{"_id":"67c33eb9c73bdb2a090a04fa","slug":"leopard-footprints-found-in-dhamachori-village-cage-installed-balrampur-news-c-99-1-brp1008-121766-2025-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: धामाचौरी गांव में मिले तेंदुए के पगचिह्न, लगाया पिंजरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: धामाचौरी गांव में मिले तेंदुए के पगचिह्न, लगाया पिंजरा
विज्ञापन
बलरामपुर के धामाचौड़ी के पास लगाया गया पिंजड़ा।-संवाद
हरैया सतघरवा (बलरामपुर)। सोहेलवा जंगल के धामाचौरी गांव में तेंदुए का पगचिह्न मिला है। गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया गया है। गांव में रेंजर शत्रोहन लाल व वन दरोगा जीव रक्खन प्रसाद को तेंदुआ पकड़ने तक ठहरने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बनकटवा रेंज के धामाचौरी गांव के पास बुधवार शाम बाइक से जा रहे गनेशपुर गांव निवासी महेंद्र कुमार शुक्ल व उनके पुत्र प्रदीप कुमार शुक्ल पर तेंदुए ने हमला कर दिया था, इसमें दोनों के हाथ, पैर व सिर में चोटें आई थीं । वनकर्मियों ने घायल पिता-पुत्र को सीएचसी शिवपुरा में भर्ती कराया। बेटे की हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था।
उपप्रभागीय वनाधिकारी एमबी सिंह ने शनिवार को बताया कि वनकर्मियों को पहाड़ी नाला कचनी में तेंदुए के पगचिह्न दिखाई दिए हैं। शनिवार को वनकर्मियों ने पहाड़ी नाले के पास गन्ने के खेत में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है। गांव में रेंजर व वन दरोगा के साथ दूधनाथ को तैनात करके पल-पल की रिपोर्ट जुटाई जा रही है। पिंजरा में कैद होने के बाद तेंदुए को सोहेलवा जंगल में छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बनकटवा रेंज के धामाचौरी गांव के पास बुधवार शाम बाइक से जा रहे गनेशपुर गांव निवासी महेंद्र कुमार शुक्ल व उनके पुत्र प्रदीप कुमार शुक्ल पर तेंदुए ने हमला कर दिया था, इसमें दोनों के हाथ, पैर व सिर में चोटें आई थीं । वनकर्मियों ने घायल पिता-पुत्र को सीएचसी शिवपुरा में भर्ती कराया। बेटे की हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था।
विज्ञापन
उपप्रभागीय वनाधिकारी एमबी सिंह ने शनिवार को बताया कि वनकर्मियों को पहाड़ी नाला कचनी में तेंदुए के पगचिह्न दिखाई दिए हैं। शनिवार को वनकर्मियों ने पहाड़ी नाले के पास गन्ने के खेत में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है। गांव में रेंजर व वन दरोगा के साथ दूधनाथ को तैनात करके पल-पल की रिपोर्ट जुटाई जा रही है। पिंजरा में कैद होने के बाद तेंदुए को सोहेलवा जंगल में छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन