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बाढ़ पीड़ितों को सात करोड़ रुपये की राहत देने में हो रहा खेल
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:48 PM IST
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बलरामपुर। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित कराने में जमकर खेल किया जा रहा है। जिले में बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए शासन ने सात करोड़ रुपये अलॉट किए हैं। ठेकेदारों की मनमानी के चलते पीड़ितों को राहत देने में खुला खेल हो रहा है।
कई स्थानों पर घटिया सामग्री का वितरण होने पर लोगों ने प्रदर्शन भी किया। बाढ़ पीड़ितों की मदद के आड़ में लोग निजी लाभ ले रहे हैं। इसी बजट से बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री के साथ-साथ मृतकों के परिवारीजनों को सहायता सहित अन्य मदों में खर्च किया जा रहा है।
जिले में एक सितंबर तक 70,505 के सापेक्ष 62,559 चिन्ह्ति पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित हुई है। राहत सामग्री के सप्लाई में छह ठेकेदारों में से एक दागी के भी शामिल होने का आरोप लगाया जा रहा है।
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बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित कराने के लिए छह ठेकेदारों को सप्लाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाला जी ट्रेडर्स, वीटी इंटरप्राइजेज, ग्रेस ट्रेडर्स, गोयल ट्रेडर्स, सदभावना ट्रेडर्स बहराइच व जिंदल ट्रेडर्स तुलसीपुर को सामग्री सप्लाई का ठेका दिया गया है।
लोगों का आरोप है कि दागी को ठेका अलॉट किया गया है। एनआरएचएम घोटाले में सीबीआई जांच चल रही एक कर्मचारी के परिवारीजन को भी सामग्री सप्लाई का ठेका दिया गया है। दागी को जिम्मेदारी मिलने से ही राहत साम्रगी के वितरण में गड़बड़ी होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवारों को 874 रुपये की कीमत से नौ सामानों से लैस पैकट देने का दावा किया जा रहा है। हर पैकेट 10-10 किलोग्राम चावल व आटा, दो किलो दाल, चना दो किलोग्राम, 10 पैकेट बिस्कुट, एक लीटर रिफाइन्ड, पांच किलोग्राम आलू व आधा किलोग्राम नमक व सौ ग्राम का सब्जी मसाला सहित नौ सामान देने का दावा हैं।
लोगों में इस बात का आक्रोश है कि पैकेट में सभी सामान घटिया क्वालिटी के हैं। घटिया क्वॉलिटी को लेकर बाढ़ पीड़ितों ने पैकेट लेने से भी इंकार किया है।
बीते दिनों तुलसीपुर, गौरा चौराहा, उतरौला सहित कई क्षेत्रों में राहत पैकेट वितरण के दौरान लोगों के पैकेट लेने से इन्कार कर दिया था। बाढ़ पीड़ितों को इसी पैकेट से जुड़े पांच-पांच लीटर केरोसिन भी अलग से बांटा जा रहा है।
जिले में बाढ़ के दौरान डूबकर मरने वाले 17 परिवारों को सात करोड़ रुपये की धनराशि से चार-चार लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई जा चुकी है। बाढ़ में डूबकर मरने वाले आश्रितों को प्रशासन की तरफ से 68 लाख रुपये का चेक प्रदान कर दिया है।
इसी मद से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए लगाई गई टीमों को भी भुगतान किया गया है। बाढ़ राहत पहुंचाने वाले संसाधनों पर भी इसी धनराशि से खर्च किया जा रहा है।
जिले के बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है। जिला स्तरीय अधिकारियों की टीमें लगाकर राहत सामग्री का वितरण कराया जा रहा है। राहत सामग्री सप्लाई करने वाले ठेकेदारों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। शीघ्र ही बाकी बचे करीब आठ हजार पीड़ितों को भी राहत सामग्री वितरित करा दी जाएगी।
शिवपूजन, एडीएम व जिला आपदा अधिकारी
कई स्थानों पर घटिया सामग्री का वितरण होने पर लोगों ने प्रदर्शन भी किया। बाढ़ पीड़ितों की मदद के आड़ में लोग निजी लाभ ले रहे हैं। इसी बजट से बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री के साथ-साथ मृतकों के परिवारीजनों को सहायता सहित अन्य मदों में खर्च किया जा रहा है।
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जिले में एक सितंबर तक 70,505 के सापेक्ष 62,559 चिन्ह्ति पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित हुई है। राहत सामग्री के सप्लाई में छह ठेकेदारों में से एक दागी के भी शामिल होने का आरोप लगाया जा रहा है।
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बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित कराने के लिए छह ठेकेदारों को सप्लाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाला जी ट्रेडर्स, वीटी इंटरप्राइजेज, ग्रेस ट्रेडर्स, गोयल ट्रेडर्स, सदभावना ट्रेडर्स बहराइच व जिंदल ट्रेडर्स तुलसीपुर को सामग्री सप्लाई का ठेका दिया गया है।
लोगों का आरोप है कि दागी को ठेका अलॉट किया गया है। एनआरएचएम घोटाले में सीबीआई जांच चल रही एक कर्मचारी के परिवारीजन को भी सामग्री सप्लाई का ठेका दिया गया है। दागी को जिम्मेदारी मिलने से ही राहत साम्रगी के वितरण में गड़बड़ी होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवारों को 874 रुपये की कीमत से नौ सामानों से लैस पैकट देने का दावा किया जा रहा है। हर पैकेट 10-10 किलोग्राम चावल व आटा, दो किलो दाल, चना दो किलोग्राम, 10 पैकेट बिस्कुट, एक लीटर रिफाइन्ड, पांच किलोग्राम आलू व आधा किलोग्राम नमक व सौ ग्राम का सब्जी मसाला सहित नौ सामान देने का दावा हैं।
लोगों में इस बात का आक्रोश है कि पैकेट में सभी सामान घटिया क्वालिटी के हैं। घटिया क्वॉलिटी को लेकर बाढ़ पीड़ितों ने पैकेट लेने से भी इंकार किया है।
बीते दिनों तुलसीपुर, गौरा चौराहा, उतरौला सहित कई क्षेत्रों में राहत पैकेट वितरण के दौरान लोगों के पैकेट लेने से इन्कार कर दिया था। बाढ़ पीड़ितों को इसी पैकेट से जुड़े पांच-पांच लीटर केरोसिन भी अलग से बांटा जा रहा है।
जिले में बाढ़ के दौरान डूबकर मरने वाले 17 परिवारों को सात करोड़ रुपये की धनराशि से चार-चार लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई जा चुकी है। बाढ़ में डूबकर मरने वाले आश्रितों को प्रशासन की तरफ से 68 लाख रुपये का चेक प्रदान कर दिया है।
इसी मद से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए लगाई गई टीमों को भी भुगतान किया गया है। बाढ़ राहत पहुंचाने वाले संसाधनों पर भी इसी धनराशि से खर्च किया जा रहा है।
जिले के बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है। जिला स्तरीय अधिकारियों की टीमें लगाकर राहत सामग्री का वितरण कराया जा रहा है। राहत सामग्री सप्लाई करने वाले ठेकेदारों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। शीघ्र ही बाकी बचे करीब आठ हजार पीड़ितों को भी राहत सामग्री वितरित करा दी जाएगी।
शिवपूजन, एडीएम व जिला आपदा अधिकारी