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Balrampur News: बेला कोड़री गांव में कटान शुरू, किसानों का प्रदर्शन
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बलरामपुर के बेला कोड़री गांव के पास कटान करती राप्ती नदी ।-संवाद
महराजगंज तराई। सदर तहसील के बेला कोड़री गांव के पास राप्ती नदी में दो दिनों से फिर से कटान शुरू हो गई है, इससे ग्रामीण परेशान हैं। अब तक 15 किसानों की 90 बीघे जमीन राप्ती नदी में समाहित हो चुकी है। बृहस्पतिवार को किसानों ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
बेला कोड़री गांव के किसान राकेश सैनी ने बताया कि धान व गन्ना लगा 10 बीघे खेत राप्ती नदी में कटान की भेंट चढ़ गया है। जलस्तर घटने के बाद कटान नहीं हो रही थी। दो दिन पहले राप्ती नदी का जलस्तर थोड़ा बढ़ा था, इसके बाद से कटान होने लगी है। धनीराम की 20 बीघे, बड़ेलाल की छह बीघे, मोहर की तीन बीघे, मोतीराम की नौ बीघे व बाराती की पांच गन्ना व धान की फसल नदी में समा चुकी है। संतराम, कपूरे, बेचू यादव, केशव, मालिकराम व पटवारी का पांच-पांच बीघे खेत कट गया है। फागू की छह, राजेंद्र की चार व रामकुमार की पांच बीघे धान व गन्ने की फसल राप्ती नदी में समा गई है। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। गांव के लोग खेती पर निर्भर हैं। फसल बर्बाद होने से लोग अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे कर सकेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाने व कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है।
आपदा पोर्टल पर करें आवेदन्र
आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि कटान से फसलों का नुकसान होने पर मदद दी जा रही है। इसके लिए आपदा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अपने गांव के लेखपाल के माध्यम से फसलों के नुकसान का ऑनलाइन आवेदन कराएं। आवेदन करने वालों को तुरंत मदद मुहैया कराई जाएगी।
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लेखपाल से मांगी गई रिपोर्ट
सदर तहसील के बेला कोड़री गांव के किसानों ने राप्ती नदी की कटान से फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मदद मुहैया कराई जाएगी।
-हेमंत कुमार गुप्त, सदर एसडीएम
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बेला कोड़री गांव के किसान राकेश सैनी ने बताया कि धान व गन्ना लगा 10 बीघे खेत राप्ती नदी में कटान की भेंट चढ़ गया है। जलस्तर घटने के बाद कटान नहीं हो रही थी। दो दिन पहले राप्ती नदी का जलस्तर थोड़ा बढ़ा था, इसके बाद से कटान होने लगी है। धनीराम की 20 बीघे, बड़ेलाल की छह बीघे, मोहर की तीन बीघे, मोतीराम की नौ बीघे व बाराती की पांच गन्ना व धान की फसल नदी में समा चुकी है। संतराम, कपूरे, बेचू यादव, केशव, मालिकराम व पटवारी का पांच-पांच बीघे खेत कट गया है। फागू की छह, राजेंद्र की चार व रामकुमार की पांच बीघे धान व गन्ने की फसल राप्ती नदी में समा गई है। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। गांव के लोग खेती पर निर्भर हैं। फसल बर्बाद होने से लोग अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे कर सकेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाने व कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है।
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आपदा पोर्टल पर करें आवेदन्र
आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि कटान से फसलों का नुकसान होने पर मदद दी जा रही है। इसके लिए आपदा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अपने गांव के लेखपाल के माध्यम से फसलों के नुकसान का ऑनलाइन आवेदन कराएं। आवेदन करने वालों को तुरंत मदद मुहैया कराई जाएगी।
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लेखपाल से मांगी गई रिपोर्ट
सदर तहसील के बेला कोड़री गांव के किसानों ने राप्ती नदी की कटान से फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मदद मुहैया कराई जाएगी।
-हेमंत कुमार गुप्त, सदर एसडीएम