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3.15 लाख किसानों को मिलेगी सम्मान निधि की सौगात
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बलरामपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अब बिना आधार नंबर के आठवीं किश्त का भुगतान नहीं हो सकेगा। किसानों को आठवीं किश्त का भुगतान पाने के लिए बैंक खाते को आधार नंबर जोड़ना अनिवार्य होगा।
पहली से 7वीं किश्त तक लगातार लाभार्थी किसानों की संख्या कम होती रही है। बैसाखी के दिन 14 अप्रैल को जिले के 3.15 लाख किसानों को आठवीं किश्त की सौगात मिल सकती है। एक से लेकर 7वीं किश्त तक का भुगतान पाने से वंचित किसानों से सम्मान निधि के दस्तावेजों को दुरुस्त कराने की अपील की गई है।
जिले में कुल 3.15 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने के लिए कृषि विभाग के पोर्टल से जोड़ा गया है। कृषि विभाग के पोर्टल से जुड़े किसानों को दो-दो हजार रुपये 8वीं किश्त के रुप में भुगतान कराने की कवायद जारी है। कृषि विभाग के पोर्टल से जुड़े जिले के 2,55,563 किसानों को योजना की शुरुआत में पहली बार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिला।
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जांच के दौरान दस्तावेजों में खामियां मिलने पर जिले के 2,50,159 किसानों को ही दूसरी किश्त का भुगतान हो सका। जांच का सिलसिला आगे भी जारी रहा। जिले के 2,47,806 किसानों को ही तीसरी किश्त का भुगतान मिल सका। चौथी किश्त में किसानों की संख्या घटकर दो लाख 19 हजार 452 हो गई।
पांचवीं किश्त में जिले के 1,96,291 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का भुगतान हो सका। जिले के 1,86,102 किसानों को ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की छठवीं किश्त मिल सकी। सातवीं किश्त पाने के लिए सिर्फ 1,47,175 किसान रह गए।
दस्तावेजों के मिलान में गड़बड़ी पाए जाने पर किश्त रोकने की बात सामने आ रही है। गड़बड़ी दुरुस्त कराने और कृषि विभाग के पोर्टल से जुड़े 3.15 लाख किसानों को सभी किश्तों का भुगतान कराने के लिए कवायद जारी है। जिले के 59 हजार किसानों का आधार नंबर व बैंक खाता दुरुस्त कराया जा चुका है।
69 हजार 693 किसानों का आधार नंबर, बैंक खाता संख्या व नाम दुरुस्त कराए गए हैं। 27,657 किसानों के आधार व 17,902 किसानों के नाम की गड़बड़ी दुरुस्त कराई गई है। बाकी बचे 13,541 किसानों के दस्तावेजों का डाटा दुरुस्त कराया जा रहा है।
कृषि विभाग के कर्मचारियों ने अभियान चलाकर छह माह के अंदर जिले के 24 हजार से अधिक किसानों से ऑनलाइन आवेदन कराकर दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कर लिया है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराकर कृषि विभाग के पोर्टल से जुड़े 3.15 लाख किसानों का ब्यौरा सभी बैंकों को भेजा जा चुका है।
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पहली से 7वीं किश्त तक लगातार लाभार्थी किसानों की संख्या कम होती रही है। बैसाखी के दिन 14 अप्रैल को जिले के 3.15 लाख किसानों को आठवीं किश्त की सौगात मिल सकती है। एक से लेकर 7वीं किश्त तक का भुगतान पाने से वंचित किसानों से सम्मान निधि के दस्तावेजों को दुरुस्त कराने की अपील की गई है।
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जिले में कुल 3.15 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने के लिए कृषि विभाग के पोर्टल से जोड़ा गया है। कृषि विभाग के पोर्टल से जुड़े किसानों को दो-दो हजार रुपये 8वीं किश्त के रुप में भुगतान कराने की कवायद जारी है। कृषि विभाग के पोर्टल से जुड़े जिले के 2,55,563 किसानों को योजना की शुरुआत में पहली बार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिला।
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जांच के दौरान दस्तावेजों में खामियां मिलने पर जिले के 2,50,159 किसानों को ही दूसरी किश्त का भुगतान हो सका। जांच का सिलसिला आगे भी जारी रहा। जिले के 2,47,806 किसानों को ही तीसरी किश्त का भुगतान मिल सका। चौथी किश्त में किसानों की संख्या घटकर दो लाख 19 हजार 452 हो गई।
पांचवीं किश्त में जिले के 1,96,291 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का भुगतान हो सका। जिले के 1,86,102 किसानों को ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की छठवीं किश्त मिल सकी। सातवीं किश्त पाने के लिए सिर्फ 1,47,175 किसान रह गए।
दस्तावेजों के मिलान में गड़बड़ी पाए जाने पर किश्त रोकने की बात सामने आ रही है। गड़बड़ी दुरुस्त कराने और कृषि विभाग के पोर्टल से जुड़े 3.15 लाख किसानों को सभी किश्तों का भुगतान कराने के लिए कवायद जारी है। जिले के 59 हजार किसानों का आधार नंबर व बैंक खाता दुरुस्त कराया जा चुका है।
69 हजार 693 किसानों का आधार नंबर, बैंक खाता संख्या व नाम दुरुस्त कराए गए हैं। 27,657 किसानों के आधार व 17,902 किसानों के नाम की गड़बड़ी दुरुस्त कराई गई है। बाकी बचे 13,541 किसानों के दस्तावेजों का डाटा दुरुस्त कराया जा रहा है।
कृषि विभाग के कर्मचारियों ने अभियान चलाकर छह माह के अंदर जिले के 24 हजार से अधिक किसानों से ऑनलाइन आवेदन कराकर दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कर लिया है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराकर कृषि विभाग के पोर्टल से जुड़े 3.15 लाख किसानों का ब्यौरा सभी बैंकों को भेजा जा चुका है।