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धू-धूकर जला रावण
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बलरामपुर। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा मंगलवार को पूरे जिले में उत्साह के साथ रावण का दहन कर मनाया गया। जिलेभर में दशानन, कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले जलाकर लोगों ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जीत का जश्न मनाया।
जिला मुख्यालय के बड़ा परेड ग्राउंड में पुतला दहन के दौरान भीड़ जुटी। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी रावण पुतला दहन की धूम रही। प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गए। बलरामपुर राज परिवार व सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम व लक्ष्मण को तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी।
बलरामपुर में राज परिवार की तरफ से उन्नीसवीं सदी में शुरू किये गये विराट दशहरा मेले की परंपरा अभी भी कायम है। दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद देर शाम भगवान श्रीराम की सवारी पूरबटोला स्थित लालजी मिश्र के आवास से निकाली गई। रथों में सवार भगवान श्रीराम की सेना सिटी पैलेस, बड़ा पुल चौराहा, पुरानी चौक, वीर विनय चौराहा व पीपल तिराहा से होकर हेरिटेज महामाया होटल पहुंची।
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परेड ग्राउंड में सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम व लक्ष्मण को तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी। परेड ग्राउंड में पूर्व सांसद दद्दन मिश्र, सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ल, शाबान अली, डीएम कृष्णा करुणेश, एसपी देवरंजन वर्मा, एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल, एएसपी अरविंद मिश्र, केवल कृष्ण शर्मा, संजय शर्मा, रमेश पहवा आदि ने भगवान श्रीराम का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
वहां मौजूद तमाम श्रद्धालुओं ने भी भगवान श्रीराम की आरती उतारी। स्वागत व आरती के बाद भगवान श्रीराम व लंकाधिपति रावण की सेनाओं के बीच युद्ध हुआ। भगवान राम ने बाण चलाकर बुराई स्वरूप रावण का संहार किया। बाद में रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतले का दहन किया गया।
रावण दहन व दशहरा मेला देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ देर रात तक जुटी रही। मेले में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए परेड ग्राउंड व जुलूस मार्ग पर पुलिस फोर्स मुस्तैद रही। भारतीय इंटर कॉलेज उतरौला के निकट रामलीला मैदान में रावण के पुतले का दहन कराया गया। जिसे देखने के लिए महुआ बाजार, हुसैनाबाद, जाफराबाद, पेहर बाजार, चमरुपुर, महदेइया व गेड़ास बुजुर्ग आदि ग्रामीण क्षेत्रों से भीड़ जुटी।
महराजगंज तराई बाजार, तुलसीपुर में स्वतंत्र भारत इंटर कॉलेज, मथुरा बाजार के पंडितपुरवा गांव, हरैया बाजार, बरदौलिया बाजार, पचपेड़वा नगर सहित जिले के तमाम क्षेत्रों में रावण के पुतले के दहन की धूम रही। सोमनाथ मंदिर श्रीदत्तगंज में युद्ध भूमि में जाते हुए हाथी पर सवार दशानन लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।
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जिला मुख्यालय के बड़ा परेड ग्राउंड में पुतला दहन के दौरान भीड़ जुटी। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी रावण पुतला दहन की धूम रही। प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गए। बलरामपुर राज परिवार व सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम व लक्ष्मण को तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी।
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बलरामपुर में राज परिवार की तरफ से उन्नीसवीं सदी में शुरू किये गये विराट दशहरा मेले की परंपरा अभी भी कायम है। दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद देर शाम भगवान श्रीराम की सवारी पूरबटोला स्थित लालजी मिश्र के आवास से निकाली गई। रथों में सवार भगवान श्रीराम की सेना सिटी पैलेस, बड़ा पुल चौराहा, पुरानी चौक, वीर विनय चौराहा व पीपल तिराहा से होकर हेरिटेज महामाया होटल पहुंची।
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परेड ग्राउंड में सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम व लक्ष्मण को तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी। परेड ग्राउंड में पूर्व सांसद दद्दन मिश्र, सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ल, शाबान अली, डीएम कृष्णा करुणेश, एसपी देवरंजन वर्मा, एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल, एएसपी अरविंद मिश्र, केवल कृष्ण शर्मा, संजय शर्मा, रमेश पहवा आदि ने भगवान श्रीराम का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
वहां मौजूद तमाम श्रद्धालुओं ने भी भगवान श्रीराम की आरती उतारी। स्वागत व आरती के बाद भगवान श्रीराम व लंकाधिपति रावण की सेनाओं के बीच युद्ध हुआ। भगवान राम ने बाण चलाकर बुराई स्वरूप रावण का संहार किया। बाद में रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतले का दहन किया गया।
रावण दहन व दशहरा मेला देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ देर रात तक जुटी रही। मेले में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए परेड ग्राउंड व जुलूस मार्ग पर पुलिस फोर्स मुस्तैद रही। भारतीय इंटर कॉलेज उतरौला के निकट रामलीला मैदान में रावण के पुतले का दहन कराया गया। जिसे देखने के लिए महुआ बाजार, हुसैनाबाद, जाफराबाद, पेहर बाजार, चमरुपुर, महदेइया व गेड़ास बुजुर्ग आदि ग्रामीण क्षेत्रों से भीड़ जुटी।
महराजगंज तराई बाजार, तुलसीपुर में स्वतंत्र भारत इंटर कॉलेज, मथुरा बाजार के पंडितपुरवा गांव, हरैया बाजार, बरदौलिया बाजार, पचपेड़वा नगर सहित जिले के तमाम क्षेत्रों में रावण के पुतले के दहन की धूम रही। सोमनाथ मंदिर श्रीदत्तगंज में युद्ध भूमि में जाते हुए हाथी पर सवार दशानन लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।