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Balrampur News: मौसम में बदलाव का असर, बढ़ रहा बीपी और तनाव
Mon, 13 Apr 2026 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:25 PM IST
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फोटो-13- जिला मेमोरियल अस्पताल में मरीज देखते डॉक्टर। संवाद
बलरामपुर। मौसम में उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। इन दिनों जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ जुट रही है। इनमें ब्लड प्रेशर व तनाव के मरीजों की संख्या अधिक रहती है। 400 से अधिक मरीजों की ओपीडी हो रही है। सोमवार को तापमान अधिकतम 36 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अब लगातार तापमान बढ़ेगा, शनिवार तक अधिकतम 41 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस होने का अनुमान है।
जिला मेमोरियल अस्पताल के कमरा नंबर दो सोमवार की सुबह 11.10 बजे मरीजों की भारी भीड़ दिखी। एनसीडी चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव व चेस्ट फिजिशियन डॉ. गिरधर चौहान को दिखाने के लिए लोग जुटे हुए थे। सुबह-शाम ठंड व दोपहर में तेज धूप के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी में खड़ी रुखसाना ने बताया कि उनकी बहन के शरीर में दर्द व चक्कर आ रहा है, चिकित्सक ने ब्लड प्रेशर व शुगर की जांच लिखी है। इमरजेंसी वार्ड में जांच कराने आ रही हूं। फूलमती ने बताया कि उनका बीपी बढ़ गया है। चिकित्सक ने दवा लिखा है। सोमवार को चेस्ट फिजिशियन ने 65 मरीज व एनसीडी चिकित्साधिकारी ने 68 मरीज देखे हैं। डॉ. गिरधर चौहान ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर व तनाव से बचने के लिए सुबह 10 बजे से शाम चार बजे के बीच बाहर काम करने से बचना चाहिए। सुबह-शाम कम से कम आधा घंटे व्यायाम करें। थकान, मतली, उल्टी व चक्कर आना महसूस होने पर तत्काल अपना ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच कराएं। जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्कता बरतनी होगी। अभी मौसम गर्म रहेगा।
ब्लड प्रेशर व शुगर लेवल को प्रभावित करता है मौसम
गैर संचारी रोग के चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि आमतौर पर व्यायाम, खान-पान, तनाव और नींद की कमी मधुमेह के स्तर को प्रभावित करता है। इन सबके अलावा मौसम का उतार-चढ़ाव भी मधुमेह पर प्रभाव डालता है। कई बार ठंडक में बीपी और शुगर के मरीजों की दवा की खुराक बढ़ा दी जाती है। चिकित्सक से सलाह न लेकर मरीज गर्मी आने के बाद भी यही दवा लेते रहते हैं। ऐसे में बीपी व शुगर लेवल बढ़ने/घटने की समस्या सामने आती है। मौसम बदलने पर मरीजों को डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
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जिला मेमोरियल अस्पताल के कमरा नंबर दो सोमवार की सुबह 11.10 बजे मरीजों की भारी भीड़ दिखी। एनसीडी चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव व चेस्ट फिजिशियन डॉ. गिरधर चौहान को दिखाने के लिए लोग जुटे हुए थे। सुबह-शाम ठंड व दोपहर में तेज धूप के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी में खड़ी रुखसाना ने बताया कि उनकी बहन के शरीर में दर्द व चक्कर आ रहा है, चिकित्सक ने ब्लड प्रेशर व शुगर की जांच लिखी है। इमरजेंसी वार्ड में जांच कराने आ रही हूं। फूलमती ने बताया कि उनका बीपी बढ़ गया है। चिकित्सक ने दवा लिखा है। सोमवार को चेस्ट फिजिशियन ने 65 मरीज व एनसीडी चिकित्साधिकारी ने 68 मरीज देखे हैं। डॉ. गिरधर चौहान ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर व तनाव से बचने के लिए सुबह 10 बजे से शाम चार बजे के बीच बाहर काम करने से बचना चाहिए। सुबह-शाम कम से कम आधा घंटे व्यायाम करें। थकान, मतली, उल्टी व चक्कर आना महसूस होने पर तत्काल अपना ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच कराएं। जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्कता बरतनी होगी। अभी मौसम गर्म रहेगा।
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ब्लड प्रेशर व शुगर लेवल को प्रभावित करता है मौसम
गैर संचारी रोग के चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि आमतौर पर व्यायाम, खान-पान, तनाव और नींद की कमी मधुमेह के स्तर को प्रभावित करता है। इन सबके अलावा मौसम का उतार-चढ़ाव भी मधुमेह पर प्रभाव डालता है। कई बार ठंडक में बीपी और शुगर के मरीजों की दवा की खुराक बढ़ा दी जाती है। चिकित्सक से सलाह न लेकर मरीज गर्मी आने के बाद भी यही दवा लेते रहते हैं। ऐसे में बीपी व शुगर लेवल बढ़ने/घटने की समस्या सामने आती है। मौसम बदलने पर मरीजों को डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
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