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पुल निर्माण की धीमी गति पर ग्रामीणों में आक्रोश, किया प्रदर्शन
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बलरामपुर। तुलसीपुर उतरौला मार्ग पर तेंदुआ गांव के पास डिप तोड़कर बहुत ही धीमी गति से पुल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पुल के निर्माण कार्य में धीमी गति को लेकर क्षेत्रवासियों में आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन कर बाढ़ आने से पूर्व पुल का निर्माण कार्य पूरा कराए जाने की मांग जिलाधिकारी से की है।
क्षेत्रवासी अंकुश पांडेय, विनोद पांडेय, मो. मुस्लिम खां, इशरत अबरार, मकरुजमा, जनकराम, मोतीलाल निषाद, राधेश्याम पांडेय, रामदास यादव, शेषमनि, राकेश त्रिपाठी, शादाब खान व लवकुश पांडेय आदि ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि उतरौला से तुलसीपुर मार्ग पर तेंदुआ गांव के पास स्थित डिप पर पानी चलने के कारण बरसात के दिनों में बाढ़ आने पर करीब 30 गांवों का आवागमन ठप हो जाता है।
क्षेत्र के बभनपुरवा, अल्लीपुर खुर्द, अल्लीपुर बुजुर्ग, पिपरा एकडंगा, कोहनिया, बारम, कटरा, फत्तेपुर, रुस्तमनगर, वरायल, रसूलपुर चांद, उपरौहला व खुजवा आदि गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट जाता है। यहां के लोग नाव के सहारे ही आवागमन करते है।
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लोगों की समस्या को देखते हुए डिप तोड़कर पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इन लोगों का यह भी कहना है कि पुल बनने पर उतरौला से तुलसीपुर की दूरी मात्र 35 किलोमीटर रह जाएगी जबकि अभी तुलसीपुर जाने के लिए 65 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
करीब दो माह पूर्व शुरु हुए निर्माण कार्य की धीमी गति के चलते अभी तक केवल सरिया का जाल ही बिछाया जा सका है। इन लोगों का कहना है कि यदि जून माह के अंतिम सप्ताह में बाढ़ आ गई तो सरिया का जाल भी बह जाएगा। डिप टूटने के कारण लोगों को आवागमन में और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इन लोगों ने जिलाधिकारी से मांग किया है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और बाढ़ आने से पूर्व पुल का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए।
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क्षेत्रवासी अंकुश पांडेय, विनोद पांडेय, मो. मुस्लिम खां, इशरत अबरार, मकरुजमा, जनकराम, मोतीलाल निषाद, राधेश्याम पांडेय, रामदास यादव, शेषमनि, राकेश त्रिपाठी, शादाब खान व लवकुश पांडेय आदि ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि उतरौला से तुलसीपुर मार्ग पर तेंदुआ गांव के पास स्थित डिप पर पानी चलने के कारण बरसात के दिनों में बाढ़ आने पर करीब 30 गांवों का आवागमन ठप हो जाता है।
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क्षेत्र के बभनपुरवा, अल्लीपुर खुर्द, अल्लीपुर बुजुर्ग, पिपरा एकडंगा, कोहनिया, बारम, कटरा, फत्तेपुर, रुस्तमनगर, वरायल, रसूलपुर चांद, उपरौहला व खुजवा आदि गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट जाता है। यहां के लोग नाव के सहारे ही आवागमन करते है।
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लोगों की समस्या को देखते हुए डिप तोड़कर पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इन लोगों का यह भी कहना है कि पुल बनने पर उतरौला से तुलसीपुर की दूरी मात्र 35 किलोमीटर रह जाएगी जबकि अभी तुलसीपुर जाने के लिए 65 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
करीब दो माह पूर्व शुरु हुए निर्माण कार्य की धीमी गति के चलते अभी तक केवल सरिया का जाल ही बिछाया जा सका है। इन लोगों का कहना है कि यदि जून माह के अंतिम सप्ताह में बाढ़ आ गई तो सरिया का जाल भी बह जाएगा। डिप टूटने के कारण लोगों को आवागमन में और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इन लोगों ने जिलाधिकारी से मांग किया है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और बाढ़ आने से पूर्व पुल का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए।