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Balrampur News: धूमधाम से मनाया गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व
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बलरामपुर। गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर सिक्ख धर्म के 10वें गुरु के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। इस दौरान खालसा पंथ के सिद्धांतों पर भी प्रकाश डाला गया।
गुरु गोबिंद सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में 28 दिसंबर से ही नगर में भोर पहर गुरुद्वारे से प्रभात फेरी निकाली जा रही थी। शनिवार को नगर के टेढ़ीबाजार स्थित गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहिब अखंड पाठ का शुभारंभ किया गया। सोमवार सुबह अखंड पाठ की समाप्ति के बाद शबद-कीर्तन का आयोजन किया गया। इसके जरिए गुरु गोबिंद सिंह के संदेशों पर प्रकाश डाला गया। गुरुद्वारे के ज्ञानी अनिल सिंह व रवींद्र सिंह ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने सिक्ख धर्म के लोगों को जीवन जीने के लिए पांच सिद्धांत दिए थे। इसमें केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा रखना अनिवार्य बताया था। इसके बाद लोगों ने गुरु की अरदास कर परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। अरदास के बाद लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष रमेश पाहवा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस, सरदार भूपेंदर सिंह शनि, अमरजीत सिंह बिट्टू, सरदार प्रीतपाल सिंह, सरदार यश पाल सिंह व चरनजीत सिंह लक्की सहित तमाम लोगों ने प्रसाद छका।
इसी तरह तुलसीपुर व उतरौला स्थित गुरुद्वारे में भी गुरु गोबिंद सिंह की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। तीन दिनों तक गुरु ग्रंथ साहिब पाठ व शबद-कीर्तन का आयोजन किया गया। तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन सोमवार को लंगर के साथ हुआ। गुरुद्वारे में सोमवार को हुए धार्मिक कार्यक्रमों में हरमिंदर सिंह, प्रीतपाल सिंह, रणजीत सिंह, हरविंदर सिंह, रिक्की सिंह, सरदार गुरदीप सिंह, मंजीत सिंह मंगी व सुरेंद्र पाल सिंह सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।
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गुरु गोबिंद सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में 28 दिसंबर से ही नगर में भोर पहर गुरुद्वारे से प्रभात फेरी निकाली जा रही थी। शनिवार को नगर के टेढ़ीबाजार स्थित गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहिब अखंड पाठ का शुभारंभ किया गया। सोमवार सुबह अखंड पाठ की समाप्ति के बाद शबद-कीर्तन का आयोजन किया गया। इसके जरिए गुरु गोबिंद सिंह के संदेशों पर प्रकाश डाला गया। गुरुद्वारे के ज्ञानी अनिल सिंह व रवींद्र सिंह ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने सिक्ख धर्म के लोगों को जीवन जीने के लिए पांच सिद्धांत दिए थे। इसमें केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा रखना अनिवार्य बताया था। इसके बाद लोगों ने गुरु की अरदास कर परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। अरदास के बाद लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष रमेश पाहवा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस, सरदार भूपेंदर सिंह शनि, अमरजीत सिंह बिट्टू, सरदार प्रीतपाल सिंह, सरदार यश पाल सिंह व चरनजीत सिंह लक्की सहित तमाम लोगों ने प्रसाद छका।
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इसी तरह तुलसीपुर व उतरौला स्थित गुरुद्वारे में भी गुरु गोबिंद सिंह की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। तीन दिनों तक गुरु ग्रंथ साहिब पाठ व शबद-कीर्तन का आयोजन किया गया। तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन सोमवार को लंगर के साथ हुआ। गुरुद्वारे में सोमवार को हुए धार्मिक कार्यक्रमों में हरमिंदर सिंह, प्रीतपाल सिंह, रणजीत सिंह, हरविंदर सिंह, रिक्की सिंह, सरदार गुरदीप सिंह, मंजीत सिंह मंगी व सुरेंद्र पाल सिंह सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।
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