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Balrampur News: 1.02 करोड़ से बदलेगी चित्तौड़गढ़ जलाशय की तस्वीर
Wed, 18 Oct 2023 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 18 Oct 2023 11:56 PM IST
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बलरामपुर में स्थित चित्तौड़गढ़ जलाशय का गेट।
बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमा के पिपरी बानगढ़ के चित्तौड़गढ़ जलाशय की तस्वीर जल्दी बदली नजर आएगी। शासन स्तर से इस ऐतिहासिक जलाशय की साफ सफाई और उससे जुड़े माइनरों को दुरूस्त कराने के लिए 1.02 करोड़ रुपये की बजट राशि जारी की गई है। इससे चितौड़गढ़ बांध निर्माण खंड ने कार्य कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
इस संबंध जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जलाशय का सौंदर्यीकरण कर इसे पर्यटक स्थल के बतौर विकसित किया जाए। सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित यह जलाशय प्राकृतिक तौर पर नेपाल व भारत के पहाड़ी नालों का संगम है। चित्तौड़गढ़ जलाशय का जल ग्रहण क्षेत्र 14 वर्ग किलोमीटर है। जलाशय से निकली गैंसड़ी मुख्य नहर 17.8 किलोमीटर लंबी है। इस जलाशय में पहाड़ी नाला भांभर, दारा, मूसी, घुघरौर व हमसोटी नाका समेत कई छोटे नालों का पानी एकत्र होता है।
नेपाल के पानी को संग्रहित करने वाला यह जलाशय भारत के लिए कवच भी है। इसका पानी खेती किसानी के लिए काफी मुफीद होता है। इसके लिए जलाशय से निकली 171.3 किलोमीटर लंबी नहर से खेतों तक पानी पहुंचाया जाता है। यह जलाशय देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।
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23 कार्यों को मिली मंजूरी
चितौड़गढ़ जलाशय के लिए दो योजनाएं मंजूर हुईं हैं। इसमें 23 कार्य होने हैं। इसके तहत जलाशय से जुड़े गनवरिया माइनर के सात किलोमीटर क्षेत्र के पुनरोद्धार और पक्के कार्य के लिए 31.13 लाख रूपये, बाकी माइनर के लिए छह लाख सात हजार रूपये, खैरमान मुख्य नहर के लिए 23.05 लाख, सहजना माइनर पर 12.24 लाख रूपये का बजट मिला है।
इसके अलावा भोजपुर रजबहा पर 2.27 लाख, शीतलापुर राजबहा पर 3.49 लाख, तुलसीपुर माइनर पर 1.79 लाख, दत्तापुर माइनर पर 2.95 लाख, लालपुर माइनर पर 98 हजार, गैसड़ी माइनर पर 14 हजार, सेमरी माइनर पर 40 हजार, भगवानपुर मुख्य नहर पर 3.63 लाख, महुआ रजबहा पर 2.62 लाख, सोनपुर माइनर पर 75 हजार, विश्रामपुर माइनर पर 90 हजार, गुरचिहवा माइनर पर 1.24 लाख, देवीपाटन माइनर पर 73 हजार, पचपेड़वा राजबहा पर 2.11 लाख, फरेंदी राजबहा पर 3.09 लाख, बनगाई माइनर पर 1.09 लाख, निबिहा माइनर पर 63 हजार, डगमरा माइनर पर 28 हजार तथा पंडितपुरवा माइनर पर 31 हजार रूपये से सफाई के कार्य होंगे।
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इस संबंध जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जलाशय का सौंदर्यीकरण कर इसे पर्यटक स्थल के बतौर विकसित किया जाए। सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित यह जलाशय प्राकृतिक तौर पर नेपाल व भारत के पहाड़ी नालों का संगम है। चित्तौड़गढ़ जलाशय का जल ग्रहण क्षेत्र 14 वर्ग किलोमीटर है। जलाशय से निकली गैंसड़ी मुख्य नहर 17.8 किलोमीटर लंबी है। इस जलाशय में पहाड़ी नाला भांभर, दारा, मूसी, घुघरौर व हमसोटी नाका समेत कई छोटे नालों का पानी एकत्र होता है।
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नेपाल के पानी को संग्रहित करने वाला यह जलाशय भारत के लिए कवच भी है। इसका पानी खेती किसानी के लिए काफी मुफीद होता है। इसके लिए जलाशय से निकली 171.3 किलोमीटर लंबी नहर से खेतों तक पानी पहुंचाया जाता है। यह जलाशय देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।
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23 कार्यों को मिली मंजूरी
चितौड़गढ़ जलाशय के लिए दो योजनाएं मंजूर हुईं हैं। इसमें 23 कार्य होने हैं। इसके तहत जलाशय से जुड़े गनवरिया माइनर के सात किलोमीटर क्षेत्र के पुनरोद्धार और पक्के कार्य के लिए 31.13 लाख रूपये, बाकी माइनर के लिए छह लाख सात हजार रूपये, खैरमान मुख्य नहर के लिए 23.05 लाख, सहजना माइनर पर 12.24 लाख रूपये का बजट मिला है।
इसके अलावा भोजपुर रजबहा पर 2.27 लाख, शीतलापुर राजबहा पर 3.49 लाख, तुलसीपुर माइनर पर 1.79 लाख, दत्तापुर माइनर पर 2.95 लाख, लालपुर माइनर पर 98 हजार, गैसड़ी माइनर पर 14 हजार, सेमरी माइनर पर 40 हजार, भगवानपुर मुख्य नहर पर 3.63 लाख, महुआ रजबहा पर 2.62 लाख, सोनपुर माइनर पर 75 हजार, विश्रामपुर माइनर पर 90 हजार, गुरचिहवा माइनर पर 1.24 लाख, देवीपाटन माइनर पर 73 हजार, पचपेड़वा राजबहा पर 2.11 लाख, फरेंदी राजबहा पर 3.09 लाख, बनगाई माइनर पर 1.09 लाख, निबिहा माइनर पर 63 हजार, डगमरा माइनर पर 28 हजार तथा पंडितपुरवा माइनर पर 31 हजार रूपये से सफाई के कार्य होंगे।