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Balrampur News: निपुण में बलरामपुर को मंडल में दूसरा स्थान
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- बलरामपुर। परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को निपुण बनाने की मुहिम में बेसिक शिक्षा विभाग की सांस फूल रही है। लंबी कवायद के बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। प्रदेश की सूची में टॉप टेन में तो कोई भी जिला शामिल नहीं हो सका, लेकिन श्रावस्ती ने 14 वां स्थान हासिल लाज जरूर बचा ली है। वर्ष 2023 में जारी हुए परिणाम में एक भी जिला टॉप 20 में शामिल नहीं हो सका था।
निपुण असेसमेंट टेस्ट विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा से भिन्न होता है। इसके पीछे मकसद यह समझने की होती है कि निपुण के तहत तय किए गए मानक पर शिक्षक कितने खरे उतर सके हैं। इसी परिणाम के आधार पर जिले की रैंक भी तय होती है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी निपुण परीक्षा परिणाम में जिले में चल रही शिक्षा की कवायद की रफ्तार का पता चलता है। जिलों की जारी रैंक में श्रावस्ती जनपद ने वर्ष 2023 में 48वीं रैंक हासिल की थी, इस बार 14वां स्थान हासिल किया है। इसी तरह बलरामपुर जिले ने भी रफ्तार भरी है, जिला 69 से 53वें स्थान पह पहुंचा है। जबकि, गोंडा दो कदम ही चल सका और 67 से 65 वां स्थान हासिल किया है। बहराइच भी 70वें स्थान से 67 स्थान पर पहुंच सका है। इस तरह गोंडा और बहराइच का प्रदर्शन ठीक नहीं माना जा रहा है।
परीक्षा परिणाम पर एक नजर
निपुण परीक्षा नवंबर 2024 में हुई थी।परीक्षा में श्रावस्ती जनपद के 989 विद्यालयों में पंजीकृत 1,51,157 विद्यार्थियों में 1,43,265 ने परीक्षा दी और 91.26 फीसदी पास हुए थे। जबकि वर्ष 2023 की परीक्षा में 70 फीसदी विद्यार्थी ही पास हुए थे। बलरामपुर जिले में 1829 विद्यालयों के 2,09,755 विद्यार्थियों में 1,92,344 ने परीक्षा दी और 83.43 फीसदी पास हुए। वर्ष 2023 की परीक्षा में 63.91 फीसदी विद्यार्थी ही पास हो सके। गोंडा में 2628 विद्यालयों में पंजीकृत 2,95,460 विद्यार्थियों में 2,65,125 ने परीक्षा दी और 80.42 फीसदी पास हुए। जबकि वर्ष 2023 की परीक्षा में 64.91 फीसदी विद्यार्थी ही पास हुए थे। बहराइच के 2850 विद्यालयों में पंजीकृत 4,63,854 विद्यार्थियों में 4,21,911 ने परीक्षा दी और 79.59 फीसदी पास हुए। जबकि वर्ष 2023 की परीक्षा में 66.72 फीसदी विद्यार्थी ही पास हुए थे।
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किया जाएगा सुधार
निपुण परीक्षा की तैयारी पर विशेष ध्यान देने का निर्देश बीएसए को दिया गया है। पूरे वर्ष निगरानी की जाएगी और समीक्षा कर सुधार पर जोर रहेगा। - राम सागरपति त्रिपाठी, सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक देवीपाटन मंडल
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निपुण असेसमेंट टेस्ट विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा से भिन्न होता है। इसके पीछे मकसद यह समझने की होती है कि निपुण के तहत तय किए गए मानक पर शिक्षक कितने खरे उतर सके हैं। इसी परिणाम के आधार पर जिले की रैंक भी तय होती है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी निपुण परीक्षा परिणाम में जिले में चल रही शिक्षा की कवायद की रफ्तार का पता चलता है। जिलों की जारी रैंक में श्रावस्ती जनपद ने वर्ष 2023 में 48वीं रैंक हासिल की थी, इस बार 14वां स्थान हासिल किया है। इसी तरह बलरामपुर जिले ने भी रफ्तार भरी है, जिला 69 से 53वें स्थान पह पहुंचा है। जबकि, गोंडा दो कदम ही चल सका और 67 से 65 वां स्थान हासिल किया है। बहराइच भी 70वें स्थान से 67 स्थान पर पहुंच सका है। इस तरह गोंडा और बहराइच का प्रदर्शन ठीक नहीं माना जा रहा है।
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परीक्षा परिणाम पर एक नजर
निपुण परीक्षा नवंबर 2024 में हुई थी।परीक्षा में श्रावस्ती जनपद के 989 विद्यालयों में पंजीकृत 1,51,157 विद्यार्थियों में 1,43,265 ने परीक्षा दी और 91.26 फीसदी पास हुए थे। जबकि वर्ष 2023 की परीक्षा में 70 फीसदी विद्यार्थी ही पास हुए थे। बलरामपुर जिले में 1829 विद्यालयों के 2,09,755 विद्यार्थियों में 1,92,344 ने परीक्षा दी और 83.43 फीसदी पास हुए। वर्ष 2023 की परीक्षा में 63.91 फीसदी विद्यार्थी ही पास हो सके। गोंडा में 2628 विद्यालयों में पंजीकृत 2,95,460 विद्यार्थियों में 2,65,125 ने परीक्षा दी और 80.42 फीसदी पास हुए। जबकि वर्ष 2023 की परीक्षा में 64.91 फीसदी विद्यार्थी ही पास हुए थे। बहराइच के 2850 विद्यालयों में पंजीकृत 4,63,854 विद्यार्थियों में 4,21,911 ने परीक्षा दी और 79.59 फीसदी पास हुए। जबकि वर्ष 2023 की परीक्षा में 66.72 फीसदी विद्यार्थी ही पास हुए थे।
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किया जाएगा सुधार
निपुण परीक्षा की तैयारी पर विशेष ध्यान देने का निर्देश बीएसए को दिया गया है। पूरे वर्ष निगरानी की जाएगी और समीक्षा कर सुधार पर जोर रहेगा। - राम सागरपति त्रिपाठी, सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक देवीपाटन मंडल