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एससी/एसटी के मामले में तीन आरोपियों को चार वर्ष का सश्रम कारावास

Tue, 20 Aug 2019 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2019 11:24 PM IST
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Three in rigorous imprisonment in case of SC  ST
बलिया। एससी/एसटी के एक मामले में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय दयाराम की अदालत ने मुन्नी लाल, मुन्ना यादव और शिवकुमार पांडेय को दोषी मानते हुए चार-चार वर्ष की सश्रम कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने की स्थिति में तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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वादी मुकदमा रामाश्रय राम ने दिनांक दस सितंबर 1997 को खेजुरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि खेजुरी गोरनिया तिराहा मार्ग पर डा अब्दुल रहमान चिकित्सालय पर दवा लेने के लिए बैठा था। तभी एक धोबी गधा पर नमक लाद कर ले जा रहा था, जिसको वादी पहचानता था। उसे शिवकुमार पांडेय पुत्र रामबालक पांडेय ग्राम अहिरौला थाना पकड़ी के रहने वाले थे। गधे को घेरने लगे और उसे थप्पड़ से मारने लगे। उसे देखकर बीच-बचाव करने गया तो मुनीलाल, मुन्ना यादव पुत्रगण रामइकगाल ग्राम गोरनिया थाना पकड़ी के रहने वाले हैं। उसे अभद्र, अभद्र गाली देने लगे और लात-घूंसा से मारने लगे। चिल्लाने पर आसपास के लोग आकर बीचबचाव किए। इस मामले में पुलिस की चार्जशीट पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने तीनों आरोपी को दोष साबित पाते हुए चार वर्ष का सश्रम कारावास व अर्थदंड से दंडित किया।
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