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Balrampur News: पांच केजीबीवी के छात्रावास व एकेडमिक भवन का निर्माण अधूरा
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बलरामपुर के बीएसए कार्यालय के सामने बना केजीबीवी का भवन ।-संवाद
बलरामपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को उच्चीकृत करने की रफ्तार जिले में काफी सुस्त है। कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते पांच केजीबीवी में छात्रावास एवं एकेडमिक भवन का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हो पाया है। वहीं, चार छात्रावास का निर्माण पूरा होने के बाद भी हस्तांतरण न होने से छात्राओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हरैया सतघरवा में वर्ष 2021-22 में छात्रावास व एकेडमिक भवन के निमार्ण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ लखनऊ को दी गई थी। तीन किस्तों में बजट की पूरी धनराशि का भुगतान होने के बाद भी निमार्ण अधूरा है। कार्यदायी संस्था की तरफ से 95 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है। इसी तरह केजीबीवी पचपेड़वा जंगल गांव में छात्रावास व एकेडमिक भवन बनाने के लिए वर्ष 2022-23 में यूपीपीसीएल लखनऊ को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
चार करोड़ 45 लाख 64 हजार रुपये से निर्माण कार्य होना है। तीन साल बाद अभी तक मात्र 60 प्रतिशत कार्य हो पाया है। सबसे खराब स्थिति केजीबीवी उतरौला, रेहरा बाजार एवं श्रीदत्तगंज की है। तीनों उच्चीकृत विद्यालयों में छात्रावास एवं एकेडमिक भवन के निर्माण के लिए प्रति विद्यालय चार करोड़ 45 लाख 64 हजार रुपये का बजट स्वीकृत है। बजट मिलने के बाद भी केजीबीवी उतरौला में 35, रेहरा बाजार में 15 एवं श्रीदतगंज में मात्र 10 प्रतिशत कार्य ही हो पाया है।
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चार केजीबीवी का निर्माण पूरा, हस्तांतरण का इंतजार
केजीबीवी नगर में छात्रावास का निर्माण 2019-20 में कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लखनऊ ने शुरू किया था। एक करोड़ 77 लाख 15 हजार 900 रुपये से भवन निर्माण पूरा होने का दावा कार्यदायी संस्था कर रही है। वहीं, वर्ष 2022-23 में केजीबीवी गैसड़ी, गैड़ास बुजुर्ग एवं बलरामपुर देहात में छात्रावास व एकेडमिक भवन का निर्माण करने की जिम्मेदारी यूपी निर्माण निगम इकाई बहराइच को सौंपी गई थी। प्रत्येक केजीबीवी के छात्रावास व एकेडमिक भवन के निर्माण के लिए चार करोड़ 45 लाख 64 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य पूरा कर चुकी है। निर्माण पूरा होने के बाद भी छात्रावास व एकेडमिक भवन का हस्तांतरण अभी नहीं हो पाया है।
निर्माण कार्य की कराई जा रही है जांच
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के छात्रावास व एकेडमिक भवन के निर्माण कार्य की जांच कराई जा रही है। कार्यदायी संस्था को समय से मानक के अनुरूप कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। तैयार भवनों के हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है।
- शुभम शुक्ल, बीएसए बलरामपुर
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हरैया सतघरवा में वर्ष 2021-22 में छात्रावास व एकेडमिक भवन के निमार्ण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ लखनऊ को दी गई थी। तीन किस्तों में बजट की पूरी धनराशि का भुगतान होने के बाद भी निमार्ण अधूरा है। कार्यदायी संस्था की तरफ से 95 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है। इसी तरह केजीबीवी पचपेड़वा जंगल गांव में छात्रावास व एकेडमिक भवन बनाने के लिए वर्ष 2022-23 में यूपीपीसीएल लखनऊ को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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चार करोड़ 45 लाख 64 हजार रुपये से निर्माण कार्य होना है। तीन साल बाद अभी तक मात्र 60 प्रतिशत कार्य हो पाया है। सबसे खराब स्थिति केजीबीवी उतरौला, रेहरा बाजार एवं श्रीदत्तगंज की है। तीनों उच्चीकृत विद्यालयों में छात्रावास एवं एकेडमिक भवन के निर्माण के लिए प्रति विद्यालय चार करोड़ 45 लाख 64 हजार रुपये का बजट स्वीकृत है। बजट मिलने के बाद भी केजीबीवी उतरौला में 35, रेहरा बाजार में 15 एवं श्रीदतगंज में मात्र 10 प्रतिशत कार्य ही हो पाया है।
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चार केजीबीवी का निर्माण पूरा, हस्तांतरण का इंतजार
केजीबीवी नगर में छात्रावास का निर्माण 2019-20 में कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लखनऊ ने शुरू किया था। एक करोड़ 77 लाख 15 हजार 900 रुपये से भवन निर्माण पूरा होने का दावा कार्यदायी संस्था कर रही है। वहीं, वर्ष 2022-23 में केजीबीवी गैसड़ी, गैड़ास बुजुर्ग एवं बलरामपुर देहात में छात्रावास व एकेडमिक भवन का निर्माण करने की जिम्मेदारी यूपी निर्माण निगम इकाई बहराइच को सौंपी गई थी। प्रत्येक केजीबीवी के छात्रावास व एकेडमिक भवन के निर्माण के लिए चार करोड़ 45 लाख 64 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य पूरा कर चुकी है। निर्माण पूरा होने के बाद भी छात्रावास व एकेडमिक भवन का हस्तांतरण अभी नहीं हो पाया है।
निर्माण कार्य की कराई जा रही है जांच
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के छात्रावास व एकेडमिक भवन के निर्माण कार्य की जांच कराई जा रही है। कार्यदायी संस्था को समय से मानक के अनुरूप कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। तैयार भवनों के हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है।
- शुभम शुक्ल, बीएसए बलरामपुर