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Balrampur News: पूर्व विधायक की रिमांड से खुलेगी भ्रष्टाचार की कुंडली
Mon, 15 Jun 2026 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:12 PM IST
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बलरामपुर। स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के बाद जिले में हड़कंप मचा हुआ है। मामले में कार्रवाई तेज होते ही संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस कार्यालय में तैनात लिपिक कोमल प्रसाद फरार हो गया है। उसे अपनी गिरफ्तारी की आशंका थी। सीएमएस डॉ. राजकुमार वर्मा के अनुसार लिपिक पिछले चार दिनों से अवकाश पर है और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
उधर, विजिलेंस की लखनऊ इकाई पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। उम्मीद है कि पूछताछ में घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। जिले में भी विजिलेंस टीम के पहुंचने की चर्चा तेज है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।
2018 से 2022 के बीच स्वास्थ्य विभाग में उपकरणों की खरीद में भारी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इस मामले की जांच विजिलेंस की लखनऊ और अयोध्या इकाइयां कर रही हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार एनआरएचएम के तहत हुए घोटाले में मुख्य आरोपी मुकेश श्रीवास्तव और उनके भाई अजय श्रीवास्तव ने पिता, पत्नी, भाभी समेत अन्य परिजनों के नाम से संचालित फर्मों को बिना किसी कार्य या आपूर्ति के करोड़ों रुपये का भुगतान करा दिया था।
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जांच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद भी पूर्व विधायक पूछताछ में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस कस्टडी में होने वाली गहन पूछताछ से घोटाले की पूरी परतें खुलने की संभावना जताई जा रही है।
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उधर, विजिलेंस की लखनऊ इकाई पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। उम्मीद है कि पूछताछ में घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। जिले में भी विजिलेंस टीम के पहुंचने की चर्चा तेज है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।
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2018 से 2022 के बीच स्वास्थ्य विभाग में उपकरणों की खरीद में भारी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इस मामले की जांच विजिलेंस की लखनऊ और अयोध्या इकाइयां कर रही हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार एनआरएचएम के तहत हुए घोटाले में मुख्य आरोपी मुकेश श्रीवास्तव और उनके भाई अजय श्रीवास्तव ने पिता, पत्नी, भाभी समेत अन्य परिजनों के नाम से संचालित फर्मों को बिना किसी कार्य या आपूर्ति के करोड़ों रुपये का भुगतान करा दिया था।
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जांच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद भी पूर्व विधायक पूछताछ में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस कस्टडी में होने वाली गहन पूछताछ से घोटाले की पूरी परतें खुलने की संभावना जताई जा रही है।