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उम्मीदों को झटका : प्रदेश के टॉप-10 में जगह नहीं बना पाया जिला
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बलरामपुर में परीक्षा परिणाम घोषित होने पर सेल्फी लेकर खुशी जताते मेधावी।-संवाद
बलरामपुर। आकांक्षी जनपद में शामिल बलरामपुर जनपद इस बार भी प्रदेश के टॉप-10 सूची में जगह नहीं बना पाया। हालांकि प्रदेश स्तर पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों की रैंक में सुधार जरूर हुआ है।
जिले में पिछले वर्ष राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों से एक-एक बच्चे ने जिले की टॉपटेन सूची में जगह बनाई थी। इस वर्ष चार राजकीय इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने टाॅप टेन सूची में जगह बनाई है। यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम में छात्रों का शानदार प्रदर्शन रहा। उनके दम पर ही जिले का मंडल में दबदबा रहा। इंटरमीडिएट के परिणाम में जिला पूरे प्रदेश में 11वें स्थान पर रहा, वहीं मंडल में पहला स्थान मिला है। पिछले साल प्रदेश में 14वां स्थान मिला था।
इसी तरह हाईस्कूल में प्रदेश स्तर पर बलरामपुर को 12वां स्थान मिला है और मंडल में पहला। पिछले वर्ष की हाईस्कूल की रैंकिंग में जिले को 52वीं रैंक मिली थी। वर्ष 2024 के बाेर्ड परीक्षा में हाईस्कूल का 87.82 व इंटरमीडिएट का 87.36 फीसदी परिणाम रहा था। इस बार हाईस्कूल का परिणाम 93.09 फीसदी व इंटरमीडिएट का 86.57 फीसदी रहा। (संवाद)
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सरकारी स्कूलों की हालत खराब
जिले में सरकारी स्कूलों हालत काफी खराब रही। पढ़ाई में सुधार के साथ-साथ शिक्षकों के वेतन पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद इन स्कूलों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। जिले में 22 राजकीय एवं 19 सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय हैं। इनमें से मात्र चार राजकीय कॉलेजों के बच्चे ही टॉपटेन सूची में जगह बना सके हैं। खराब प्रदर्शन के चलते इन स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था सवालों से घिर गए हैं।
विद्यार्थियों की मेहनत के बदौलत परीक्षा परिणाम की रैंकिंग में सुधार हुआ है। प्रदेश की सूची में स्थान न आने पर परिणाम की समीक्षा की जाएगी। स्कूलों में पठन-पाठन बेहतर करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
-मृदुला आनंद, डीआईओएस
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जिले में पिछले वर्ष राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों से एक-एक बच्चे ने जिले की टॉपटेन सूची में जगह बनाई थी। इस वर्ष चार राजकीय इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने टाॅप टेन सूची में जगह बनाई है। यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम में छात्रों का शानदार प्रदर्शन रहा। उनके दम पर ही जिले का मंडल में दबदबा रहा। इंटरमीडिएट के परिणाम में जिला पूरे प्रदेश में 11वें स्थान पर रहा, वहीं मंडल में पहला स्थान मिला है। पिछले साल प्रदेश में 14वां स्थान मिला था।
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इसी तरह हाईस्कूल में प्रदेश स्तर पर बलरामपुर को 12वां स्थान मिला है और मंडल में पहला। पिछले वर्ष की हाईस्कूल की रैंकिंग में जिले को 52वीं रैंक मिली थी। वर्ष 2024 के बाेर्ड परीक्षा में हाईस्कूल का 87.82 व इंटरमीडिएट का 87.36 फीसदी परिणाम रहा था। इस बार हाईस्कूल का परिणाम 93.09 फीसदी व इंटरमीडिएट का 86.57 फीसदी रहा। (संवाद)
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सरकारी स्कूलों की हालत खराब
जिले में सरकारी स्कूलों हालत काफी खराब रही। पढ़ाई में सुधार के साथ-साथ शिक्षकों के वेतन पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद इन स्कूलों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। जिले में 22 राजकीय एवं 19 सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय हैं। इनमें से मात्र चार राजकीय कॉलेजों के बच्चे ही टॉपटेन सूची में जगह बना सके हैं। खराब प्रदर्शन के चलते इन स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था सवालों से घिर गए हैं।
विद्यार्थियों की मेहनत के बदौलत परीक्षा परिणाम की रैंकिंग में सुधार हुआ है। प्रदेश की सूची में स्थान न आने पर परिणाम की समीक्षा की जाएगी। स्कूलों में पठन-पाठन बेहतर करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
-मृदुला आनंद, डीआईओएस