं। इनमें से 63 हजार 175 महिला मनरेगा श्रमिक हैं। बेटियों को सम्मान देने के लिए जिले में अनूठी पहल शुरू की गई है। अभियान को सफल बनाने के लिए पौधों की उपलब्धता ग्राम पंचायतों को मनरेगा से करनी होगी। इसके लिए पौधशाला से करार खंड विकास कार्यालयों के माध्यम से होगा, जहां से निशुल्क पौधे ग्रामीणों और श्रमिकों को उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक वित्तीय सत्र में पौधशाला का भुगतान मनरेगा प्रस्ताव से किया जाएगा।
इसे प्रभावी करने के लिए उपायुक्त मनरेगा की तरफ से सभी खंड विकास अधिकारियों और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र जारी किए गए हैं। एक वृक्ष 100 पुत्र समान का स्लोगन मनरेगा बदलने जा रहा है। अब बेटी के जन्म पर पांच पेड़ लगाएं, प्रकृति और भविष्य सजाएं नारा बुलंद किया जाएगा। ग्राम पंचायत अथवा मनरेगा श्रमिकों के घर बेटी के जन्म लेने पर पांच पौधे न सिर्फ रोपे जाएंगे बल्कि इन पौधों के संरक्षण व देखरेख की जिम्मेदारी भी मनरेगा की होगी। यह पौधे गांव की नहर के किनारे, तालाबों के पास, पशुचर, गोशाला, स्कूल, खेल मैदान पंचायत भवन, मुख्य मार्गों के किनारे रोपे जाएंगे।
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शुरू की गई पहल
नरेगा से एक सार्थक सामाजिक पहल शुरू की जा रही है। इसमें बिटिया के जन्म पर पांच पौधे ग्रामीण मनरेगा श्रमिकों के साथ रोपेंगे। संरक्षण व रखरखाव मनरेगा से होगा। यह पर्यावरण सुरक्षा के साथ स्त्री-पुरुष अनुपात सामंजस्य के लिए भी कारगर पहल साबित होगी।
-सुशील कुमार अग्रहरि, उपायुक्त मनरेगा
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जिले में दो लाख 18 हजार 703 मनरेगा जाॅब कार्डधारक हैं। इनमें से 63 हजार 175 महिला मनरेगा श्रमिक हैं। बेटियों को सम्मान देने के लिए जिले में अनूठी पहल शुरू की गई है। अभियान को सफल बनाने के लिए पौधों की उपलब्धता ग्राम पंचायतों को मनरेगा से करनी होगी। इसके लिए पौधशाला से करार खंड विकास कार्यालयों के माध्यम से होगा, जहां से निशुल्क पौधे ग्रामीणों और श्रमिकों को उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक वित्तीय सत्र में पौधशाला का भुगतान मनरेगा प्रस्ताव से किया जाएगा।
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इसे प्रभावी करने के लिए उपायुक्त मनरेगा की तरफ से सभी खंड विकास अधिकारियों और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र जारी किए गए हैं। एक वृक्ष 100 पुत्र समान का स्लोगन मनरेगा बदलने जा रहा है। अब बेटी के जन्म पर पांच पेड़ लगाएं, प्रकृति और भविष्य सजाएं नारा बुलंद किया जाएगा। ग्राम पंचायत अथवा मनरेगा श्रमिकों के घर बेटी के जन्म लेने पर पांच पौधे न सिर्फ रोपे जाएंगे बल्कि इन पौधों के संरक्षण व देखरेख की जिम्मेदारी भी मनरेगा की होगी। यह पौधे गांव की नहर के किनारे, तालाबों के पास, पशुचर, गोशाला, स्कूल, खेल मैदान पंचायत भवन, मुख्य मार्गों के किनारे रोपे जाएंगे।
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शुरू की गई पहल
नरेगा से एक सार्थक सामाजिक पहल शुरू की जा रही है। इसमें बिटिया के जन्म पर पांच पौधे ग्रामीण मनरेगा श्रमिकों के साथ रोपेंगे। संरक्षण व रखरखाव मनरेगा से होगा। यह पर्यावरण सुरक्षा के साथ स्त्री-पुरुष अनुपात सामंजस्य के लिए भी कारगर पहल साबित होगी।
-सुशील कुमार अग्रहरि, उपायुक्त मनरेगा