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सीटीईटी : हिंदी आसान, संस्कृत-गणित ने किया परेशान
Sun, 08 Feb 2026 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 08 Feb 2026 11:33 PM IST
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गोंडा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) को लेकर जिले में अभ्यर्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने पेपर को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। अधिकांश परीक्षार्थियों का कहना था कि हिंदी अपेक्षाकृत आसान रही, जबकि संस्कृत व गणित ने उन्हें उलझाए रखा। वहीं, सामाजिक विज्ञान (एसएसटी) में समय प्रबंधन बड़ी चुनौती रहा।
परीक्षा केंद्रों के बाहर इंतजार कर रहे अभिभावकों के बीच भी चर्चा का माहौल बना रहा। कई युवाओं ने बताया कि वे पहली बार शिक्षक बनने के लिए सीटीईटी दे रहे थे, जबकि बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक भी दिखे जो पहले से नौकरी में हैं और नए नियमों के चलते परीक्षा देने आए थे। मनकापुर की अभ्यर्थी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि वह शिक्षक बनने के लिए परीक्षा देने आई थीं। हिंदी का पेपर सरल था, लेकिन संस्कृत समझने में कठिन लगी।
तरबगंज के परिषदीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. अरुणवीर सिंह ने कहा कि पेपर का स्तर काफी कठिन था। नए अभ्यर्थियों के लिए यह ठीक हो सकता है, लेकिन जो लंबे समय से नौकरी कर रहे हैं, उनके लिए यह चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार के नए नियम के अनुसार 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टेट/सीटीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके चलते कई अनुभवी शिक्षक भी परीक्षा देने आए। शिक्षक गिरजेश मिश्र ने बताया कि कुल मिलाकर पेपर संतोषजनक रहा, लेकिन एसएसटी में समय कम पड़ गया। अभ्यर्थी गोल्डी मिश्रा ने कहा कि पेपर ठीक था, लेकिन अगर थोड़ा और समय मिलता तो बेहतर प्रदर्शन कर पाते।
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परीक्षा केंद्रों के बाहर इंतजार कर रहे अभिभावकों के बीच भी चर्चा का माहौल बना रहा। कई युवाओं ने बताया कि वे पहली बार शिक्षक बनने के लिए सीटीईटी दे रहे थे, जबकि बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक भी दिखे जो पहले से नौकरी में हैं और नए नियमों के चलते परीक्षा देने आए थे। मनकापुर की अभ्यर्थी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि वह शिक्षक बनने के लिए परीक्षा देने आई थीं। हिंदी का पेपर सरल था, लेकिन संस्कृत समझने में कठिन लगी।
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तरबगंज के परिषदीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. अरुणवीर सिंह ने कहा कि पेपर का स्तर काफी कठिन था। नए अभ्यर्थियों के लिए यह ठीक हो सकता है, लेकिन जो लंबे समय से नौकरी कर रहे हैं, उनके लिए यह चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार के नए नियम के अनुसार 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टेट/सीटीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके चलते कई अनुभवी शिक्षक भी परीक्षा देने आए। शिक्षक गिरजेश मिश्र ने बताया कि कुल मिलाकर पेपर संतोषजनक रहा, लेकिन एसएसटी में समय कम पड़ गया। अभ्यर्थी गोल्डी मिश्रा ने कहा कि पेपर ठीक था, लेकिन अगर थोड़ा और समय मिलता तो बेहतर प्रदर्शन कर पाते।
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