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Balrampur News: नेपाल सीमा तक फैला था अबुल आस का नेटवर्क, सस्पियर का बना था करीबी
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बलरामपुर। ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग के नाम पर 146 करोड़ रुपये से अधिक का साइबर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के तार लगातार गहराते जा रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अबुल आस न सिर्फ लखनऊ से गिरोह चला रहा था बल्कि उसका नेटवर्क नेपाल सीमा तक फैला हुआ था। सीमावर्ती जिलों में वह युवाओं को अपने जाल में फंसा रहा था और सस्पियर के जरिए बड़े पैमाने पर ठगी का नया रास्ता तलाश रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अबुल आस की मुलाकात सस्पियर नामक शख्स से हुई थी, जो नेपाल के रास्ते हवाला और संदिग्ध खातों के जरिए धन शोधन करता था। धीरे-धीरे अबुल आस उसका भरोसेमंद बन गया। सीमावर्ती क्षेत्रों में गिरोह के लिए फर्जी पहचान, खातों और मोबाइल सिम का जुगाड़ कराने लगा।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह के जरिए ठगे गए करोड़ों रुपये का एक हिस्सा नेपाल के रास्ते बाहर भेजा गया है। सिर्फ नेपाल ही नहीं, अबुल आस महाराष्ट्र में भी ठगी का नया अड्डा बनाने में जुटा था। वहां स्थानीय युवाओं को जोड़कर उसने फर्जी बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट तैयार कराए थे। विनीत मिश्रा की मदद से मुंबई और पुणे में गिरोह ने कुछ बिगड़ैल रईसजादों को ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के झांसे में फंसाना शुरू किया था।
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228 बैंक खाते खंगाल रही पुलिस
पुलिस द्वारा गिरोह से जुड़े 228 बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। इसमें सिर्फ अबुल आस से जुड़े 88 खातों हैं, जबकि विनीत मिश्रा से जुड़े खाते हैं। इन बैंक खातों से अहम जानकारी पुलिस ने हासिल की है।
पुलिस को मिले अहम सुराग
गिरफ्तार आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच जारी है। इनमें नेपाल और महाराष्ट्र से जुड़े कई नंबर व चैट्स मिले हैं। एसपी विकास कुमार ने कहा कि गिरोह का दायरा बहुत बड़ा है और जल्द ही और कई नाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह पूरा खेल एक विदेशी मास्टरमाइंड के इशारे पर चल रहा था। स्थानीय स्तर पर अबुल आस व विनीत मिश्रा जैसे लोग इसे सक्रिय कर रहे थे।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, अबुल आस की मुलाकात सस्पियर नामक शख्स से हुई थी, जो नेपाल के रास्ते हवाला और संदिग्ध खातों के जरिए धन शोधन करता था। धीरे-धीरे अबुल आस उसका भरोसेमंद बन गया। सीमावर्ती क्षेत्रों में गिरोह के लिए फर्जी पहचान, खातों और मोबाइल सिम का जुगाड़ कराने लगा।
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पुलिस को आशंका है कि गिरोह के जरिए ठगे गए करोड़ों रुपये का एक हिस्सा नेपाल के रास्ते बाहर भेजा गया है। सिर्फ नेपाल ही नहीं, अबुल आस महाराष्ट्र में भी ठगी का नया अड्डा बनाने में जुटा था। वहां स्थानीय युवाओं को जोड़कर उसने फर्जी बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट तैयार कराए थे। विनीत मिश्रा की मदद से मुंबई और पुणे में गिरोह ने कुछ बिगड़ैल रईसजादों को ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के झांसे में फंसाना शुरू किया था।
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228 बैंक खाते खंगाल रही पुलिस
पुलिस द्वारा गिरोह से जुड़े 228 बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। इसमें सिर्फ अबुल आस से जुड़े 88 खातों हैं, जबकि विनीत मिश्रा से जुड़े खाते हैं। इन बैंक खातों से अहम जानकारी पुलिस ने हासिल की है।
पुलिस को मिले अहम सुराग
गिरफ्तार आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच जारी है। इनमें नेपाल और महाराष्ट्र से जुड़े कई नंबर व चैट्स मिले हैं। एसपी विकास कुमार ने कहा कि गिरोह का दायरा बहुत बड़ा है और जल्द ही और कई नाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह पूरा खेल एक विदेशी मास्टरमाइंड के इशारे पर चल रहा था। स्थानीय स्तर पर अबुल आस व विनीत मिश्रा जैसे लोग इसे सक्रिय कर रहे थे।