फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Farmers did not come to sell wheat on the first day at the purchasing centers

क्रय केंद्रों पर पहले दिन गेहूं बेचने नहीं आए किसान

Thu, 01 Apr 2021 10:22 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Apr 2021 10:22 PM IST
विज्ञापन
Farmers did not come to sell wheat on the first day at the purchasing centers
बलरामपुर। जिले के किसी भी क्रय केंद्र पर पहले दिन बृहस्पतिवार को गेहूं बेचने के लिए कोई किसान नहीं पहुंचा। जिले के 700 से अधिक किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करा लिया। पंजीकरण कराने वाले किसानों को अब गेहूं की फसल तैयार होने का इंतजार है। जिले के 54 क्रय केंद्रों पर 15 जून तक पंजीकृत किसानों से गेहूं की खरीदारी की जाएगी।
विज्ञापन

किसानों को जारी होने वाले ऑनलाइन टोकन में मोबाइल पर गेहूं बेचने वाले क्रय केंद्र के नाम का मेसेज आएगा। डिप्टी आरएमओ नरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि मूल्य समर्थन योजना के तहत 2021-22 में किसानों से गेहूं खरीद गुरुवार से शुरु कर दी गई है। किसानों से गेहूं खरीदने के लिए जिले में पांच क्रय एजेंसियों के 54 क्रय केंबनाए गए हैं। फसल तैयार न होने के चलते पहले दिन जिले के किसी भी केंद्र पर खरीद शुरु नहीं हो सकी है।
विज्ञापन

गेहूं बेचने के लिए अब 700 से अधिक किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। जारी होने वाले ऑनलाइन टोकन में किसानों को क्रय केंद्र का नाम व अन्य जरूरी जानकारी का मैसेज उनके मोबाइल पर भेजा जा रहा है। इस बार सभी किसानों से गेहूं 15 जून तक खरीदा जाएगा। शासन से गेहूं खरीद का कोई लक्ष्य नहीं जारी किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गेहूं की सफाई के लिए लगे पावर क्लीनर
जिले के सभी क्रय केंद्रों पर ई-पॉश मशीनों से गेहूं खरीदने की तैयारी की जा रही है। यूपीएसएस, एफसीआई, पीसीएफ, खाद्य विभाग व मंडी समिति क्रय एजेंसियां किसानों से 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदारी करेंगी। जिले के सभी क्रय केंद्रों पर गेहूं की सफाई के लिए पावर क्लीनर लगवाए गए हैं। किसानों को 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सफाई शुल्क देना होगा। साफ-सुथरा गेहूं लाने वाले किसानों से खरीदारी की जाएगी। धान बेचने वाले किसानों को पंजीकरण कराने की जरुरत नहीं है।

संशोधन कर किसान को पुन: लॉक करना होगा। किसान के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, जिसके माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया लॉक कर पूरा किया जाएगा। किसान का मोबाइल, बैंक खाता व आधार नंबर यूनीक रखा गया है। शासन ने पहले 44 क्रय केंद्र खोलने की अनुमति दी थी। बाद में 10 क्रय केंद्र बढ़ा दिए गए हैं। पांचों क्रय एजेंसियों को केंद्र बढ़ाकर खोलने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed