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Balrampur News: बौद्धिक संपदा की कोई तुलना नहीं होती
Sat, 25 Feb 2023 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 25 Feb 2023 11:12 PM IST
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बलरामपुर। एमएलके महाविद्यालय के सभागार में शनिवार से इन्टलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स एवं रिसर्च एथिक्स विषय पर दो दिवसीय सेमिनार शुरू हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. मनमोहन कृष्णा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके किया। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा की कोई तुलना नहीं होती। यह ऐसा धन है जिसे कोई चुरा नहीं सकता। बौद्धिक क्षमता के दम पर कई विद्वानों ने पूरे विश्व में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने बौद्धिक संपदा व उसके सरंक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में भी विस्तार से बताया।
गोरखपुर से आए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. अश्विनी मिश्र ने पेटेंट और इंडस्ट्रियल डिजाइन के बिंदुओं पर चर्चा करते हुए उससे होने वाले लाभ की जानकारी दी। वाणिज्य मंत्रालय के सदस्य डॉ. राजू तिवारी ने छात्र-छात्रों को पेटेंट व कॉपी राइट विषय पर जानकारी देते हुए रोजगार से जुड़े क्षेत्रों के बारे में बताया।
वहीं, एमएलके महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू होने के बाद उसमें आने वाली चुनौतियां एवं समाधान विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की चुनौतियां जैसे सेमेस्टर प्रणाली, विषयों के चयन, व्यावसायिक पाठ्यक्रम, लघु शोध प्रबंध व कक्षाओं के संचालन आदि में आने वाली समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया।
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मुख्य अतिथि व प्रभारी उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश महेंद्र ने कहा कि इन समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान के लिए क्लस्टर रूप में एकत्र कर उच्च स्तर पर चर्चा करनी होगी। उन्होंने समस्याओं के निस्तारण में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय ने छात्रों तथा प्रशासनिक रूप से आने वाली समस्याओं तथा उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की।
इस अवसर पर प्रो. श्रीप्रकाश मिश्र, डॉ. आलोक शुक्ल, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. आशीष लाल, डॉ. स्वदेश भट्ट, डॉ. कृतिका तिवारी, डॉ. साक्षी शर्मा, डीएस सिंह, डॉ. अजय सिंह, डॉ. सुनील शुक्ल, डॉ. एसके त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. मनमोहन कृष्णा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके किया। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा की कोई तुलना नहीं होती। यह ऐसा धन है जिसे कोई चुरा नहीं सकता। बौद्धिक क्षमता के दम पर कई विद्वानों ने पूरे विश्व में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने बौद्धिक संपदा व उसके सरंक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में भी विस्तार से बताया।
गोरखपुर से आए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. अश्विनी मिश्र ने पेटेंट और इंडस्ट्रियल डिजाइन के बिंदुओं पर चर्चा करते हुए उससे होने वाले लाभ की जानकारी दी। वाणिज्य मंत्रालय के सदस्य डॉ. राजू तिवारी ने छात्र-छात्रों को पेटेंट व कॉपी राइट विषय पर जानकारी देते हुए रोजगार से जुड़े क्षेत्रों के बारे में बताया।
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वहीं, एमएलके महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू होने के बाद उसमें आने वाली चुनौतियां एवं समाधान विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की चुनौतियां जैसे सेमेस्टर प्रणाली, विषयों के चयन, व्यावसायिक पाठ्यक्रम, लघु शोध प्रबंध व कक्षाओं के संचालन आदि में आने वाली समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया।
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मुख्य अतिथि व प्रभारी उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश महेंद्र ने कहा कि इन समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान के लिए क्लस्टर रूप में एकत्र कर उच्च स्तर पर चर्चा करनी होगी। उन्होंने समस्याओं के निस्तारण में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय ने छात्रों तथा प्रशासनिक रूप से आने वाली समस्याओं तथा उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की।
इस अवसर पर प्रो. श्रीप्रकाश मिश्र, डॉ. आलोक शुक्ल, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. आशीष लाल, डॉ. स्वदेश भट्ट, डॉ. कृतिका तिवारी, डॉ. साक्षी शर्मा, डीएस सिंह, डॉ. अजय सिंह, डॉ. सुनील शुक्ल, डॉ. एसके त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।