{"_id":"68c725c110dcbb6fc00ab8a6","slug":"wishing-happiness-and-prosperity-ballia-news-c-190-1-bal1002-148192-2025-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: सुख-समृदि्ध की कामना की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: सुख-समृदि्ध की कामना की
विज्ञापन
नगरा कस्बा स्थित एक लाज में आयोजित बैठक में शामिल विहिप के कार्यकर्ता।आयोजक
बलिया। प्रत्येक वर्ष अश्विन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर जीवित्पुत्रिका का व्रत रखा जाता है। रविवार को माताओं ने अपनी संतान की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रहकर भगवान जीमूतवाहन की पूजा कर कामना की। आसमान में बादल होने से मौसम काफी हद तक अनुकूल था, जिससे व्रत के दौरान राहत मिली।
दिनभर निर्जला व्रत के बाद शाम को नगर के माल्देपुर घाट, दरामपुर, सेमरा घाट, श्रीरामपुर, उजियार घाट, हुकुमछपरा घाट, मझौंवा घाट आदि स्थानों पर स्नान किया। पुत्र की दीर्घायु की कामना की।
नगर के बाबा बालेश्वर मंदिर, छोटी मठिया, भृगु मंदिर, मालगोदाम रोड तिराहा स्थित हनुमानमान मंदिर समेत अन्य नजदीकी मंदिर और अपने-अपने घरों में पुरोहित से कथा का श्रवण किया।
विज्ञापन
मान्यता है कि इस व्रत का पालन करने से भगवान की विशेष कृपा संतान पर बनी रहती है और जीवन में आने वाले संकट उनसे दूर रहते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि मां और संतान के अटूट रिश्ते का भी भावपूर्ण प्रतीक है। हजारों माताओं ने श्रद्धा और विश्वास के साथ निर्जला व्रत रखा।
विज्ञापन
दिनभर निर्जला व्रत के बाद शाम को नगर के माल्देपुर घाट, दरामपुर, सेमरा घाट, श्रीरामपुर, उजियार घाट, हुकुमछपरा घाट, मझौंवा घाट आदि स्थानों पर स्नान किया। पुत्र की दीर्घायु की कामना की।
विज्ञापन
नगर के बाबा बालेश्वर मंदिर, छोटी मठिया, भृगु मंदिर, मालगोदाम रोड तिराहा स्थित हनुमानमान मंदिर समेत अन्य नजदीकी मंदिर और अपने-अपने घरों में पुरोहित से कथा का श्रवण किया।
विज्ञापन
मान्यता है कि इस व्रत का पालन करने से भगवान की विशेष कृपा संतान पर बनी रहती है और जीवन में आने वाले संकट उनसे दूर रहते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि मां और संतान के अटूट रिश्ते का भी भावपूर्ण प्रतीक है। हजारों माताओं ने श्रद्धा और विश्वास के साथ निर्जला व्रत रखा।