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Balrampur News: कहीं तिरपाल पर कर रहे पढ़ाई तो कहीं एक ही कमरे में तीन कक्षाएं

Fri, 04 Aug 2023 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Fri, 04 Aug 2023 11:23 PM IST
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Somewhere studying on tarpaulin and somewhere three classes in the same room
बलरामपुर। नेपाल सीमा से सटे तुलसीपुर व गैसड़ी क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित स्कूल शिक्षा के नाम पर अभिभावकों को लूटने का काम कर रहे हैं। इनमें न तो संसाधन हैं न तो योग्य शिक्षक। इन अमान्य स्कूलों में बच्चों को दुकान व खुले आसमान के नीचे तिरपाल पर बैठाकर बच्चों को पढ़ाया जाता है। अभिभावकों से फीस के नाम पर तीन सौ से पांच सौ रुपए तक प्रतिमाह वसूलते हैं। शिक्षकों के नाम पर 10वीं पास बच्चों को पढ़ा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से अमान्य स्कूलों का धंधा खूब फल-फूल रहा है।
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बैठने के लिए बेंच तक नहीं
तुलसीपुर क्षेत्र के चौहत्तरकला में राम बक्स मेमोरियल स्कूल एवं शिक्षा सेवा संस्थान दुकान के लिए बने कमरों में संचालित है। यहां कक्षा एक से आठवीं तक की पढ़ाई होती है। कुछ बच्चों को बेंच तो बाकियों को तिरपाल पर बैठकर पढ़ाई कराई जाती है। छोटे कमरे में बच्चों को एकदूसरे से सटाकर बैठाया जाता है। बच्चों ने बताया कि कक्षा तीन में पढ़ने वाले से फीस 300 रुपए तो पांचवीं से 500 रुपए प्रतिमाह वसूला जाता है। प्रबंधक वीके यादव ने बताया कि स्कूल की मान्यता के लिए बीएसए कार्यालय में जाऊंगा।
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एक कमरे में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई
जरवा क्षेत्र के बनगाई में निर्माणाधीन भवन में जेपी मेमोरियल विद्यापीठ के नाम पर एलकेजी से कक्षा आठ तक का विद्यालय संचालित है। बिना प्लास्टर व पंखे के वाले भवन में कक्षा छह से आठ तक के बच्चे एक ही कमरे में बैठते हैं। दीवार पर लगे अलग-अलग ब्लैक बोर्ड पर शिक्षक पढ़ाते हैं। यहां बच्चों के लिए शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि स्कूल को पांचवीं तक की मान्यता मिली है। बोर्ड पर आठ तक कक्षाएं संचालित होने का विवरण गलती से लिख गया है।
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परिषदीय विद्यालयों में घट रहे बच्चे
जिले में अमान्य स्कूलों की भरमार से परिषदीय स्कूलों में नामांकन तेजी से घटा है। पिछले शैक्षिक सत्र में परिषदीय स्कूलों में दो लाख 80 हजार से अधिक बच्चों का नामांकन हुआ था। जबकि इस बार अब तक करीब दो लाख 30 हजार बच्चे ही पंजीकृत हुए हैं।

विभाग में मान्यता की फाइल जमा करके स्कूलों का संचालन करना अवैध है। गैसड़ी क्षेत्र के बीईओ ने कुछ स्कूलों पर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट भेजी है। इन स्कूलों की जांच कराकर बिना मान्यता अथवा मान्यता से अधिक संचालित कक्षाओं को बंद कराया जाएगा।
- कल्पना देवी, बीएसए बलरामपुर
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