{"_id":"66cb731244f509006c013438","slug":"both-the-constables-had-come-to-pass-their-friends-brother-balrampur-news-c-99-1-slko1018-113578-2024-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: दोस्त के भाई को पास कराने के लिए आए थे दोनों सिपाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: दोस्त के भाई को पास कराने के लिए आए थे दोनों सिपाही
Sun, 25 Aug 2024 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 25 Aug 2024 11:38 PM IST
विज्ञापन
बलरामपुर। सिपाही भर्ती परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर गिरोह की जड़ काफी गहरी है। परीक्षा दे रहा पीएसी अलीगढ़ में तैनात सिपाही श्रीभगवान अपने दोस्त के भाई गजेंद्र सिंह को पास कराने के लिए उसकी जगह पर आया था। केंद्र के बाहर पकड़े गए मददगार सिपाही साथी व मूल अभ्यर्थी तीनों एक ही जिले के रहने वाले हैं। परीक्षा पास कराने में लेनदेन की क्या बात हुई थी, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
जिले के सात केंद्रों पर सिपाही भर्ती परीक्षा हो रही है। प्रति पाली 2928 अभ्यर्थी आवंटित हैं। यहां पुरुष वर्ग में राजस्थान व बिहार के अभ्यर्थी भी हैं। बालिका वर्ग में आसपास के जिलों की अभ्यर्थी हैं। परीक्षा को लेकर पुलिस महकमे ने व्यापक प्रबंध का दावा किया। हर केंद्र पर तीन स्तरीय जांच की व्यवस्था की गई है। एक एएसपी के साथ ही तीन सीओ व 16 निरीक्षकों की टीम लगाई गई। सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है। इन सबके बीच शनिवार को शहर के वीर विनय चौराहा स्थित एमपीपी इंटर कॉलेज में सॉल्वर गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ने के 24 घंटे बाद पुलिस ने रविवार को सार्वजनिक किया।
जांच में सामने आया कि अलीगढ़ पीएसी 45वीं बटालियन में तैनात सिपाही श्रीभगवान निवासी खुड़ीला थाना राजखेड़ा जिला धौलपुर राजस्थान अपने दोस्त के भाई गजेंद्र सिंह को पास कराने के लिए उसके स्थान पर परीक्षा देने आया था। उसके साथ मथुरा एसएसएफ में तैनात आरक्षी गोविंद सिंह भी था। अब पुलिस पता लगाने में जुटी है कि कौन-कौन लोग इस रैकेट में शामिल हैं। एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव का कहना है कि पकड़े गए दोनों आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सीओ सिटी को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है।
विज्ञापन
हर घटना के राजफाश होते ही ब्रीफिंग करने वाली पुलिस ने इस मामले को 24 घंटे तक दबाए रही। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जानकारी दी गई। पहले पुलिस अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे। यहां तक कि पुलिस ने साल्वरों की फोटो तक नहीं जारी की।
फरवरी 2024 में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों से 11 सॉल्वर गिरफ्तार किए गए थे। देवरिया के सलेमपुर थानाक्षेत्र के दियाधार निवासी अभ्यर्थी हेमंत कुमार के स्थान पर बिहार के मधुबनी निवासी सुरेंद्र सिंह, देवरिया के बरहज स्थित पिपरा भुली निवासी अभ्यर्थी अनिल कुमार की जगह मधुबनी के धरवाही लौकाही निवासी रामलखन, देवरिया के बरहज थानाक्षेत्र के करजहां निवासी अभ्यर्थी अरविंद की जगह मधुबनी के लौकही थानाक्षेत्र के धरवाही निवासी सिकंदर, सूरज प्रसाद की जगह बिहार के मुंगेर हरपुर थानाक्षेत्र के माधव निवासी राजन प्रसाद और देवरिया के टिकौर मोहम्मदपुर निवासी अभ्यर्थी संजय की जगह बिहार के त्रिवेणीगंज निवासी कुंदन यादव को परीक्षा देते पकड़ा गया था।
विज्ञापन
जिले के सात केंद्रों पर सिपाही भर्ती परीक्षा हो रही है। प्रति पाली 2928 अभ्यर्थी आवंटित हैं। यहां पुरुष वर्ग में राजस्थान व बिहार के अभ्यर्थी भी हैं। बालिका वर्ग में आसपास के जिलों की अभ्यर्थी हैं। परीक्षा को लेकर पुलिस महकमे ने व्यापक प्रबंध का दावा किया। हर केंद्र पर तीन स्तरीय जांच की व्यवस्था की गई है। एक एएसपी के साथ ही तीन सीओ व 16 निरीक्षकों की टीम लगाई गई। सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है। इन सबके बीच शनिवार को शहर के वीर विनय चौराहा स्थित एमपीपी इंटर कॉलेज में सॉल्वर गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ने के 24 घंटे बाद पुलिस ने रविवार को सार्वजनिक किया।
विज्ञापन
जांच में सामने आया कि अलीगढ़ पीएसी 45वीं बटालियन में तैनात सिपाही श्रीभगवान निवासी खुड़ीला थाना राजखेड़ा जिला धौलपुर राजस्थान अपने दोस्त के भाई गजेंद्र सिंह को पास कराने के लिए उसके स्थान पर परीक्षा देने आया था। उसके साथ मथुरा एसएसएफ में तैनात आरक्षी गोविंद सिंह भी था। अब पुलिस पता लगाने में जुटी है कि कौन-कौन लोग इस रैकेट में शामिल हैं। एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव का कहना है कि पकड़े गए दोनों आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सीओ सिटी को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है।
विज्ञापन
हर घटना के राजफाश होते ही ब्रीफिंग करने वाली पुलिस ने इस मामले को 24 घंटे तक दबाए रही। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जानकारी दी गई। पहले पुलिस अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे। यहां तक कि पुलिस ने साल्वरों की फोटो तक नहीं जारी की।
फरवरी 2024 में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों से 11 सॉल्वर गिरफ्तार किए गए थे। देवरिया के सलेमपुर थानाक्षेत्र के दियाधार निवासी अभ्यर्थी हेमंत कुमार के स्थान पर बिहार के मधुबनी निवासी सुरेंद्र सिंह, देवरिया के बरहज स्थित पिपरा भुली निवासी अभ्यर्थी अनिल कुमार की जगह मधुबनी के धरवाही लौकाही निवासी रामलखन, देवरिया के बरहज थानाक्षेत्र के करजहां निवासी अभ्यर्थी अरविंद की जगह मधुबनी के लौकही थानाक्षेत्र के धरवाही निवासी सिकंदर, सूरज प्रसाद की जगह बिहार के मुंगेर हरपुर थानाक्षेत्र के माधव निवासी राजन प्रसाद और देवरिया के टिकौर मोहम्मदपुर निवासी अभ्यर्थी संजय की जगह बिहार के त्रिवेणीगंज निवासी कुंदन यादव को परीक्षा देते पकड़ा गया था।